October 5, 2026

50 साल में छठा मौका: इस बार 10 दिन की नवरात्रि, 20 को दशहरा - Vidisha News

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इस बार शारदीय नवरात्रि विशेष संयोग लेकर आ रही है। नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होगी। पर्व 10 दिन चलेगा। 20 अक्टूबर को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। पंचांग गणना के अनुसार करीब 50 साल में यह छठा मौका है, जब तिथि वृद्धि से शारदीय नवरात्रि 10 दिन की होगी। इससे पहले 1982, 1998, 2000, 2016 और 2025 में भी यह संयोग बना था। इस बार सप्तमी-अष्टमी तिथियों में वृद्धि से अवधि बढ़ी है।

धर्माधिकारी पं. विनोद शास्त्री के अनुसार आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर रात 9.19 बजे शुरू होगी। तिथि 11 अक्टूबर रात 9.31 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्टूबर माना जाएगा। 20 अक्टूबर को नवरात्रि का पारणा होगा।

इसी दिन विजयादशमी भी मनाई जाएगी। 20 अक्टूबर को श्रवण नक्षत्र का योग रहेगा। शास्त्रीय गणना के अनुसार इसी दिन दशहरा मनाना उचित है। इन 10 दिनों में शहर के प्रमुख दुर्गा मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी। जगह-जगह मां दुर्गा की झांकियां सजेंगी। श्रद्धालु घरों में घटस्थापना करेंगे। अखंड ज्योति जलाएंगे। जवारे बोएंगे। श्री दुर्गा सप्तशती, दुर्गा कवच, दुर्गा चालीसा, देवी अथर्वशीर्ष, सिद्ध कुंजिका स्त्रोत, रात्रि सूक्त, श्री सूक्त का पाठ करेंगे। पहले दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का संयोग नवरात्रि के पहले दिन चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग का संयोग भी बनेगा। प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर रात 9.19 बजे से 11 अक्टूबर रात 9.31 बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र 10 अक्टूबर रात 9.42 बजे से 11 अक्टूबर रात 10.32 बजे तक रहेगा। वैधृति योग 10 अक्टूबर रात 10.02 बजे से 11 अक्टूबर रात 9.05 बजे तक रहेगा। मां की सवारी से वर्ष के फल की मान्यता {हाथी पर आगमन : धन-धान्य में वृद्धि, सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा का संकेत। { मुर्गे पर प्रस्थान : धार्मिक मान्यता में जनमानस की व्याकुलता, अशांति और उद्विग्नता का सूचक।

50 साल में इन 6 वर्षों में 10 दिन की नवरात्रि { 1982-तिथि विस्तार के कारण नवरात्रि 10 दिनों की रही। { 1998-एक तिथि की वृद्धि के कारण 10 दिन का पर्व रहा। { 2000-28 सितंबर से 7 अक्टूबर तक 10 दिन की नवरात्रि रही। { 2016- प्रतिपदा दो दिन रहने से 1 से 10 अक्टूबर तक नवरात्रि रही, 11वें दिन दशहरा मनाया गया। { 2025-चतुर्थी तिथि की वृद्धि से 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक 10 दिन की नवरात्रि रही। {2026-सप्तमी-अष्टमी तिथि में वृद्धि के कारण 11 से 20 अक्टूबर तक 10 दिन की नवरात्रि।

नवरात्रि के प्रमुख दिन {11 अक्टूबर-घटस्थापना और नवरात्रि का शुभारंभ {17-18 अक्टूबर-सप्तमी तिथि को लेकर पंचांगों में मतांतर {18-19 अक्टूबर-अष्टमी तिथि को लेकर पंचांगों में मतांतर {19 अक्टूबर-महानवमी की पूजा {20 अक्टूबर-नवरात्रि पारणा और विजयादशमी

रविवार से शुरुआत, हाथी पर आएंगी मां अंबे इस बार नवरात्रि की शुरुआत रविवार से हो रही है। देवी भागवत और देवी पुराण की मान्यताओं के अनुसार रविवार से नवरात्रि शुरू होने पर मां दुर्गा का आगमन गज यानी हाथी पर होता है। हाथी को लक्ष्मी और गज लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। इसलिए हाथी पर आगमन को धन-धान्य, सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा का संकेत माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इसे अतिवृष्टि और भारी बारिश से भी जोड़ा गया है। देवी का प्रस्थान मुर्गे पर होगा। मान्यता के अनुसार मुर्गे पर प्रस्थान को जनमानस में व्याकुलता, अशांति, उद्विग्नता का संकेत माना जाता है।