August 3, 2026

उत्तराखंड में बारिश का डबल अटैक! गंगोत्री हाईवे पर 50 मीटर का हिस्सा धंसा, यमुनोत्री मार्ग पर भी खतरा

Uttarkashi News: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है. चढ़ेथी से आगे पापड़ गाड़ के पास सड़क का करीब 50 मीटर हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया है. इससे चढ़ेथी बाजार और क्यार्क गांव पर खतरा बढ़ गया है. फिलहाल कांवड़ यात्रा को देखते हुए BRO ने सड़क को अस्थायी रूप से खोल दिया है. वाहनों की आवाजाही जारी है, लेकिन सड़क अब भी खतरे की जद में है. यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो सड़क को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है.

कांवड़ यात्रा के बीच प्रशासन की बढ़ी चुनौती

इन दिनों कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है. ऐसे में हजारों श्रद्धालु गंगोत्री और आसपास के मार्गों से गुजर रहे हैं. लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है. पुलिस और प्रशासन की टीमें सुबह से ही संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं. अधिकारी कांवड़ियों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार कराने में जुटे हुए हैं. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है. यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील कर रहा है.

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यमुनोत्री हाईवे पर भी संकट

दूसरी ओर यमुनोत्री हाईवे पर भी हालात चिंताजनक बने हुए हैं. स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. पिछले वर्ष प्रशासन ने यहां बनी झील को खोलकर राहत दी थी, लेकिन इस बार फिर नदी में गाद और मलबा जमा होने लगा है. पानी का स्तर पुल तक पहुंच गया है, जिससे स्यानाचट्टी के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है.

सिलाई बैंड में लगातार भूस्खलन से यात्रा प्रभावित

यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड के पास कई दिनों से लगातार भूस्खलन हो रहा है. इसके कारण सड़क बार-बार बाधित हो रही है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन और संबंधित एजेंसियां सड़क खोलने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बड़ी चुनौती बन रही है. प्राकृतिक आपदा के सामने प्रशासन की कोशिशें भी सीमित नजर आ रही हैं.

धराली में एक साल बाद लौटने लगी सामान्य जिंदगी

पिछले वर्ष 5 अगस्त को आई भीषण आपदा ने धराली और भागीरथी घाटी को भारी नुकसान पहुंचाया था. उस समय लोगों के घर, खेत, बाग-बगीचे, दुकानें और अन्य संपत्तियां मलबे में दब गई थीं. पूरे क्षेत्र में तबाही का मंजर था और लोगों का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था.

पुनर्वास से पुनर्विकास तक तेजी से हुए कार्य

आपदा के एक वर्ष बाद अब धराली और आसपास के इलाकों की तस्वीर काफी बदल चुकी है. उत्तराखंड सरकार ने पुनर्वास के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं को बहाल करने पर तेजी से काम किया है. खेतों में फिर हरियाली लौटने लगी है, सुरक्षात्मक कार्यों को गति मिली है और लोगों का जीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है.

सरकार के त्वरित फैसलों और लगातार किए गए प्रयासों से भागीरथी घाटी में पुनर्विकास की नई तस्वीर देखने को मिल रही है. हालांकि राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन अब भी चुनौती बने हुए हैं, इसलिए प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील कर रहा है.

सुरेश चंद रमोला

सुरेश चंद रमोला

सुरेश चंद रमोला देवभूमि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद के वरिष्ठ पत्रकार हैं. वर्ष 2004 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए वे जनसरोकारों और आम जनता की आवाज को प्रमुखता से उठाते आ रहे हैं. उन्होंने वर्ष 2004 से 2008 तक दैनिक जागरण में कार्य किया. इसके बाद वर्ष 2008 से 2018 तक राष्ट्रीय सहारा से जुड़े रहे. वर्ष 2018 से 2020 तक उन्होंने नेटवर्क 10 न्यूज चैनल में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में टीवी9 भारतवर्ष के लिए उत्तरकाशी से रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

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