किशनगंज में मध्याह्न भोजन योजना (MDM) के वेंडरों का करीब पांच माह से भुगतान लंबित रहने का मामला तूल पकड़ने लगा है।
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भुगतान नहीं होने से नाराज बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने जिलाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (PM-POSHAN) को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर तत्काल बकाया भुगतान कराने की मांग की है।
वेतन और निजी पैसे से सितंबर तक चला भोजन
संघ के जिलाध्यक्ष रागीबुर रहमान ने गुरुवार को पत्रांक BRPSS-KNE/55/2026 के जरिए भेजे पत्र में कहा कि विभाग की ओर से MDM वेंडरों को करीब पांच माह से भुगतान नहीं किया गया है।
इसके बावजूद विद्यालय प्रधानों ने अपने वेतन और निजी व्यवस्था से सितंबर तक बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन संचालित कराया। भुगतान के लिए वेंडरों की ओर से लगातार तकादा किए जाने से प्रधान आर्थिक और मानसिक दबाव में हैं।
1 अक्टूबर से भोजन बंद करने की दी थी सूचना
संघ के अनुसार, करीब डेढ़ पखवाड़ा पहले विद्यालय प्रधानों ने विभाग को स्थिति से अवगत कराते हुए कहा था कि बकाया भुगतान नहीं होने पर 1 अक्टूबर से भोजन संचालित करना मुश्किल होगा।
प्रधानों ने विभाग से बकाया राशि का भुगतान कराने के साथ MDM को NGO या किसी अन्य वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए संचालित कराने का अनुरोध किया था।

भुगतान नहीं हुआ, उल्टे स्पष्टीकरण का पत्र
संघ का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद अब तक भुगतान नहीं किया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
इसके विपरीत DPO की ओर से पत्रांक 652 जारी कर संबंधित विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा गया और भोजन संचालित रखने का दबाव बनाया गया। संघ ने इसे प्रधानों पर अतिरिक्त दबाव और प्रताड़ना जैसा बताया है।
कायाकल्प के खर्च पर भी संघ ने उठाए सवाल
पत्र में दीपावली से पहले विद्यालयों के कायाकल्प और रंग-रोगन के लिए प्रधानों को अपने स्तर से खर्च करने के निर्देश पर भी सवाल उठाया गया है।
संघ ने भागलपुर में एक प्रधान द्वारा विभागीय दबाव में आत्महत्या किए जाने और किशनगंज में पूर्व में हुई घटनाओं का हवाला देते हुए विभाग से संवेदनशीलता बरतने की मांग की है। साथ ही MDM और निर्माण कार्य BSEIDC के माध्यम से कराने की मांग की गई है।
DEO बोले- नई व्यवस्था लागू होने से हुई देरी
जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर अहमद ने कहा कि यह पूरे बिहार का मामला है। पहले की व्यवस्था में बदलाव कर अब नई व्यवस्था लागू की गई है। राशि की निकासी अब ट्रेजरी और CFMS के माध्यम से होगी।
इसकी प्रक्रिया में कई महीने लगे हैं, लेकिन जल्द से जल्द सभी वेंडरों का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने विद्यालय प्रधानों से अपील की कि बच्चों को भोजन खिलाते रहें, सभी बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।