September 19, 2026

5 सीटर Car में 6-7 लोग बैठाकर चल रहे हैं? लग सकता है चालान, जानिए क्या है नियम

अक्सर परिवार या दोस्तों के साथ कहीं घूमने जाते समय लोग कार की क्षमता से ज्यादा सवारियां बैठा लेते हैं। 5 सीटर कार में 6-7 लोग या 7 सीटर कार में 8-9 लोगों को बैठाकर सफर करना आम बात लग सकती है, लेकिन सड़क सुरक्षा के लिहाज से यह गंभीर नियम उल्लंघन बन सकता है।

मोटर व्हीकल एक्ट में वाहन की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी RC में दर्ज क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठाने को लेकर प्रावधान है। धारा 194A के तहत अधिकृत क्षमता से ज्यादा यात्रियों को ले जाने पर अतिरिक्त यात्री के हिसाब से जुर्माना लगाया जा सकता है। केंद्रीय कानून में यह जुर्माना ₹200 प्रति अतिरिक्त यात्री निर्धारित है।

5 सीटर में 2 लोग ज्यादा बैठे तो क्या होगा?

अगर किसी वाहन की स्वीकृत यात्री क्षमता से 2 लोग ज्यादा बैठते हैं, तो धारा 194A के तहत अतिरिक्त यात्रियों के आधार पर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, वास्तविक चालान राशि और लागू प्रक्रिया संबंधित राज्य के नियमों और प्रवर्तन व्यवस्था पर निर्भर कर सकती है।

सीट बेल्ट का भी रखें ध्यान

ओवरलोडिंग के अलावा कार में बैठे यात्रियों की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 194B के तहत बिना सीट बेल्ट यात्रा करने पर ₹1,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की मौजूदा सूची में भी सीट बेल्ट उल्लंघन के लिए ₹1,000 का जुर्माना दर्ज है।

यानी कार में जरूरत से ज्यादा लोगों को बैठाने पर सिर्फ क्षमता से ज्यादा सवारी का ही मामला नहीं बन सकता, बल्कि अगर यात्री सीट बेल्ट नहीं लगा पा रहे हैं तो अलग से सुरक्षा उल्लंघन भी हो सकता है।

क्या ओवरलोडिंग से सिर्फ चालान का खतरा है?

नहीं। कार की निर्धारित क्षमता से ज्यादा लोगों को बैठाने पर सुरक्षा भी प्रभावित होती है। ज्यादा वजन से वाहन के ब्रेक, टायर और सस्पेंशन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा अचानक ब्रेक लगाने या मोड़ लेने की स्थिति में वाहन का संतुलन और नियंत्रण प्रभावित हो सकता है।

सबसे बड़ी बात यह है कि अतिरिक्त यात्रियों के लिए पर्याप्त सीट और सीट बेल्ट उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में दुर्घटना की स्थिति में चोट का जोखिम भी बढ़ सकता है।

इंश्योरेंस क्लेम का क्या होगा?

ओवरलोडिंग के बाद बीमा क्लेम अपने आप हर मामले में खारिज हो जाएगा, ऐसा सामान्य नियम नहीं है। बीमा पॉलिसी की शर्तें, दुर्घटना की परिस्थितियां और वाहन के उपयोग से जुड़े नियमों के आधार पर क्लेम पर असर पड़ सकता है। इसलिए यह मानकर चलना सही नहीं है कि ओवरलोडिंग के बावजूद इंश्योरेंस क्लेम हमेशा पूरा मिलेगा।

सुरक्षित सफर के लिए क्या करें?

परिवार या दोस्तों के साथ लंबी यात्रा पर निकलते समय कार की RC में दर्ज seating capacity जरूर देखें। जितनी सीटें वाहन में स्वीकृत हैं, उतने ही यात्रियों को बैठाकर सफर करें और उपलब्ध सभी सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें।

यानी कुछ रुपये बचाने या एक ही कार में सभी लोगों को बैठाने के चक्कर में नियम तोड़ने के बजाय जरूरत पड़ने पर दूसरी गाड़ी का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है।