July 20, 2026

नाक में बाली पहनकर रैम्प पर उतरीं अनन्या, 4000 साल पुराने गहने ने लूट ली सुर्खियां, जानें क्या होती है सेप्टम रिंग, ये नाम कैसे पड़ा

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मॉडर्न और ट्रेडिशनल फैशन के खूबसूरत फ्युजन को दर्शाती सेप्टम रिंग, इन दिनों फिर चर्चा में है। नाक के बीच पहनी जाने वाली इस अनोखी नोज ज्वेलरी का इतिहास लगभग 4000 साल पुराना माना जाता है। देखें सेप्टम रिंग डिजाइन, आप कैसे स्टाइल कर सकती हैं।

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सेप्टम नोज रिंग क्या होती है, लड़कियां इसे कैसे स्टाइल कर सकती हैं

दुनिया में गहनों की चमक कभी फीकी नहीं पड़ती, लेकिन कुछ ज्वेलरी ऐसी होती हैं जो भीड़ में भी अलग पहचान बना लेती हैं। सेप्टम रिंग उन्हीं में से एक है। नाक के बीच पहनी जाने वाली यह अनोखी रिंग पहली नजर में ही लोगों का ध्यान खींच लेती है। दिलचस्प बात यह है कि आज जिस ज्वेलरी को फैशन स्टेटमेंट माना जाता है, उसकी जड़ें हजारों साल पुरानी परंपराओं और संस्कृतियों से जुड़ी हैं।

कभी यह पहचान, साहस और सामाजिक दर्जे का प्रतीक थी, तो आज फैशन रैंप, ब्राइडल लुक और सोशल मीडिया ट्रेंड्स की पसंद बन चुकी है। हाल ही में एक ब्राइडल फैशन शो में अभिनेत्री अनन्या पांडे ने भी अपने लुक में सेप्टम रिंग को शामिल किया, जिसके बाद यह ज्वेलरी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे सेप्टम रिंग क्यों कहा जाता है और इसे पहनने के भी कई अलग-अलग तरीके हैं?

सेप्टम रिंग आखिर होती क्या है?

नाक के दोनों छेदों के बीच एक मुलायम हिस्सा होता है, जिसे सेप्टम कहा जाता है। इसी जगह पहनी जाने वाली रिंग को सेप्टम रिंग कहते हैं। सेप्टम रिंग सामान्य नथ या नोज पिन से अलग होती है। सेप्टम रिंग बिल्कुल नाक के बीच में बाली की तरह पहनी जाती है। पहले अलग-अलग संस्कृतियों में सेप्टम रिंग के अलग-अलग मायने होते थे। कहीं यह सामाजिक पहचान, साहस, शक्ति और समुदाय से जुड़ाव का प्रतीक मानी जाती थी, तो कुछ जगहों पर इसे परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा माना जाता था। समय के साथ इसका महत्व बदलता गया और आज यह मुख्य रूप से फैशन और पर्सनल स्टाइल का हिस्सा बन चुकी है।

'सेप्टम' नाम कैसे पड़ा?

'सेप्टम' शब्द लैटिन भाषा के Septum से निकला है, जिसका अर्थ होता है दो हिस्सों को अलग करने वाली दीवार। नाक के दोनों छिद्रों के बीच मौजूद इसी हिस्से में यह ज्वेलरी पहनी जाती है, इसलिए इसका नाम सेप्टम रिंग पड़ा। आपको भी ये नाम तो काफी नया सा लग रहा होगा, लेकिन बता दें कि इस मॉडर्न फैशन वाले खूबसूरत से गहने का इतिहास करीब करीब 4000 साल पुराना है।

हालांकि समय के साथ इसका रूप बदलता गया, लेकिन इसकी पहचान और खूबसूरती अभी भी वहीं की वहीं है। नाक के बीच पहनी जाने वाली इस नोज रिंग को दुनिया तो देश के अलग अलग कोनों में अलग अलग नामों से जाना जाता है। कई जगह इसे 'बुलाक' या 'बुलाकी' के नाम से जाना जाता है। हालांकि अलग-अलग राज्यों और समुदायों में इसके स्थानीय नाम बदल जाते हैं।

भारत में कहां देखने को मिलती है?

भारत के कई हिस्सों में नाक की ज्वेलरी का अपना सांस्कृतिक महत्व है। खासकर दक्षिण भारत के कुछ समुदायों में दुल्हनों के पारंपरिक श्रृंगार में सेप्टम रिंग जैसी नोज ज्वेलरी भी देखने को मिलती है। वहीं कुछ ट्राइब्स में भी नाक के बीच इस तरह की रिंग पहनी जाती है। कुछ समय पहले साउथ इंडियन ब्राइड बनीं शोभिता धुलिपाला ने अपनी गोल्डन दुल्हन वाली साड़ी के साथ ट्रेडिशनल गोल्ड ज्वेलरी पहनी थी, जिसमें बहुत ही यूनीक डिजाइन वाली सेप्टम रिंग भी शामिल थी।

बॉलीवुड और सोशल मीडिया वाले लगातार बदलते फैशन ट्रेंड्स के बीच, आज इंडो-वेस्टर्न, फ्यूजन और ब्राइडल कलेक्शन में भी सेप्टम रिंग्स बहुत ही नए अंदाज से शामिल हो रही है। यही वजह है कि मॉडर्न, बोहो फैशन में साधारण वाली नोज रिंग नहीं बल्कि नाक के बीच पहनी जाने वाली ये बाली ट्रेंड कर रही है। सोनम कपूर, अदिति राव हैदरी से लेकर कई इंफ्लुएंजर्स ने इस तरह की सेप्टम रिंग को बहुत ही खूबसूरती के साथ फ्लॉन्ट किया है।

सेप्टम रिंग कैसे पहनें

सेप्टम रिंग पहनना बहुत ही आसान होता है, और अगर आपकी नाक में पियर्सिंग नहीं की हुई है। तो भी आप आसानी से ही ये ट्रेडिशनल बोहो सेप्टम रिंग स्टाइल कर सकती हैं। बाजार में कई तरह की क्लिप-ऑन सेप्टम रिंग भी आसानी से मिल जाती हैं। इन दिनों सबसे ज्यादा गोल्ड या ऑक्सीडाइज्ड स्टाइल की सेप्टम रिंग का ट्रेंड चल रहा है।

Sonam Kapoor Pearl Septum Ring

Sonam Kapoor Pearl Septum Ring

कैसे करें स्टाइल?

सेप्टम रिंग की खूबसूरती तभी उभरकर आती है, जब आपकी बाकी ज्वेलरी तो कपड़े सब कुछ बैलेंस्ड हो।

  • सिल्क साड़ी और बन हेयरस्टाइल के साथ गोल्ड सेप्टम रिंग बेहद रॉयल लगती है।
  • डायमंड या स्टोन वाली रिंग मॉडर्न ब्राइडल आउटफिट के साथ शानदार दिखती है।
  • ऑक्सीडाइज्ड डिजाइन कॉटन साड़ी, कुर्ता या बोहो लुक के साथ खूब जंचते हैं।
  • अगर पहली बार पहन रहे हैं, तो हल्के और छोटे डिजाइन से शुरुआत करें।

सेप्टम रिंग डिजाइन

क्लासिक हूप (Hoop)गोल आकार की साधारण रिंग।
हॉर्सशू (Horseshoe)यू-शेप वाली रिंग, जिसे आसानी से हटाया या छिपाया जा सकता है।
क्लिकर (Clicker)लॉकिंग मैकेनिज्म वाली स्टाइलिश रिंग।
डेकोरेटिव सेप्टम रिंगमोती, स्टोन या नक्काशीदार डिजाइनों के साथ।

हर गहने की अपनी भाषा होती है। कोई रिश्तों का प्रतीक बनता है, कोई परंपरा का और कोई सिर्फ खूबसूरती बढ़ाने का। सेप्टम रिंग इन तीनों का सुंदर मेल है। यही कारण है कि हजारों साल पुरानी होने के बावजूद यह आज भी नई पीढ़ी को उतनी ही आकर्षक लगती है। फैशन बदल सकता है, लेकिन जिन गहनों के पीछे इतिहास और संस्कृति जुड़ी हो, उनकी चमक कभी फीकी नहीं पड़ती।