September 7, 2026

अयोध्या से अरुणाचल तक निकलेगी श्रीपरशुराम कुंड आमंत्रण यात्रा: 5200KM का सफर तय करेंगे, 27 नवंबर को अयोध्या में शुभारंभ - Patna News

अरुणाचल प्रदेश में आदि तीर्थ श्रीपरशुराम कुंड पर भगवान परशुराम की 54 फुट ऊंची पंचधातु मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ बनी हुई है। इसके दर्शन और तीर्थ से देशभर को जोड़ने के लिए ‘श्रीपरशुराम कुंड आमंत्रण यात्रा’ निकाली जाएगी।

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यात्रा के दूसरे चरण का शुभारंभ 27 नवंबर को अयोध्या से होगा और करीब 5200 किलोमीटर की यात्रा तय कर 29 दिसंबर को यह रथ यात्रा श्रीपरशुराम कुंड पहुंचेगी।

विप्र फाउंडेशन के संस्थापक संयोजक सुशील ओझा ने कानपुर में इसकी घोषणा करते हुए बताया कि यह यात्रा भगवान श्रीराम से भगवान परशुराम तक की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जुड़ाव का संदेश लेकर निकलेगी। उन्होंने कहा, यह केवल एक रथयात्रा नहीं, बल्कि देश की विविध संस्कृतियों, तीर्थ परंपराओं और सनातन चेतना का महामिलन है।

कांचीपुरम से जयपुर तक पूरा हुआ प्रथम चरण

ओझा ने बताया कि यात्रा का प्रथम चरण दक्षिण भारत के कांची कामकोटि मठ से आरंभ हुआ था। करीब 12462 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर इसका समापन जयपुर के श्रीगोविंददेवजी मंदिर में हुआ। अब द्वितीय चरण में यात्रा अयोध्या से अरुणाचल प्रदेश स्थित श्रीपरशुराम कुंड तक जाएगी।

11 राज्यों से होकर गुजरेगी यात्रा

यात्रा संयोजक एवं विप्र फाउंडेशन उत्तर प्रदेश जोन-4 के अध्यक्ष पं. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि ‘श्रीराम से परशुराम’ मंगल यात्रा 11 राज्यों से होकर गुजरेगी। अयोध्या में धर्माचार्यों के सान्निध्य में विशेष अनुष्ठान और सरयू तट पर महाआरती के बाद यात्रा का विधिवत शुभारंभ होगा।

‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ बना आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक

सुशील ओझा ने बताया, भारत के ईशान कोण में चीन की सीमा के निकट लोहित नदी के तट पर स्थित श्रीपरशुराम कुंड पौराणिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ है।

विप्र फाउंडेशन द्वारा पांच वर्षों में पूर्ण किए गए भव्य मूर्ति स्थापना प्रकल्प के तहत यहां भगवान परशुराम की 54 फुट ऊंची पंचधातु प्रतिमा स्थापित की गई है।

अमित शाह ने किया था शिलान्यास

मूर्ति स्थापना का भूमि-पूजन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया था। भारत सरकार और अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा तीर्थ क्षेत्र के विकास के लिए व्यापक विकास कार्य किए गए हैं। मूर्ति स्थापना के माध्यम से विप्र फाउंडेशन तीर्थोन्नयन में सहभागिता निभा रहा है।

विकास कार्यों में मुख्य भूमिका निभा रहे स्थानीय विधायक एवं अरुणाचल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री चाऊना मीन ने प्रतिमा का नामकरण ‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ किया है।

सुशील ओझा ने कहा, विप्र फाउंडेशन के इस प्रकल्प से भगवान परशुराम की तपोस्थली को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिली है और यहां श्रद्धालुओं का आवागमन निरंतर बढ़ रहा है।

पं. नरेंद्र शर्मा ने कहा, ‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ अब राष्ट्रीय आस्था, सांस्कृतिक एकता और सनातन चेतना का प्रभावशाली प्रतीक बन चुका है। यात्रा के माध्यम से देशभर के श्रद्धालुओं और समाज को श्रीपरशुराम कुंड से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य विजय पांडे ने बताया कि यात्रा के संयोजन का दायित्व पं. नरेंद्र शर्मा, कानपुर एवं विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव संजय शर्मा, सिलीगुड़ी को सौंपा गया है।