दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए राजधानी में कड़ी सुरक्षा ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस की 'किलाबंदी' से जंतर-मंतर नहीं पहुंच सके प्रदर्शनकारी। (पीटीआई)
HighLights
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर प्रदर्शन रोकने को की 'किलाबंदी'।
लगभग 4000 प्रदर्शनकारी और नेता हिरासत में लिए गए।
मेट्रो, इंटरनेट सेवाएं बाधित, दिल्ली में सुरक्षा कड़ी।
जागरण टीम, नई दिल्ली। मतदाता सूची में अनियमितताओं के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की दिल्ली पुलिस की सख्ती के आगे एक नहीं चली।
जुलाई माह में हुए प्रदर्शन से सबक लेते हुए शनिवार को दिल्ली पुलिस ने राजधानी की ऐसी किलाबंदी की थी कि प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तो दूर, नई दिल्ली जिले तक भी नहीं पहुंच सके। राजधानी की सीमाओं से लेकर नई दिल्ली जिले तक तैनात 35 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों के चलते दिल्ली बंद जैसे हालात नजर आए। इससे किसी भी सार्वजनिक स्थान पर सीजेपी कार्यकर्ता प्रदर्शन करने में असमर्थ रहे।
देर शाम तक करीब 4000 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेने की बात सामने आई थी। सुप्रीम कोर्ट से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद सीजेपी कार्यकर्ताओं और विपक्ष के नेताओं के रुख को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह से ही नई दिल्ली की तरफ जाने वाले हर रास्ते पर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी।
सबसे पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी और सीजेपी नेता रत्ना सिंह को उनके गुरुग्राम स्थित आवास से हिरासत में लिया गया। शनिवार सुबह करीब 9.45 पर जैसे ही सीजेपी संयोजक अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका मुंबई से विमान द्वारा दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे, पुलिस टीम ने उन्हें रनवे पर ही विमान के अंदर जाकर हिरासत में ले लिया।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद दीपके को गुरुग्राम ले जाया गया। वहीं, सौरव दास को जाफरपुर कलां और रांका को बाहरी दिल्ली के डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया।
जेन जी का नहीं मिला समर्थन
इन गिरफ्तारियों ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन की योजनाओं पर पानी फेर दिया और उनके समर्थकों का मनोबल तोड़ दिया। पुलिस के साथ कुछ झड़पों और मामूली धक्का-मुक्की के बाद उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। पुलिस के लिए एक बड़ी राहत की बात यह रही कि सीजेपी को इस बार जेन जी या अन्य छात्र संगठनों का व्यापक समर्थन नहीं मिला।
ममता-केजरीवाल नहीं जा पाए जंतर-मंतर
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लोधी एस्टेट स्थित उनके आवास के बाहर जंतर-मंतर की ओर मार्च करते समय हिरासत में लिया गया। पुलिस उन्हें बस तक ले गई तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने रोकने की कोशिश की। उनके साथ राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, विधायक कुलदीप कुमार और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा भी हिरासत में लिए गए।
आप नेता गोपाल राय को पार्टी कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान पकड़ा गया। वहीं, बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस नेताओं को साउथ एवेन्यू में हिरासत में लिया गया। जंतर-मंतर जाने से रोके जाने पर उन्होंने वहीं धरना दिया। ममता के साथ तृणमूल नेता डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन, समीरुल इस्लाम, प्रतिमा मंडल और साकेत गोखले थे।
केरलम् के पूर्व सीएम पिनराई विजयन, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार, माकपा नेता वृंदा करात को भी जंतर-मंतर जाते समय हिरासत में ले लिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, वकील प्रशांत भूषण और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा को आईएनए बाजार के पास पकड़ा गया।
मामूली झड़प के बाद डिटेंशन सेंटर भेजे गए प्रदर्शनकारी
दिल्ली पुलिस को जिस स्थान पर भी 10-15 लोग एक साथ दिखे, उन्हें तत्काल हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया। नई दिल्ली रेंज के संयुक्त आयुक्त नूपुर प्रसाद ने बताया कि कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हाथापाई और मामूली झड़पें हुईं, बैरिकेड्स भी गिराए गए। हालांकि, कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही और कहीं से भी उपद्रव, तोड़फोड़ या आगजनी की खबर नहीं मिली।
पड़ोसी राज्यों के रेलवे स्टेशनों पर लंबी दूरी की ट्रेनों को रोककर जीआरपी और आरपीएफ यात्रियों से पूछताछ करती रही। दिल्ली जाने वाली बसों को भी यूपी, हरियाणा और राजस्थान पुलिस द्वारा जांच के लिए रोका गया।
45 मेट्रो स्टेशन रहे बंद, परिवहन और इंटरनेट पर भी रहा प्रतिबंध
प्रदर्शन को रोकने के लिए, 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया था। एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों की सेवा भी बाधित रही। बसों की संख्या सीमित की गई और 30 से अधिक रूटों पर डायवर्जन किया गया। नई दिल्ली में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई और बाजार भी बंद रहे। इन प्रतिबंधों के कारण, शनिवार को एनसीआर से दिल्ली आने वालों की संख्या अन्य दिनों की तुलना में सिर्फ 25 प्रतिशत रही।
मुंबई में भी सीजेपी के समर्थन में प्रदर्शन
मुंबई में अलग-अलग स्थानों से महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी, अभिनेता इमरान खान और माकपा कार्यकर्ताओं समेत लगभग 400 लोगों को हिरासत में लिया गया। ये सभी सीजेपी के प्रदर्शन के समर्थन में बिना अनुमति के सड़कों पर उतरे थे।
अगस्त क्रांति मैदान, हुतात्मा चौक और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन हुए। हुतात्मा चौक पर प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाले वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) के कई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
तुषार गांधी के नेतृत्व वाले संगठन हम भारत के लोग से जुड़े लोगों और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों लोग बिना अनुमति अगस्त क्रांति मैदान में जमा हुए थे। इनमें करीब 200 लोगों को हिरासत में लिया गया। एक अधिकारी ने कहा कि उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।