उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता और बाजार में इसकी कीमतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक की. बैठक में प्रदेश में मौजूद चीनी के स्टॉक, किसानों को गन्ना भुगतान और आगामी पेराई सत्र की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई
उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता और बाजार में इसकी कीमतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक की. बैठक में प्रदेश में मौजूद चीनी के स्टॉक, किसानों को गन्ना भुगतान और आगामी पेराई सत्र की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई
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उत्तर प्रदेश में चीनी की उपलब्धता और बाजार में इसकी कीमतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक की. बैठक में प्रदेश में मौजूद चीनी के स्टॉक, किसानों को गन्ना भुगतान और आगामी पेराई सत्र की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई. सरकार ने साफ किया है कि चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
प्रदेश में 179.38 लाख क्विंटल चीनी का भंडार
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस समय उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा निजी चीनी मिलों के पास है. निजी मिलों में करीब 150.50 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक मौजूद है.
वहीं, प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख क्विंटल और निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख क्विंटल चीनी उपलब्ध है. सरकार का कहना है कि प्रदेश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और इसकी नियमित निगरानी की जा रही है.
30 दिन से ज्यादा स्टॉक रखने पर रोक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चीनी की जमाखोरी किसी भी कीमत पर न होने पाए. इसके लिए स्टॉक की नियमित जांच और निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है.
निर्देश के अनुसार, 30 दिनों से अधिक समय तक चीनी का स्टॉक जमा करके नहीं रखा जा सकेगा. सरकार का उद्देश्य है कि बाजार में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे और कृत्रिम कमी पैदा करके कीमत बढ़ाने की कोशिशों पर रोक लगाई जा सके.
400 टन से ज्यादा स्टॉक पर एक्शन
सरकार ने डीलरों के लिए भी स्टॉक की सीमा को लेकर सख्त रुख अपनाया है. एक समय में यदि कोई डीलर 400 टन से अधिक चीनी का स्टॉक रखता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन को ऐसे मामलों की पहचान करने और स्टॉक की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार की कोशिश है कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी स्तर पर अनावश्यक जमाखोरी न हो.
कालाबाजारी करने वालों पर होगी बड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि चीनी की कालाबाजारी या जमाखोरी में शामिल लोगों को किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
जरूरत पड़ने पर एस्मा के तहत नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात भी कही गई है. इससे संकेत साफ है कि सरकार चीनी की उपलब्धता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से ले रही है.
48 लाख किसानों को मिला रिकॉर्ड भुगतान
समीक्षा बैठक में किसानों को गन्ने के भुगतान की स्थिति पर भी जानकारी दी गई. सरकार के अनुसार उत्तर प्रदेश में किसानों को रिकॉर्ड स्तर पर गन्ना भुगतान किया गया है.
अब तक करीब 48 लाख किसानों को 3,217 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. सरकार का जोर है कि गन्ना किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर मिले और उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े.
15 अक्टूबर से शुरू होगा नया पेराई सत्र
उत्तर प्रदेश में नए गन्ना पेराई सत्र की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. सरकार के अनुसार 15 अक्टूबर से नया पेराई सत्र शुरू होगा. इसके लिए चीनी मिलों को समय से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं.
सरकार की रणनीति एक ओर चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और दूसरी ओर किसानों के गन्ना भुगतान को समयबद्ध करने पर केंद्रित है. आगामी पेराई सत्र को देखते हुए चीनी के स्टॉक और बाजार की गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी.
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