कंपनी के पूर्व मैनेजर ने फर्जी कागजातों का भौतिक सत्यापन कर इस षड्यंत्र को अंजाम दिया था। पुलिस इस मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर 9 ट्रैक्टर और 3 लाख रुपये जब्त कर चुकी है।
सिरसा में लोन धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार आरोपी।
- Published: 22 Jul 2026, 06:43 PM IST
- Last Updated: 22 Jul 2026, 06:43 PM IST
हरियाणा के सिरसा जिले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए ट्रैक्टर लोन मंजूर करवाकर वित्त कंपनी को करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह पर डबवाली पुलिस ने बड़ा शिकंजा कसा है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की टीम ने इस बहुचर्चित मामले में वांछित चल रहे पांचवें मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर धोखाधड़ी से हड़पे गए 2 और ट्रैक्टर बरामद किए हैं।
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि लोन की राशि पास होते ही आरोपियों ने ट्रैक्टरों को असली खरीदारों को देने के बजाय अन्य साथियों के साथ मिलकर बाजार में बेच दिया। इस तरह आरोपियों ने कंपनी को लाखों-करोड़ों रुपये का चूना लगाया।
फर्जी कागजात और फर्जी पते का इस्तेमाल
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में सामने आया कि जिन लोगों के नाम पर यह लोन स्वीकृत कराए गए थे, उनके पास वास्तव में कोई ट्रैक्टर है ही नहीं। इतना ही नहीं, कागजातों में दर्ज कराए गए कई वर्तमान पते भी पूरी तरह फर्जी पाए गए और वहां कोई नहीं रहता था। आरोपियों ने कूटरचित (फर्जी) आधार कार्ड, वोटर आईडी और आवेदन पत्रों के दम पर कंपनी को अंधेरे में रखा।
यह पूरा षड्यंत्र 1 जनवरी 2026 को थाना शहर डबवाली में दर्ज मुकदमे के बाद उजागर हुआ था। जांच में पाया गया कि कंपनी का तत्कालीन मैनेजर सूर्य प्रकाश ही इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड था, जिसने फर्जी दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन (वेरिफिकेशन) करके लोन पास कराए थे।
सिरसा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर पकड़ा गया 5वां आरोपी
आर्थिक अपराध शाखा डबवाली के प्रभारी निरीक्षक रमेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कुलदीप सिंह को सिरसा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। अदालत में पेश कर आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिया गया, जिसकी पूछताछ के आधार पर 2 और ट्रैक्टर बरामद कर लिए गए।
अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार, 9 ट्रैक्टर और 3 लाख कैश जब्त
डबवाली पुलिस इस मामले में लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इससे पहले मुख्य साजिशकर्ता पूर्व मैनेजर सूर्य प्रकाश को 16 फरवरी 2026, सुभाष को 8 जून 2026, अनिल को 18 जून 2026 और चौथे आरोपी दिनेश को 22 जून 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका था। शुरुआती चार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस 7 ट्रैक्टर और 3 लाख रुपये नगद जब्त कर चुकी थी।
अब कुलदीप की गिरफ्तारी के बाद इस घोटाले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या 5 हो गई है, जबकि कुल बरामदगी बढ़कर 9 ट्रैक्टर और 3 लाख रुपये नकद तक पहुंच गई है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।