September 13, 2026

पंजाब में अब नहीं लगेंगे बिजली कट: राजपुरा-तलवंडी साबो की सभी यूनिटें चालू; इंडस्ट्री में लग रहे थे 10 घंटे कट - Jalandhar News

पंजाब में राजपुरा थर्मल प्लांट और तलवंडी साबो पावर प्लांट के सभी यूनिट चलने के बाद अब पंजाब में बिजली संकट से राहत मिलने की उम्मीद है। पावरकॉम के अनुसार, रविवार से कृषि और इंडस्ट्रियल क्षेत्र में लगाए जा रहे बिजली के कट बंद कर दिए गए हैं। दोनों जगह 3

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दरअसल, कोयले की कमी के चलते राजपुरा थर्मल प्लांट की 1 यूनिट, जबकि तलवंडी साबो की 2 यूनिटें बंद हो गई थीं। इसके कारण शाम के समय उद्योगों में अनशेड्यूल कट लगाए जा रहे थे। इसका असर शहरी और ग्रामीण इलाकों पर भी पड़ा। शहरी क्षेत्रों में 3 से 4 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 1 घंटे तक बिजली कट लगे।

लुधियाना, जालंधर और मंडी गोबिंदगढ़ जैसे इंडस्ट्रियल एरिया में 10 से 11 घंटे तक बिजली कट लगाए गए। किसानों को ट्यूबवेल चलाने के लिए भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही थी। रविवार सुबह पंजाब में बिजली की मांग 115,762 मेगावाट पहुंच गई। वहीं, बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने दावा किया था कि मौजूदा बिजली संकट को एक-दो दिनों में हल कर लिया जाएगा।

किस पावर थर्मल प्लांट में कोयले का कितना स्टॉक

  • लेहरा मोहब्बत- 12 दिन
  • गोइंदवाल- 17 दिन
  • रोपड़ - 62 दिन
  • राजपुरा - 5 दिन
  • तलवंडी साबो - 9 दिन

मंत्री का दावा- 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही

मंत्री सौंद ने कहा कि पंजाब सरकार इस मामले को लेकर केंद्र सरकार के संपर्क में है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब को केंद्रीय पावर पूल में से उसके निर्धारित हिस्से से कम बिजली मिल रही है। उनके मुताबिक राज्य को इस समय लगभग 1,051 मेगावाट कम बिजली मिल रही है।

सौंद ने बताया कि उन्होंने इस मामले के संबंध में केंद्रीय बिजली मंत्री को लिखित में भेजा है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य को उसका बनता बिजली का हिस्सा मिल जाता है, तो संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि पंजाब कृषि प्रधान राज्य होने के कारण किसानों के लिए बिना रुकावट बिजली सप्लाई बेहद जरूरी है।

कुल खपत का 70 फीसदी हिस्सा केंद्रीय ग्रिड से आ रहा

पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के ताजा रियल-टाइम आंकड़ों के अनुसार, राज्य में बिजली की कुल लोड मांग बढ़कर 15,762 मेगावाट के स्तर पर पहुंच गई है। इस भारी मांग को पूरा करने के लिए राज्य अपनी कुल खपत की 70 प्रतिशत से अधिक बिजली केंद्रीय ग्रिड से प्राप्त कर रहा है। मौजूद समय में राज्य का अपना बिजली उत्पादन 4,626 मेगावाट है, जिसके चलते पंजाब केंद्रीय ग्रिड से लगभग 11,138 मेगावाट बिजली की निकासी कर रहा है।

2,119 मेगावाट बिजली प्राइवेट थर्मलों से मिल रही

उत्पादन के आंकड़ों पर नजर डालें तो राज्य के कुल उत्पादन में सबसे बड़ा हिस्सा प्राइवेट थर्मलों का है, जिनसे 2,119 मेगावाट बिजली मिल रही है। इसमें तलवंडी साबो थर्मल प्लांट से 1,129 मेगावाट और राजपुरा प्लांट से 990 मेगावाट का उत्पादन शामिल है। वहीं, राज्य के अपने थर्मल पावर स्टेशनों से कुल 1,774 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिसमें लेहरा मोहब्बत (799 MW), गोइंदवाल साहिब (516 MW) और रोपड़ थर्मल प्लांट (459 MW) योगदान दे रहे हैं।

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