बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान एक बार फिर कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं। भारत छोड़ने के नोटिस के खिलाफ अभिनेता ने हाईकोर्ट का रुख किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें जारी किए गए नोटिस में उनके ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड को रद्द करने की प्रक्रिया के संबंध में जवाब मांगा गया था। अभिनेता ने इस नोटिस को गैरकानूनी बताते हुए अदालत में चुनौती दी है।
इस मामले में अब अदालत की भूमिका अहम हो गई है, क्योंकि विवाद का संबंध अभिनेता को जारी किए गए नोटिस की वैधता और OCI कार्ड से जुड़े नियमों से है। इमरान खान की ओर से नोटिस को चुनौती दिए जाने के बाद इस बात पर ध्यान केंद्रित हो गया है कि संबंधित प्राधिकरण ने किस आधार पर यह कार्रवाई की और क्या निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया।
CJP प्रदर्शन में शामिल होने के बाद जारी हुआ नोटिस
मामले की पृष्ठभूमि 10 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए एक प्रदर्शन से जुड़ी है। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। अभिनेता इमरान खान भी इस दौरान वहां मौजूद थे। इसके बाद विदेश क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) की ओर से उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया। नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
इमरान खान ने याचिका में क्या कहा?
इमरान खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में नोटिस को मनमाना, अनुचित और बिना पर्याप्त कारण के जारी किया गया कदम बताया है। उनका कहना है कि नोटिस जारी करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए अदालत से राहत देने की मांग की है।
याचिका में अभिनेता ने यह भी सवाल उठाया है कि नोटिस में कथित उल्लंघन को स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया। उनके मुताबिक, प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी को आधार बनाकर भारत छोड़ने का निर्देश देना उचित नहीं है। उन्होंने अदालत से नोटिस पर रोक लगाने और उसे रद्द करने की मांग की है।
OCI कार्ड रद्द करने के मामले में भी मांगा गया जवाब
इस पूरे विवाद में इमरान खान के ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड का मुद्दा भी महत्वपूर्ण है। OCI कार्डधारक भारतीय नागरिक नहीं होते, लेकिन उन्हें निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत भारत में रहने और कई अन्य सुविधाओं का लाभ मिलता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, FRRO ने अभिनेता को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। इसमें उनसे पूछा गया है कि उनका OCI पंजीकरण रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए। यह प्रक्रिया नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7D के तहत शुरू की गई है। हालांकि, कारण बताओ नोटिस जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि उनका OCI कार्ड पहले ही रद्द कर दिया गया है।
अदालत के फैसले पर टिकी निगाहें
इमरान खान ने हाईकोर्ट से तत्काल राहत देने की मांग की है। उनकी याचिका में भारत छोड़ने के नोटिस पर रोक लगाने के साथ ही उसे रद्द करने और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई का आधार बताने वाले रिकॉर्ड पेश करने का अनुरोध किया गया है।
अब इस मामले में अदालत की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। कोर्ट यह देखेगा कि संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई कानूनी प्रावधानों के अनुरूप थी या नहीं और अभिनेता को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिला या नहीं। फिलहाल, भारत छोड़ने के नोटिस और OCI कार्ड रद्द करने की संभावित कार्रवाई को लेकर कानूनी विवाद जारी है।
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