बांग्लादेश-हिंदू परिवार के 4 लोगों की संदिग्ध हालात में मौत:बंद घर से रिटायर्ड शिक्षक, पत्नी-बच्चों के शव मिले; CID मामले की जांच कर रही
ढाका4 घंटे पहलेलेखक: मोहम्मद अरिफुल इस्लाम
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रिटायर्ड शिक्षक गणपति और उनके परिवार के शव बंद घर से बरामद हुए हैं।
बांग्लादेश के रंगपुर शहर में एक हिंदू परिवार के चार लोग संदिग्ध हालात में मृत मिले हैं। इनमें रिटायर्ड स्कूल शिक्षक, उनकी पत्नी, बेटी और बेटा शामिल हैं।
चारों के शव शनिवार रात एक बंद घर से मिले। पुलिस, CID और डिटेक्टिव ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान गणपति चक्रवर्ती (65), पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती (50), बेटी आगमी चक्रवर्ती प्रार्थी (23) और बेटे प्रियम चक्रवर्ती (12) के रूप में हुई है।
गणपति रंगपुर जिला स्कूल में शिक्षक थे और पिछले साल 31 दिसंबर को रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद वे होम्योपैथी का काम भी कर रहे थे।

परिवार के चारों सदस्यों की मौत के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
गुरुवार से परिवार से संपर्क नहीं हुआ, फोन बंद थे
परिजन के मुताबिक, प्रीतिलता की छोटी बहन पूजा चक्रवर्ती ने उनसे गुरुवार दोपहर आखिरी बार बात की थी। इसके बाद गुरुवार रात से परिवार के चारों मोबाइल फोन बंद हो गए।
शनिवार रात परिजन रंगपुर के दासपाड़ा इलाके में उनके घर पहुंचे। घर का मुख्य गेट बंद था और अंदर की सभी लाइटें भी बंद थीं।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और चारों के शव बरामद किए।
चारों के शव घर में अलग-अलग जगह मिले
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन CID के अधिकारी सुबीर चौधरी के मुताबिक, गणपति का शव छत पर, उनकी पत्नी और बेटी के शव सीढ़ियों के पास मिले। वहीं 12 साल के बेटे प्रियम का शव बिस्तर के नीचे मिला।
परिजनों ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि परिवार को किसने और क्यों निशाना बनाया। गणपति की भतीजी सोमा चक्रवर्ती ने कहा कि उनके चाचा का किसी से विवाद या दुश्मनी नहीं थी। परिवार ने दासपाड़ा में नया घर बनाया था और वहीं रह रहा था।
गणपति की बेटी आगमी ने इसी साल अंग्रेजी में मास्टर्स की डिग्री पूरी की थी। उनका 12 साल का बेटा प्रियम 5वीं कक्षा में पढ़ता था।

पुलिस के साथ CID ने भी मामले की जांच शुरू की
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतवाली थाने के प्रभारी अधिकारी नजमुल कादेर के मुताबिक, पुलिस के साथ CID और डिटेक्टिव ब्रांच भी मामले की जांच कर रही हैं। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चारों की मौत कब और कैसे हुई और इसके पीछे क्या वजह थी।
मौत का सही कारण और घटना का पूरा क्रम अभी सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
हसीना के देश छोड़ने के बाद हिओं पर हुई हिंसा
मानवाधिकार संगठनों, जैसे बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद, का दावा है कि शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद हुई हिंसा में 82 से ज्यादा हिंदुओं की मौत हुई और 2,000 से ज्यादा हमले हुए।
वहीं, बांग्लादेश पुलिस और सरकारी जांच में केवल 3 से 5 मौतों को सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ा माना गया। अधिकारियों का कहना है कि बाकी घटनाएं राजनीतिक हिंसा और झड़पों से जुड़ी थीं।
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