September 2, 2026

साइबर कैफे में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का खुलासा: जमुई में 500 से 1500 रुपये लेकर हेरफेर, लैपटॉप-दस्तावेज जब्त; 3 पर FIR - Jamui News

जमुई के बरहट थाना क्षेत्र के पाड़ों बाजार स्थित आयुष साइबर कैफे में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले का खुलासा हुआ है। मंगलवार शाम पुलिस की छापेमारी में एक लैपटॉप और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए।

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शुरुआती जांच में लैपटॉप से कई अहम डिजिटल सुराग मिलने के बाद पुलिस ने बुधवार को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।

देखें, मौके से आई तस्वीरें…

लैपटॉप में मिले डिजिटल गतिविधियों के सुराग

पुलिस की शुरुआती जांच में लैपटॉप में ऐसी वेबसाइटों और डिजिटल गतिविधियों के संकेत मिले हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर दस्तावेजों में हेरफेर करने और उन्हें डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के लिए किया जाता था। पुलिस अब जब्त लैपटॉप, डिजिटल सामग्री और दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।

डाक कर्मी पर कैफे पहुंचकर हेरफेर करने का आरोप

सूत्रों के अनुसार, खैरा प्रखंड के एक कार्यालय में कार्यरत डाक विभाग के कर्मचारी संजय कुमार यादव मंगलवार और गुरुवार को आयुष साइबर कैफे पहुंचते थे। आरोप है कि इसी दौरान मूल जन्म प्रमाण पत्रों में हेरफेर कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए जाते थे।

आधार और दूसरे सरकारी दस्तावेजों में इस्तेमाल

आशंका जताई जा रही है कि इन फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल आधार कार्ड और अन्य जरूरी सरकारी दस्तावेज बनवाने में किया गया होगा। जांच में यह भी सामने आया है कि इस कथित काम के लिए लोगों से 500 से 1500 रुपये तक लिए जाते थे।

कितने प्रमाण पत्र बने, पुलिस कर रही जांच

पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब तक कितने जन्म प्रमाण पत्रों में हेरफेर किया गया और कितने फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए गए। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल आधार कार्ड या अन्य सरकारी दस्तावेज बनवाने में कहां और किस तरह किया गया।

मूल दस्तावेज और तैयार प्रमाण पत्र भी जब्त

छापेमारी के दौरान पुलिस को मूल दस्तावेज, तैयार प्रमाण पत्र और अन्य संदिग्ध सामग्री भी मिली है, जिसे जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित फर्जीवाड़े से कितने लोग जुड़े हुए हैं और अब तक कितने लोगों के दस्तावेजों में बदलाव किया गया है।

कैफे संचालक समेत तीन लोगों पर FIR

जांच में साइबर कैफे से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने कैफे संचालक और पूर्व पैक्स अध्यक्ष अरुण कुमार यादव, कैफे कर्मी पीतांबर कुमार और डाक विभाग के कर्मचारी संजय कुमार यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पूरे मामले की जानकारी डाक विभाग को भी दे दी गई है।

नोटिस और बॉन्ड की प्रक्रिया के बाद दो आरोपी मुक्त

पीतांबर कुमार और संजय कुमार यादव को बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस और बॉन्ड की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद मुक्त कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

थानाध्यक्ष बोले- FIR दर्ज, जांच जारी

बरहट थानाध्यक्ष कुमार संजीव ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों को जब्त कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।