सावन का महीना हो और कांवड़ यात्रा में कुछ अनोखा देखने को न मिले, ऐसा हो ही नहीं सकता. हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे शिवभक्तों की कांवड़ यात्रा में इस बार भी अलग-अलग रंग और अंदाज देखने को मिल रहे हैं. इसी बीच मुजफ्फरनगर में एक ऐसी कांवड़ ने लोगों का ध्यान खींच लिया, जिसे देखकर हर कोई कुछ पल के लिए ठिठक गया.
इस कांवड़ में भगवान शिव शंकर किसी सामान्य वाहन या नंदी पर नहीं, बल्कि McLaren जैसी दिखने वाली लग्जरी स्पोर्ट्स कार में विराजमान थे. कार देखकर सड़क से गुजरने वाला हर शख्स इसे असली समझ रहा था. बताया गया कि असली McLaren की कीमत करीब 5 करोड़ रुपये तक हो सकती है. लेकिन जब लोगों को पता चला कि यह करोड़ों की कार नहीं बल्कि करीब 7-8 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई डमी स्पोर्ट्स कार है, तो इसकी चर्चा और बढ़ गई. इस अनोखी कांवड़ को दिल्ली के नवादा गांव के रहने वाले छह शिवभक्त लेकर हरिद्वार से निकले हैं. इन शिवभक्तों ने 28 जुलाई को हरिद्वार की हर की पौड़ी से करीब 40 लीटर गंगाजल उठाया और उसे लेकर अपनी कांवड़ यात्रा शुरू की.
कार पर विराजमान हैं भगवान शिव
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इस कांवड़ की सबसे खास बात इसका पूरा लुक है. दूर से देखने पर यह स्पोर्ट्स कार बिल्कुल किसी महंगी लग्जरी कार जैसी नजर आती है. कार के अंदर भगवान शिव शंकर की प्रतिमा को विराजमान किया गया है. सड़क पर जब यह कांवड़ मुजफ्फरनगर पहुंची तो लोगों की नजरें इस पर टिक गईं. कई लोग यह समझ रहे थे कि करोड़ों रुपये की असली स्पोर्ट्स कार में भगवान भोलेनाथ को लेकर कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है. बाद में सामने आया कि यह असली कार नहीं बल्कि खास तौर पर कांवड़ यात्रा के लिए तैयार की गई डमी कार है. शिवभक्तों के मुताबिक, इसे तैयार कराने में करीब 7 से 8 लाख रुपये खर्च हुए हैं. यानी करोड़ों की असली कार खरीदने के बजाय शिवभक्तों ने उसी तरह की दिखने वाली डमी कार तैयार कराई और उसमें भगवान शिव को विराजमान कर कांवड़ यात्रा शुरू कर दी.
ऑफिस में बैठे-बैठे बना था आइडिया
इस अनोखी कांवड़ का आइडिया कैसे आया, इसकी कहानी भी दिलचस्प है. कांवड़ लेकर चल रहे शिवभक्त दीपक शर्मा के मुताबिक, वे दिल्ली के नवादा गांव के रहने वाले हैं. उनके साथ कुल छह लोग इस यात्रा में शामिल हैं. दीपक शर्मा ने बताया कि सभी लोग अपने ऑफिस में बैठे थे. सावन आने वाला था और सभी इस बार कुछ अलग करने के बारे में सोच रहे थे. कांवड़ यात्रा में भगवान शिव को कंधे पर या नंदी के जरिए ले जाने की परंपरा और अलग-अलग तरह की कांवड़ देखने के बाद उनके मन में कुछ नया करने का विचार आया. इसी दौरान उनके एक साथी के दिमाग में स्पोर्ट्स कार के अंदर भोलेनाथ को विराजमान कर कांवड़ लाने का विचार आया. इसके बाद सभी ने इस विचार को अमल में लाने का फैसला किया.
शिवभक्त दीपक शर्मा के मुताबिक, असली McLaren की कीमत करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये तक बताई जाती है. लेकिन उनके लिए असली कार खरीदना मकसद नहीं था. वे ऐसी डमी कार बनाना चाहते थे जो देखने में स्पोर्ट्स कार जैसी लगे और उसमें भोलेनाथ को विराजमान करके कांवड़ यात्रा निकाली जा सके. इस डमी कार को तैयार करने में करीब 7 से 8 लाख रुपये का खर्च आया. कांवड़ यात्रा के दौरान जब यह कार सड़क पर पहुंची तो दूर से देखने वाले लोग इसे असली समझ बैठे. कार का डिजाइन और उसमें भगवान शिव की मौजूदगी ने इसे सामान्य कांवड़ से बिल्कुल अलग बना दिया.
40 लीटर गंगाजल लेकर निकले छह शिवभक्त
इस पूरी कांवड़ यात्रा में छह शिवभक्त शामिल हैं. इन लोगों ने 28 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल उठाया था. शिवभक्तों के मुताबिक, करीब 40 लीटर गंगाजल कांवड़ के अंदर रखा गया है. इस गंगाजल को लेकर वे दिल्ली के नवादा गांव स्थित शिव मंदिर पहुंचेंगे और वहां भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे. यात्रा के दौरान कांवड़ को लेकर चल रहे छह शिवभक्तों के बीच जिम्मेदारियां भी बंटी हुई हैं. उनकी कोशिश है कि यात्रा पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ पूरी की जाए. इतनी अलग और महंगी दिखने वाली कांवड़ लेकर चल रहे दीपक शर्मा का कहना है कि इसके पीछे उनकी कोई बड़ी या खास मनोकामना नहीं है. उनकी इच्छा सिर्फ इतनी है कि उनके परिवार में सुख-शांति बनी रहे.
दीपक के मुताबिक, इस बार कुछ अलग करने का विचार अचानक बना और उन्हें लगा कि भोलेनाथ की कृपा से यह यात्रा भी पूरी हो जाएगी. उनकी बातों में कांवड़ यात्रा की भव्यता से ज्यादा आस्था दिखाई देती है. करोड़ों की कार जैसी दिखने वाली डमी कार भले ही लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई हो, लेकिन शिवभक्तों के लिए इसका मकसद भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और परिवार की सुख-शांति की कामना है.
मुजफ्फरनगर से गुजरता है कांवड़ यात्रा का बड़ा रास्ता
हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले करोड़ों शिवभक्त पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग रास्तों से अपने गंतव्य की ओर जाते हैं. मुजफ्फरनगर भी कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों में शामिल है. हर साल सावन के दौरान इस मार्ग पर कांवड़ियों की भारी भीड़ दिखाई देती है. अलग-अलग शहरों और राज्यों से आने वाले शिवभक्त अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार अलग-अलग तरह की कांवड़ तैयार करते हैं. कहीं विशाल कांवड़ दिखाई देती है तो कहीं नंदी, मंदिर, डमरू और भगवान शिव से जुड़े अलग-अलग स्वरूप कांवड़ का हिस्सा बने नजर आते हैं. इसी क्रम में इस बार स्पोर्ट्स कार वाली कांवड़ भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई.
जिसने देखा, उसकी नजर कार पर टिक गई
मुजफ्फरनगर में इस कांवड़ के पहुंचने के दौरान सड़क से गुजर रहे लोगों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण कार थी. इसकी बनावट देखकर कई लोगों को लगा कि सचमुच करोड़ों रुपये की कोई स्पोर्ट्स कार कांवड़ यात्रा में शामिल है. लेकिन यह कार असली नहीं थी. इसे खास तौर पर इस यात्रा के लिए तैयार कराया गया था. डमी होने के बावजूद इसका डिजाइन इतना आकर्षक है कि दूर से देखने पर यह किसी महंगी स्पोर्ट्स कार जैसी नजर आती है. यही वजह रही कि कांवड़ यात्रा के दौरान यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई.
मंजिल दिल्ली का शिव मंदिर
छह शिवभक्त हरिद्वार की हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर दिल्ली के नवादा गांव के लिए निकले हैं. उनका अंतिम पड़ाव नवादा गांव स्थित शिव मंदिर है. वहीं पहुंचकर वे गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे. शिवभक्तों के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य दिखावा नहीं बल्कि आस्था के साथ सावन में भोलेनाथ को याद करना और परिवार की सुख-शांति की कामना करना है. मुजफ्फरनगर में इस अनोखी कांवड़ ने भले ही अपनी अलग डिजाइन और स्पोर्ट्स कार जैसे लुक से लोगों का ध्यान खींचा हो, लेकिन इसके पीछे की कहानी छह शिवभक्तों की श्रद्धा और कुछ अलग करने की इच्छा से जुड़ी है. असली McLaren नहीं, करीब 7-8 लाख रुपये में तैयार की गई डमी स्पोर्ट्स कार में विराजमान भोलेनाथ की यह कांवड़ फिलहाल मुजफ्फरनगर से गुजरते हुए लोगों के लिए कौतूहल और आस्था, दोनों का केंद्र बनी हुई है.
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