September 27, 2026

500 करोड़ का घोटाला विधानसभा में भी उठ चुका: 272 प्लॉट घोटाले में FIR; 2 करोड़ रिश्वत ली, दलाल गिरफ्तार, SOG का एएसपी हिरासत में - Jaipur News

उदयपुर निगम के 272 प्लॉटों के घोटाले में एफआर लगाने और जब्त सामान छोड़ने के बदले एसओजी के एडि. एसपी मुकेश सोनी के नाम पर 2 करोड़ रुपए घूस लेते हुए एसीबी ने दलाल सज्जन सिंह जैन को गिरफ्तार कर लिया। देर रात एडिशनल एसपी मुकेश सोनी को बालोतरा से हिरासत म

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  • विवादों में अजमेर से हटाए गए थे एडि. एसपी सोनी

एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसके खिलाफ सूरजपोल थाने में 272 प्लॉट घोटाले का केस दर्ज है। जांच एसओजी के एएसपी मुकेश सोनी कर रहे हैं। मामले में एफआर लगाने के लिए 2 करोड़ रुपए की घूस मांगी गई है। सत्यापन के बाद दलाल को रिश्वत लेने के लिए बुलाया। जैसे ही दलाल ने रुपए से भरा बैग लिया इंस्पेक्टर डॉ. सोनू शेखावत की टीम ने ट्रैप कर लिया। एसीबी ने परिवादी से 4 लाख रुपए के असली नोट और 1.96 करोड़ रुपए के डमी नोट रखवाए थे।

पूरा मामला : 2012 में यूआईटी ने कई कॉलोनियां निगम को सौंपी थीं। इनमें करोड़ों के प्लॉट खाली थे। भू-माफियाओं ने निगम, यूआईटी के अफसरों से मिलीभगत कर फर्जी आवंटन पत्र लगाए और बिना पैसा जमा कराए फर्जी चालान पर पट्टे जारी करा लिए।

1.96 करोड़ के नोट डमी पर घूसखोर असली

साल 2022 में परिवादी की पत्नी के जेवर (2 किलो सोना) और 11 लाख रुपए जब्त किए गए थे; गहने छुड़ाना चाहता था

वर्ष 2022 में निगम 272 प्लॉट घोटाले की एफआईआर सूरजपोल थाने में दर्ज कराई गई थी। एसओजी ने 4 अगस्त को सुखेर निवासी सेवानिवृत्त अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कांकरिया और उनके पति निरंजन मोगरा को गिरफ्तार किया था। उनके घर से 2 किलो सोने के जेवर और 11 लाख रुपए जब्त किए थे। इसी मामले में एफआर लगाने और जब्त सामान छोड़ने के लिए रिश्वत ली गई है। यह 500 करोड़ का घोटाला विधानसभा में भी उठ चुका है।

हाईकोर्ट ने रेंज से बाहर भेजने के आदेश दिए थे

  • अजमेर में नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में आरोपी को फायदा पहुंचाने के आरोपों पर साल 2022 में मुकेश सोनी सहित 3 पुलिस अफसरों को हाईकोर्ट ने रेंज से बाहर भेजने के आदेश दिए थे।
  • साल 2024 में मुकेश सोनी एसओजी की अजमेर चौकी में तैनात रहे थे। तब भी कई मामलों में विवादित रहने के कारण उन्हें वहां से हटा दिया गया था। हालांकि नवंबर 2025 में एसओजी की उदयपुर यूनिट में भेज दिया गया।

कार में हुई डील; एएसपी ने मोबाइल स्क्रीन पर लिखा था सिर्फ 2 करोड़

दो करोड़ रुपए की रिश्वत के मामले में दलाल सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला ने परिवादी का भरोसा जीतने के लिए उसकी मुलाकात एएसपी मुकेश सोनी से करवाई थी। मुलाकात भी किसी दफ्तर में नहीं, बल्कि उदयपुर में एक चौराहे के पास खड़ी कार में हुई। परिवादी ने एसीबी अधिकारियों को बताया कि कार की आगे वाली सीट पर एएसपी मुकेश सोनी बैठे थे। पीछे की सीट पर वह और दलाल सज्जन सिंह जैन। परिवादी का आरोप है कि सज्जन सिंह ने उससे संपर्क कर मामला निपटाने के बदले में दो करोड़ रुपए नकद मांगे थे। इतनी बड़ी रकम की मांग पर परिवादी ने कहा कि पहले उसकी एएसपी से मुलाकात करवाई जाए, ताकि विश्वास हो सके कि सौदा उन्हीं के लिए किया जा रहा है।

इसके बाद सज्जन सिंह ने उसकी उदयपुर में एएसपी मुकेश सोनी से मुलाकात करवाई थी। कार में बातचीत के दौरान दलाल ने मामला निपटाने के बदले दो करोड़ रुपए देने की बात कही। बातचीत रिकॉर्ड होने के डर से पूरे समय मुकेश सोनी चुप बैठे रहे। काफी टटोलने के बाद भी उन्होंने पैसे या मामले से जुड़ी कोई बात नहीं की। आखिरी समय में अपने मोबाइल की स्क्रीन पर सिर्फ ‘2 करोड़’ लिखकर परिवादी को दिखाया और मामला खत्म करने का आश्वासन देने का इशारा किया। इस मुलाकात के बाद सज्जन सिंह लगातार परिवादी के संपर्क में रहा। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया और शनिवार को कार्रवाई करते हुए दलाल सज्जन सिंह को रिश्वत के मामले में रंगे हाथ पकड़ लिया।