October 1, 2026

बठिंडा में सिलेंडर डिलीवरी पर विवाद: उपभोक्ता बोला- पाइप नहीं ली तो वापस ले गया, एजेंसी मैनेजर ने कहा- 5 साल की लाइफ, बदलना जरूरी - Bathinda News

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बठिंडा में LPG सिलेंडर की डिलीवरी को लेकर नया विवाद सामने आया है। मॉडल टाउन फेज-3 निवासी संजय मित्तल ने आरोप लगाया कि डिलीवरी मैन ने पांच साल पुरानी गैस पाइप बदलकर नई पाइप खरीदने को कहा और इनकार करने पर रिफिल सिलेंडर वापस ले गया। मित्तल का दावा है कि उनके एरिया के आधा दर्जन अन्य उपभोक्ताओं के साथ भी ऐसा हुआ।

वहीं, मान गैस एजेंसी के मैनेजर एमएस बाठ का कहना है कि पांच साल पूरे होने के बाद सुरक्षा कारणों से पाइप बदलना जरूरी है। मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पाइप बदलने की शर्त और रिफिल डिलीवरी को लेकर नियम क्या हैं।

संजय बोले- पाइप नहीं ली तो सिलेंडर भी नहीं दिया संजय मित्तल के अनुसार उन्होंने सामान्य प्रक्रिया के तहत गैस सिलेंडर बुक करवाया था। डिलीवरी मैन सिलेंडर लेकर उनके घर पहुंचा। वहां कर्मचारी ने कहा कि उनके रिकॉर्ड के मुताबिक गैस पाइप खरीदे पांच साल पूरे हो चुके हैं, इसलिए नई पाइप खरीदना जरूरी है।

मित्तल ने नई पाइप खरीदने से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें केवल बुक किया गया रिफिल सिलेंडर दिया जाए और निर्धारित राशि का भुगतान किया जाएगा। उनका आरोप है कि इसके बाद कर्मचारी ने सिलेंडर देने से मना कर दिया और उसे वापस लेकर चला गया।

मित्तल का कहना है कि यदि सुरक्षा जांच में पाइप खराब या इस्तेमाल के लिए असुरक्षित पाई जाती है तो उसे बदलना उचित है, लेकिन उपभोक्ता को यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पाइप बदलने की जरूरत किस आधार पर है।

उपभोक्ता को नई गैस पाइप खरीदने के बाद ही सिलेंडर देने की बात कहता कर्मचारी।

उपभोक्ता को नई गैस पाइप खरीदने के बाद ही सिलेंडर देने की बात कहता कर्मचारी।

एजेंसी मैनेजर बोले- 5 साल बाद पाइप बदलना जरूरी मान गैस एजेंसी के मैनेजर एमएस बाठ ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं को गैस पाइप खरीदे पांच साल पूरे हो चुके हैं, उनके लिए नई पाइप लेना जरूरी किया गया है। पाइप की लाइफ पांच साल होती है। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है। बाठ के अनुसार, कंपनी के रिकॉर्ड में उपभोक्ता की पाइप खरीदने की तारीख दर्ज रहती है। इसी आधार पर रिफिल के बिल पर भी जानकारी आती है।

उन्होंने कहा कि संबंधित उपभोक्ता की पाइप को पांच साल पूरे हो चुके थे। कंपनी की हिदायत के अनुसार निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद पाइप या रेगुलेटर नहीं लेने पर सिलेंडर की डिलीवरी नहीं करने को कहा गया है, ताकि भविष्य में किसी हादसे की आशंका को कम किया जा सके।

पांच साल की होज लाइफ एलपीजी कंपनियों के उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों में सुरक्षा एलपीजी होज की लाइफ 5 साल बताई गई है। इंडियन ऑयल के अनुसार, घरेलू एलपीजी इंस्टॉलेशन का सुरक्षा ऑडिट भी हर पांच साल में कराया जाना चाहिए। कंपनी अपनी वेबसाइट पर सुरक्षा होज को पांच साल की लाइफ वाला सुरक्षा उत्पाद बताती है।

भारत गैस के एलपीजी मैनुअल में अनिवार्य निरीक्षण के दौरान सुरक्षा एलपीजी होज की वैधता समाप्त होने या उसके क्षतिग्रस्त होने पर उसे बदलने का प्रावधान दिया गया है। साथ ही निरीक्षण के दौरान आवश्यक सुधार ग्राहक की अनुमति से करने की बात कही गई है। इससे स्पष्ट है कि पाइप की उम्र और सुरक्षा जांच को लेकर कंपनियों के दिशा-निर्देश हैं।

रिफिल लेते समय इन बातों की जांच करें इंडियन ऑयल की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उपभोक्ताओं को रिफिल लेते समय सिलेंडर की सील और सुरक्षा कैप की जांच करनी चाहिए। डिलीवरी के समय सिलेंडर का वजन और कनेक्शन के बाद लीकेज की जांच भी कराई जा सकती है।

किसी उपभोक्ता को डिलीवरी या पाइप बदलने को लेकर शिकायत है तो वह पहले संबंधित गैस एजेंसी में शिकायत दर्ज करा सकता है। इंडियन ऑयल का ग्राहक सेवा नंबर 1800-2333-555 और LPG आपातकालीन हेल्पलाइन 1906 है।