August 30, 2026

4 फ्लाइट, 68.5 टन राहत, ब्रिज, DNA टीम! नेपाल बाढ़ पीड़ितों के लिए भारत ने अब तक क्या-क्या भेजा?

Time Published: Sunday, August 30, 2026, 10:09 [IST]

India Nepal Flood Relief: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद हालात लगातार मुश्किल बने हुए हैं। कई इलाकों में सड़क, पुल और संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है, जबकि राहत और बचाव अभियान जारी है। इस बीच भारत ने नेपाल के लिए अपनी मदद और बढ़ा दी है। 29 अगस्त को भारत ने राहत सामग्री लेकर चौथी फ्लाइट नेपाल के लिए रवाना की।

भारतीय वायुसेना के C-130 विमान से 11 टन राहत सामग्री के साथ सर्च और रेस्क्यू के लिए टनल टेक्निकल टीम, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और जरूरी उपकरण भेजे गए हैं। इसके अलावा भारत नेपाल में कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए मॉड्यूलर स्टील और बेली ब्रिज के उपकरण भी भेज रहा है। अब तक भारत 68.5 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचा चुका है। ऐसे में जानते हैं कि भारत ने नेपाल के लिए अब तक क्या-क्या भेजा है।

india nepal flood relief explainer

68.5 टन राहत सामग्री पहुंचाई

भारत ने अब तक नेपाल के लिए कुल 68.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई है। इसमें जरूरी दवाइयां, पोर्टेबल जनरेटर सेट, खाने के पैकेट, पानी साफ करने वाली गोलियां और तकनीकी उपकरण शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट भी भेजे गए हैं। भारतीय वायुसेना के विमानों के जरिए लगातार राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई जा रही है।

सर्च और रेस्क्यू के लिए तकनीकी टीम

भारत ने नेपाल में राहत और बचाव अभियान को मजबूत करने के लिए तकनीकी टीम भी भेजी है। चौथी फ्लाइट में एक टनल टेक्निकल कंटिंजेंट को जरूरी उपकरणों के साथ रवाना किया गया। यह टीम सुरंग या मलबे में फंसे लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करेगी। इससे पहले भी सुरंग बचाव अभियानों के लिए डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और रेकी टीम के सदस्यों को नेपाल भेजा गया था। इसका मकसद स्थानीय बचाव दल की क्षमता बढ़ाना है।

DNA जांच के लिए फॉरेंसिक टीम

बाढ़ के बाद कई लोगों के लापता होने या शवों की पहचान में मुश्किल आने की स्थिति में भारत ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी भेजी है। चौथी फ्लाइट में DNA विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और जरूरी उपकरण भेजे गए हैं। यह टीम जरूरत पड़ने पर अज्ञात शवों और लापता लोगों की पहचान में मदद करेगी। आपदा के बाद राहत और बचाव के साथ-साथ प्रभावित परिवारों तक सही जानकारी पहुंचाने में DNA विश्लेषण अहम भूमिका निभा सकता है।

230 फीट का स्टील ब्रिज

बाढ़ में सड़क और पुलों के क्षतिग्रस्त होने से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। ऐसे में भारत ने नेपाल में कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए 230 फीट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के उपकरण भेजे हैं। विदेश मंत्री के मुताबिक, इन उपकरणों से लदे 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं। इस ब्रिज के निर्माण से प्रभावित इलाकों में लोगों और राहत सामग्री की आवाजाही आसान हो सकेगी और जरूरी सेवाओं को तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

सात और बेली ब्रिज की तैयारी

भारत ने नेपाल में सिर्फ एक ब्रिज के लिए ही मदद नहीं भेजी है, बल्कि सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए जरूरी उपकरण भी जल्द उपलब्ध कराने की तैयारी है। इन पुलों की स्थापना के लिए तकनीकी टीमें भी नेपाल पहुंचेंगी। बेली ब्रिज आपदा के बाद अस्थायी तौर पर संपर्क बहाल करने में काफी उपयोगी होते हैं। इनके जरिए उन इलाकों को दोबारा जोड़ने में मदद मिल सकती है, जहां बाढ़ के कारण सड़क और पुलों का नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

खाना, पानी और जरूरी सामान

भारत की राहत सहायता में प्रभावित लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का भी ध्यान रखा गया है। राहत खेप में खाद्य पैकेट, पानी शुद्ध करने वाली गोलियां, कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इसके अलावा पोर्टेबल जनरेटर भी भेजे गए हैं, ताकि बिजली से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके। भारत ने आपदा के तुरंत बाद 10 टन मानवीय सहायता भेजी थी और इसके बाद लगातार कई खेप नेपाल पहुंचाई गई हैं।