September 19, 2026

सुप्रीम कोर्ट ने सहायक आचार्य का रिजल्ट रद्द किया: 4 हफ्ते में नया रिजल्ट जारी होगा, कोर्ट ने कहा-मुख्य सचिव अनुपालन रिपोर्ट भी दें - Ranchi News

रांची51 मिनट पहले

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3 साल पहले 26,001 पदों के लिए वैकेंसी, 11 हजार की बहाली, 16 हजार पद रह गए थे खाली, तुलसी महतो व अनिल यादव ने दायर की थी यह याचिका

झारखंड में प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में 26,001 सहायक आचार्य की नियुक्ति का मामला एक बार फिर विवादों में फंस गया है। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से जारी संशोधित रिजल्ट को रद्द कर दिया है। जेएसएससी को चार सप्ताह में नया रिजल्ट जारी करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही मुख्य सचिव को अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है। संशोधित रिजल्ट के आधार पर अब तक 11 हजार से अधिक सहायक आचार्य विभिन्न जिलों में अपनी सेवा दे रहे हैं।

याचिकाकर्ता तुलसी महतो और अनिल कुमार यादव की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस उज्जवल भुइयां और जस्टिस एएस चंदूरकर की पीठ ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। याचिका में कहा गया था कि जेएसएससी ने जो संशोधित रिजल्ट जारी किया है, वह सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के निर्णय के अनुरूप नहीं है। इसमें परिमल कुमार से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसले को आधार बनाया गया था। इस पर दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश पर जेएसएससी द्वारा तैयार किया गया संशोधित परिणाम सही नहीं था। इसलिए रिजल्ट को रद्द किया जाता है।

वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है, जानिए...संशोधित रिजल्ट रद्द करने का क्या है आधार

यह मामला आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को अनारक्षित श्रेणी में समायोजित करने से जुड़ा है। पहली बार रिजल्ट जारी होने के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए संशोधित रिजल्ट जारी करने का निर्देश दिया। इसमें कहा गया कि आरक्षित श्रेणी के जिस अभ्य​र्थी ने जेटेट में आर​क्षण का लाभ ले लिया है और 60% अंक हासिल नहीं किया है, उसे अनारक्षित श्रेणी में शामिल नहीं किया जा सकता। अनारक्षित श्रेणी में वही अभ्यर्थी आ सकता है, जिसने आरक्षण का लाभ नहीं लिया हो और जेटेट में निर्धारित 60% या उससे अधिक अंक हासिल किए हों। इस आधार पर जेएसएससी ने सितंबर 2025 से संशोधित रिजल्ट जारी करना शुरू किया। 11 हजार सहायक आचार्य की नियुक्ति हो गई। बाद में यही विवाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसमें कहा गया कि यह संशोधित रिजल्ट सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के आदेश के अनुरूप नहीं है।

2000 सहायक आचार्य बाहर हो सकते हैं

अभी 11 हजार सहायक आचार्य नौकरी कर रहे हैं। फैसले के बाद फिर नया रिजल्ट जारी होगा। नई मेरिट लिस्ट बनेगी। इसमें आरक्षण मामले में हुई गड़बड़ी के दायरे में करीब 2000 सहायक आचार्य आ सकते हैं।

इन पदों के लिए आई थी वैकेंसी

  • कक्षा 1 से 5 : 11 हजार इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य
  • कक्षा छह से आठ : 15,001 स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य, इनमें भाषा ज्ञान के 4,991, सामाजिक विज्ञान के 5002 और विज्ञान व गणित के 5008 पद।

पारा और गैर पारा कोटा पारा शिक्षक 12,868 गैर पारा शिक्षक 13,133 पहली से पांचवीं तक पारा कैटेगरी के 5469 और गैर पारा कैटेगरी के 5531 पद थे छठी से आठवीं तक पारा कैटेगरी के 7399 और गैर पारा कैटेगरी के 7602 पद थे।

सीटेट को लेकर भी हुआ था विवाद

नियुक्ति के दौरान सीटेट और दूसरे राज्यों के टेट को लेकर भी काफी विवाद हुआ था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जेएसएससी ने 53,604 ऐसे आवेदन रद्द कर दिए गए थे, जिन्हें हाईकोर्ट के आदेश पर आवेदन का अवसर मिला था। साथ ही एक से अधिक आवेदन करने के कारण पहले रद्द किए गए 1196 आवेदन पुनर्बहाल किए गए थे।

नॉर्मलाइजेशन को लेकर 28 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

इस आदेश के साथ ही पूरा विवाद खत्म नहीं हुआ है। नॉर्मलाइजेशन को लेकर दायर अलग अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 28 अक्टूबर 2026 को होगी। यानी अब भर्ती में एक साथ दो महत्वपूर्ण कानूनी सवाल बने हुए हैं- रिजल्ट का आधार और नॉर्मलाइजेशन। इसके अलावा झारखंड हाईकोर्ट में भी सहायक आचार्य नियुक्ति से जुड़े मामले लंबित हैं। 17 सितंबर की सुनवाई में हाईकोर्ट ने एक मामले में 43 सीटें सुरक्षित रखने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 तय की है।

विज्ञापन से रिजल्ट रद्द होने तक का सफर

  • 19 जुलाई 2023 : 26,001 पदों के लिए विज्ञापन जारी। अगस्त-सितंबर 2023 तक आवेदन प्रक्रिया चली। फिर पारा शिक्षक आरक्षण को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
  • 2024 : अलग-अलग चरणों में परीक्षा।
  • अगस्त 2025 : रिजल्ट जारी होना शुरू। 9,348 का चयन, 16,653 पद रिक्त।
  • सितंबर 2025 : विभागीय निर्देश पर संशोधित रिजल्ट जारी।
  • 6 नवंबर 2025 : 7330 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित।
  • 14 फरवरी 2026 : सामाजिक विज्ञान के 1,018 अभ्यर्थियों का परिणाम।
  • मई 2026: अतिरिक्त परिणाम व जिला-श्रेणी संशोधन।
  • 17 सितंबर 2026: सुप्रीम कोर्ट ने संशोधित रिजल्ट रद्द किया।

स्कूलों पर भी पड़ेगा असर... कुछ शिक्षकों का बदल सकता है स्कूल

शिक्षकों की नियुक्ति अब नई मेरिट लिस्ट पर निर्भर रहेगी नई मेरिट में चयन बदलने पर कुछ शिक्षकों का वर्तमान स्कूल बदल सकता है और कुछ की नियुक्ति प्रभावित हो सकती है। इसका असर प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में पढ़ाई पर भी पड़ सकता है, क्योंकि शिक्षकों की संख्या और पदस्थापन में बदलाव होना तय है।

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