October 23, 2026

ब्रिटेन के प्रमुख बार्कलेज बैंक द्वारा लगभग 5,000 कर्मचारियों की नौकरी से छटनी, AI इस्तेमाल को बढ़ावा

October 23, 2026 17 बार देखा गया

फोटो साभार: विकिपीडिया                                 

AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक तरफ लोगों के कामों को आसान तो बना रहा है पर दूसरी तरफ ये लोगों से उनका काम भी छिन रहा है। कई ऐसी खबरें आई हैं जिसमें कई आईटी कंपनियों ने AI के वजह से लोगों में छटनी कर उन्हें काम से निकाला गया है। अब बैंकों में भी ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिल रहा है। 

हाल ही में आई खबर अनुसार ब्रिटिश के कई बड़े बार्कलेज बैंक से करीब 5,000 स्टाफ़ की छटनी की जा रही है। बैंक Barclays (बार्कलेज) में इस साल लगभग 5 प्रतिशत स्टाफ़ों की छटनी की प्लान की जा रही है। लगभग 1,000 पदों की कटौती 2026 की पहली छमाही के दौरान की गई थी। बजे पदों की छटनी 2026 की दूसरी छमाही में की जाएगी। 

ABP में छपी रिपोर्ट के अनुसार छटनी के पीछे का मकसद है कि AI के मदद से खर्च कम करना चाहते हैं ताकि उसका मुनाफ़ा और रिटर्न बढ़ सके। इसी के साथ बार्कलेज बैंक के सीईओ सीएस वेंकटकृष्णन द्वारा कहा गया है कि “मैं निराश हूं, और आप यकीन मानिए कि इस पर मेरा ध्यान जरूर जाएगा।” ये बात उनके द्वारा फिक्स्ड-इनकम ट्रेनिंग के बुरे प्रदर्शन को लेकर कही गई। 

2.3 अरब पाउंड का मुनाफ़ा दर्ज

BBC के रिपोर्ट अनुसार नौकरियों में छटनी योजना के बीच Barclays द्वारा सितंबर में समाप्त तिमाही के लिए 2.3 अरब पाउंड का मुनाफ़ा दर्ज किया गया है। ये पिछले साल के मुताबिक ज़्यादा था लेकिन बाजार के अनुमान से थोड़ा कम रहा। इसका ये मतलब है कि बैंक मुनाफ़ा कमा रहा है फिर भी लागत को घटाने और कामकाज को और अधिक अच्छा बनाने पर ध्यान दे रहा है। कंपनियाँ ये भी देख रही है कि कम खर्च पर कैसे ज़्यादा बेहतर नतीजे हासिल किए जा सकेंगे। 

भारत पर असर 

रिपोर्ट के अनुसार इस खबर का असर भारत में भी देखने को मिल सकता है। इसकी वजह ये है कि Barclaysके कुछ बैंक-ऑफ़िस का काम भारत से होता है। ऐसे में प्रस्तावित छटनी का असर यहाँ काम करने वाले कर्मचारीयों पर भी पड़ सकता है। हालाँकि भारत में इतने विभागों के कितने पदों पर प्रभाव पड़ सकता है इसका विस्तृत आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। 

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