August 31, 2026

4.5 करोड़ की किताब खरीद पर अनियमितता का आरोप: भाजपा नेता ने उठाए सवाल, मिडिल स्कूलों की लाइब्रेरी में प्रतियोगिता की किताबों का क्या काम - Samastipur News

समस्तीपुर जिला बीस सूत्री की बैठक में नगर निगम क्षेत्र के मिडिल स्कूलों में लाइब्रेरी संचालन के लिए पुस्तकों की खरीद पर सवाल खड़े हो गए हैं। मिडिल स्कूल के बच्चों के लिए विभिन्न विषयों-प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से संबंधित 1428 प्रकार की किताबों क

.

किताबों की खरीद को लेकर जिला बीस सूत्री के सदस्य एवं भाजपा नेता कौशल सिंह ने बैठक में सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम क्षेत्र के स्कूलों में राज्य सरकार की ओर से पाठ्यक्रम से संबंधित पुस्तकें पहले से उपलब्ध कराई गई हैं।

इसके बावजूद पुस्तकालय संचालन के नाम पर स्कूलों में 1400 से अधिक प्रकार की पुस्तकों की एक खेप भेजी गई है, जिनसे मिडिल स्कूल के बच्चों को कोई विशेष लाभ नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि पुस्तकालयों में ऐसी पुस्तकें भेजी गई हैं, जिनकी आवश्यकता मिडिल स्कूल के बच्चों को फिलहाल नहीं है। ऐसे में इन पुस्तकों की खरीद और सरकारी राशि के खर्च की जांच होनी चाहिए।

लाइब्रेरी में किताबों की आपूर्ति पर सवाल।

लाइब्रेरी में किताबों की आपूर्ति पर सवाल।

'किताबों की खरीदारी में अनियमितता की आशंका'

कौशल सिंह ने बैठक में कुछ किताबों का उदाहरण देते हुए कहा कि मिडिल स्कूलों की लाइब्रेरी में ‘सिविल सर्विसेज में सफल कैसे हों’, ‘बिहार सामान्य ज्ञान’, ‘बिहार वस्तुनिष्ठ सामान्य ज्ञान’, ‘ऑब्जेक्टिव बिहार चैप्टर’, ‘रैपिड सामान्य ज्ञान’, ‘भारत का संविधान’, ‘चंपारण में महात्मा गांधी’, ‘बिहार की परीक्षा में मेरिट कैसे पाएं’, ‘बिहार में नील कोठियों का इतिहास’, ‘बायोलॉजी मैन्युअल क्लास 10’, ‘फिजिक्स मैन्युअल क्लास 9’, ‘फिजिक्स मैन्युअल क्लास 10’ और ‘बिहार और उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती कैसे हों’ जैसी पुस्तकें भेजी गई हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि मिडिल स्कूल के बच्चों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं और पुलिस भर्ती से संबंधित पुस्तकों की वर्तमान में कितनी उपयोगिता है। उनका आरोप था कि पुस्तकों की खरीद में अनियमितता की आशंका है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

खरीदी गई किताबें, जिनपर सवाल उठाए जा रहे हैं।

खरीदी गई किताबें, जिनपर सवाल उठाए जा रहे हैं।

माकपा विधायक ने भी की जांच की मांग

भाजपा नेता एवं बीस सूत्री सदस्य की ओर से उठाए गए इस मुद्दे पर बैठक में मौजूद माकपा विधायक अजय कुमार ने भी पूरे मामले की जांच की मांग की। उन्होंने पुस्तकों की खरीद को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि मिडिल स्कूलों की लाइब्रेरी में ऐसी किताबें भेजी गई हैं, जिनका उपयोग बच्चों की ओर से किए जाने की संभावना कम है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के जिन स्कूलों में पुस्तकालय संचालन के लिए ये किताबें भेजी गई हैं, उनमें से कई स्कूलों में पुस्तकालयाध्यक्ष तक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में किताबों के उपयोग और उनकी खरीद की आवश्यकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। विधायक ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी

जिला प्रभारी मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि बैठक में एक सदस्य की ओर से यह मुद्दा उठाया गया था। मामले की जांच के लिए डीएम को निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि जिन पुस्तकों की खरीद की गई है, उनकी मिडिल स्कूलों में वास्तव में आवश्यकता थी या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।