मनोज कुमार वर्मा | सोनभद्र42 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी-सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। ऑपरेशन शुद्धि के तहत टीम ने तीन तस्करों को गिरफ्तार कर 86 किलो अवैध गांजा बरामद किया। पुलिस के मुताबिक बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 43 लाख रुपए है।
तस्करी में इस्तेमाल बिना नंबर प्लेट की काले रंग की किआ कार भी जब्त की गई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 680 रुपए नकद भी बरामद किए हैं।
मुखबिर की सूचना पर शुरू हुई चेकिंग
पुलिस के अनुसार गुरुवार को लोढ़ी टोल प्लाजा से पहले ईको प्वाइंट के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि तीन लोग बिना नंबर प्लेट की किआ कार से उड़ीसा से गांजा लेकर वाराणसी की ओर आ रहे हैं।
सूचना के बाद पुलिस टीम ने इलाके में सघन चेकिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद ईको प्वाइंट की ओर से आती काले रंग की किआ कार को मुखबिर ने पहचान लिया। पुलिस को देखकर कार सवारों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर शाम करीब 7:30 बजे कार को पकड़ लिया।

चार बोरियों में मिले 35 बंडल
पुलिस ने कार की तलाशी ली तो डिग्गी और सीटों के पास खाकी रंग के टेप से लिपटी चार प्लास्टिक की बोरियां मिलीं। इनमें कुल 35 बंडल रखे थे। बंडल खोलने पर कुल 86 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ।
उड़ीसा से वाराणसी पहुंचानी थी खेप
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे फुलवानी, उड़ीसा से गांजा लेकर वाराणसी पहुंचाने जा रहे थे। उनके अनुसार बिहार के भोजपुर (आरा) का एक व्यक्ति गांजा मंगाने के लिए पैसे और वाहन की व्यवस्था करता है। इसके बाद उसके बताए स्थान पर गांजे की खेप पहुंचाने के लिए उन्हें भेजा जाता है।
डिलीवरी के लिए तय थी अलग-अलग रकम
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि गांजा पहुंचाने के बदले उन्हें अलग-अलग रकम दी जानी थी। कार चालक राजकुमार पासवान को करीब 30 हजार रुपए, उसके बगल में बैठे विकास कुमार राय को 25 हजार रुपए और पीछे बैठकर गांजा ले जा रहे विनोद साव को करीब 15 हजार रुपए मिलने थे।
ऑनलाइन भेजे जाते थे गांजा खरीदने के पैसे
पूछताछ में यह भी सामने आया कि रास्ते में होने वाले अन्य खर्चों की व्यवस्था भी भोजपुर निवासी व्यक्ति ही करता था। आरोपियों के मुताबिक वह आगे-पीछे चलकर वाहन की लोकेशन और रास्ते की जानकारी देता था। गांजा खरीदने के लिए ऑनलाइन माध्यम से पहले ही पैसे भेजे जाने की बात भी सामने आई है।
मोबाइल और तकनीकी साक्ष्यों से नेटवर्क की जांच
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में सामने आए अन्य लोगों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। बरामद मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि संबंधित आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


.