August 30, 2026

50 हजार तक की राशि पाना हुआ आसान: कोर्ट जाने की जरूरत नहीं, पीड़ित को थाने में देना होगा सिर्फ 100 रुपए का बॉन्ड - Raipur News

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  • Getting Up To 50,000 Rupees Has Become Easier; No Need To Go To Court; Victims Need Only Submit A 100 Rupee Bond At The Police Station.

रायपुर1 दिन पहलेलेखक: प्रमोद साहू

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साइबर ठगी के शिकार लोगों या जिनकी रकम ठगों के खातों में होल्ड कराई गई है, उन्हें पैसा वापस पाने के लिए अब थाने और कोर्ट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। केंद्र की नई गाइडलाइन के बाद छत्तीसगढ़ में भी होल्ड रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए पीड़ितों को क्षतिपूर्ति बॉन्ड भरना पड़ रहा है।

रायपुर में इसके लिए 100 रुपए का बॉन्ड लिया जा रहा है। हालांकि स्पष्ट निर्देश नहीं होने के कारण कुछ जगह 1000 रुपए तक का बॉन्ड लिया जा रहा है। इंडियन स्टाम्प एक्ट-1899 के तहत क्षतिपूर्ति बॉन्ड के लिए 1000 रुपए की स्टाम्प ड्यूटी है।

यानी किसी को 500 रुपए भी वापस लेने हैं तो 1000 रुपए का बांड भरना पड़ सकता है।

साइबर ठगी के पीड़ितों के लिए गृह मंत्रालय और भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने मनी रीस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) और ग्रीवांस रिड्रेसल मैकेनिज्म (GRM) पोर्टल लॉन्च किया है। नई व्यवस्था में 50 हजार रुपए तक की होल्ड रकम पुलिस के पास क्षतिपूर्ति बांड जमा करने के बाद एक सप्ताह के भीतर वापस मिल सकेगी।

यह बांड एक तरह का शपथ पत्र है। इसमें पीड़ित को लिखकर देना होगा कि कोर्ट के निर्देश पर वह रकम वापस करने के लिए सहमत है।

पिछले तीन साल में 68000 लोगों से 729 करोड़ की ठगी: पुलिस विभाग से मिले आंकड़ों पर नजर डालें तो राज्य में पिछले तीन साल में 68,000 लोगों से 729 करोड़ रुपए की ठगी हुई। इसमें से 72 करोड़ रुपए होल्ड कराए गए।

जानिए, इसलिए जरूरी है बॉन्ड

साइबर ठगी के मामले में बॉन्ड भरना इसलिए जरूरी है, क्योंकि राशि लौटाने के बाद कोई दूसरा दावेदार अदालत पहुंचता है या अदालत किसी अन्य वैधानिक कारण से रकम वापस मांगती है तो संबंधित व्यक्ति उत्तरदायी रहेगा। आई4सी ने आदेश जारी किया है। राजस्थान में बॉन्ड राशि 200 रुपए, इंदौर में 500 और भोपाल में 1000 रुपए है। रायपुर में अभी 100 रुपए का बॉन्ड लिया जा रहा है।

50 हजार तक की ठगी में FIR जरूरी नहीं साइबर ठगी में 50 हजार रुपए तक की फ्रीज रकम वापस लेने के लिए पीड़ित को एफआईआर या कोर्ट के आदेश की जरूरत नहीं होगी। पुलिस पीड़ित से क्षतिपूर्ति बॉन्ड भरवाएगी। फिर रकम खाते में जमा की जाएगी।

50 हजार से ज्यादा रकम पर FIR जरूरी साइबर ठगी में सिंगल खाते में 50 हजार रुपए से अधिक रकम होल्ड होने पर एफआईआर जरूरी होगी। एमआरएम पोर्टल पर रिक्वेस्ट के बाद पुलिस टीम क्षतिपूर्ति बॉन्ड और नोटिस अपलोड करेगी। फिर पैसे मिलेंगे।

भास्कर एक्सपर्ट - नरेश पटेल, एसीपी साइबर सेल

ऐसे मिलेगी होल्ड राशि

  • मनी रेस्टोरेशन सिटीजन पोर्टल https://mrm-ncrp.mha.gov.in पर जाएं।
  • एक्नॉलेजमेंट नंबर या ओटीपी से लॉगइन करें।
  • स्पष्ट रूप से दिखेगा कि किस बैंक खाते में आपकी कितनी राशि होल्ड की गई है।
  • आईएफएससी कोड, बैंक डिटेल्स, धोखाधड़ी की राशि का विवरण, पैन कार्ड, एफआईआर की कॉपी, कोर्ट का रिफंड ऑर्डर अपलोड करें।
  • ‘Raise Request For Refund’ पर क्लिक करें। इसके बाद यूनिक आईडी नंबर जेनरेट होगा।
  • आपकी रिक्वेस्ट जांच अधिकारी तक पहुंचेगी।
  • सत्यापन और पीड़ित से बॉन्ड लेने के बाद खाते में राशि रिफंड कर दी जाएगी।

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