
पेपर लीक रोकने के लिए बड़ा प्लान
राष्ट्रीय परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर रोक लगाने के लिए गठित नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय टास्क फोर्स तेजी से काम कर रही है. समिति ने करीब दो महीने में 18 बैठकें और 40 से ज्यादा परामर्श बैठकें की हैं. इसे स्टूडेंट्स, अभिभावकों, संगठनों और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों से 50 हजार से अधिक सुझाव मिले हैं. इनमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पुनर्गठन, परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव जैसे प्रस्ताव शामिल हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट अक्टूबर के अंत तक सरकार को सौंप सकती है.
58 बैठकों में परीक्षा सुधारों पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को छह सदस्यीय उच्चस्तरीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की थी. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है. समिति ने विभिन्न मंत्रालयों, परीक्षा एजेंसियों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा की है. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में भी इन बैठकों और सुझावों का जिक्र किया गया है.
NTA के पुनर्गठन का प्रस्ताव
यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने NTA में बड़े बदलाव करने के सुझाव दिए हैं. इनमें एजेंसी के 75 फीसदी तकनीकी और सुरक्षा पदों को तीन साल के भीतर स्थायी कर्मचारियों से भरने तथा आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या कुल कार्यबल के 25 फीसदी तक सीमित रखने का प्रस्ताव शामिल है. टास्क फोर्स ने संसद में कानून पारित कराकर NTA को कानूनी अधिकारों से लैस एक राष्ट्रीय परीक्षा प्राधिकरण का दर्जा देने का सुझाव भी दिया है. इसके तहत साइबर सुरक्षा, डिजिटल फोरेंसिक्स, साइकोमेट्रिक्स और सतर्कता के लिए अलग विभाग बनाने का सुझाव दिया गया है.
परीक्षा प्रक्रिया में हो सकते हैं बदलाव
टास्क फोर्स परीक्षा के अलग-अलग काम अलग एजेंसियों को सौंपने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है.इ ससे प्रश्नपत्र तैयार करने, सुरक्षा व्यवस्था संभालने और परीक्षा केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारियां अलग-अलग तय करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा, प्रमाणित परीक्षा केंद्रों का राष्ट्रीय रजिस्टर बनाने, सालाना निरीक्षण और परीक्षा से 15 दिन पहले भौतिक ऑडिट कराने का सुझाव दिया गया है. निरीक्षण में विफल केंद्रों पर कार्रवाई की सिफारिश भी की गई है.
NEET को CBT मोड में कराने की तैयारी
सरकार अगले साल से NEET को पेन-पेपर के बजाय कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में कराने की योजना पर काम कर रही है. इसके लिए परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ आधुनिक आईटी सुविधाओं और मजबूत बुनियादी ढांचे को विकसित करना जरूरी होगा. AI की मदद से पेपर लीक का पता लगाने, प्रश्नपत्र डिजिटल रूप से लॉक करने और प्रश्नों का बड़ा बैंक तैयार रखने जैसे सुझाव भी मिले हैं. समिति ने लिसन एट स्केल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आम लोगों द्वारा दिए गए सुझावों की समीक्षा की है. इन सुझावों और प्रस्तावों के आधार पर अब अंतिम रिपोर्ट तैयार की जा रही है.

सपना यादव
दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को लक्ष्य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.
Read More