September 21, 2026

पश्चिम मध्य रेलवे की बल्ले-बल्ले: 5 महीने में ₹3,935 करोड़ का राजस्व, त्योहारों पर 100 स्पेशल ट्रेन सेवाएं - Haribhoomi

पश्चिम मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष के पांच महीनों में ₹3,935 करोड़ से अधिक का ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया। पिछले साल से 7.73 प्रतिशत वृद्धि हुई। त्योहारों पर यात्रियों की सुविधा के लिए अक्टूबर-नवंबर में 100 स्पेशल ट्रेन सेवाएं संचालित होंगी।

Railway Revenue Festival Special Trains

पश्चिम मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष के पांच महीनों में ₹3,935 करोड़ से अधिक का ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया।

  • Published: 21 Sep 2026, 11:52 AM IST
  • Last Updated: 21 Sep 2026, 11:52 AM IST

जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती पांच महीनों में ₹3,935 करोड़ 26 लाख का ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया है। पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले रेलवे की कमाई में ₹282 करोड़ 35 लाख यानी 7.73 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

वहीं, दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा को देखते हुए यात्रियों के लिए अक्टूबर-नवंबर में 100 स्पेशल ट्रेन सेवाएं संचालित की जाएंगी।

पांच महीने में ₹3,935 करोड़ से ज्यादा की कमाई

पश्चिम मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष के प्रथम पांच महीनों में ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू के मामले में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। रेलवे के अनुसार इस अवधि में कुल ₹3,935 करोड़ 26 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ।

पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में पश्चिम मध्य रेलवे ने ₹3,652 करोड़ 91 लाख का ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया था। इस तरह इस साल रेलवे की कमाई में ₹282 करोड़ 35 लाख की वृद्धि हुई है। राजस्व में कुल 7.73 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

यात्री और माल यातायात से बड़ी आय

प्रथम पांच महीनों के कुल ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू में यात्री यातायात, माल ढुलाई और अन्य मदों की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रही। इसमें—

यात्री यातायात: ₹1,151 करोड़ 24 लाख
माल यातायात: ₹2,563 करोड़ 67 लाख
अन्य कोचिंग मद: ₹82 करोड़ 98 लाख
विविध आय (संड्री): ₹137 करोड़ 38 लाख शामिल है।

जबलपुर मंडल सबसे आगे, भोपाल मंडल की भी बड़ी हिस्सेदारी

मंडलवार आंकड़ों के अनुसार प्रथम पांच महीनों में जबलपुर मंडल ने ₹2,407 करोड़ 41 लाख का ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया। वहीं भोपाल मंडल ने ₹895 करोड़ 84 लाख और कोटा मंडल ने ₹632 करोड़ 01 लाख का राजस्व हासिल किया।

पश्चिम मध्य रेलवे के अनुसार महाप्रबंधक के निरंतर मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन के साथ वाणिज्य एवं परिचालन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से राजस्व वृद्धि की यह गति बनी हुई है।

त्योहारों में 100 स्पेशल ट्रेन सेवाएं

दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान बढ़ने वाली यात्री भीड़ को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे ने अक्टूबर और नवंबर में 100 स्पेशल ट्रेन सेवाएं संचालित करने की तैयारी की है। इन ट्रेनों से यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी और प्रमुख रूटों पर बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

इनमें प्रमुख ट्रेन सेवाएं-

  • रीवा-रानी कमलापति-रीवा: 8 सेवाएं
  • जबलपुर-हरिद्वार-जबलपुर: 10 सेवाएं
  • जबलपुर-निजामुद्दीन-जबलपुर: 10 सेवाएं
  • रीवा-डॉ. अम्बेडकर नगर-रीवा: 12 सेवाएं
  • रानी कमलापति-दानापुर-रानी कमलापति: 22 सेवाएं
  • सोगरिया-दानापुर-सोगरिया: 12 सेवाएं
  • कटनी-सतना-कटनी: 26 सेवाएं, अनारक्षित स्पेशल शामिल हैं।

यात्रियों के लिए अतिरिक्त कोच और नए ठहराव

रेलवे यात्रियों की मांग के अनुसार स्पेशल ट्रेनों का संचालन और उनकी अवधि बढ़ाने के साथ ट्रेनों में स्थायी एवं अस्थायी अतिरिक्त कोच भी लगाए जा रहे हैं। प्रतीक्षा सूची कम करने और अधिक यात्रियों को कन्फर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त कोच की व्यवस्था की जा रही है।

इसके अलावा यात्रियों की सुविधा और मांग के अनुरूप नए ठहराव देने तथा प्रायोगिक ठहराव की अवधि बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।

माल ढुलाई बढ़ाने पर भी फोकस

पश्चिम मध्य रेलवे ने माल यातायात बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। माल गोदामों में 24×7 लोडिंग-अनलोडिंग सुविधा, नए माल गोदामों का विकास, मौजूदा गोदामों का उन्नयन, नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल और साइडिंग विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इसके अलावा बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट (BDU) के माध्यम से फ्रेट लोडिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

गैर-किराया राजस्व बढ़ाने पर जोर

रेलवे ने अन्य कोचिंग और विविध आय बढ़ाने के लिए Non-Fare Revenue के स्रोतों को विकसित करने पर भी जोर दिया है। NINFRIS योजना के तहत गैर-किराया राजस्व बढ़ाने की नई संभावनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ यात्री और माल यातायात को बढ़ावा देने के लिए वाणिज्य एवं परिचालन विभाग की ओर से आगे भी लगातार प्रयास जारी रहेंगे।