July 17, 2026

पुणे में 39 साल का इंतजार खत्म! HCMTR को मिली रफ्तार, 9000 करोड़ की एलिवेटेड सड़क के लिए जल्द जारी होंगे टेंडर| Navbharat Live

Updated On: Jul 17, 2026 | 09:07 AM IST

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सार

Pune HCMTR Project: पुणे मनपा ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए ₹9,000 करोड़ की एचसीएमटीआर परियोजना के टेंडर अगले 3-4 महीने में शुरू करेगी। 36 किमी लंबी यह सड़क पूरी तरह एलिवेटेड होगी।

Pune Municipal Corporation to launch tenders for the ₹9,000-crore HCMTR project within 4 months. The 36-km elevated corridor aims to resolve city traffic woes.

एलिवेटेड सड़क (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

Pune Elevated Corridor Project: करीब चार दशक से पुणे के विकास प्लान में शामिल हाई कैपेसिटी मास ट्रांजिट रूट (एचसीएमटीआर) परियोजना अब जमीन पर उतरने की तैयारी में है। पुणे महानगर पालिका ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को प्राथमिकता देते हुए अगले तीन से चार महीने में टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का खाका तैयार किया है। करीब 9 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना शहर की लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

39 वर्षों से फाइलों में अटकी इस परियोजना को अब गति मिलने की उम्मीद है। महानगरपालिका ने मानसून खत्म होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, लंबे समय तक यह परियोजना क्यों लंबित रही, यह सवाल अभी भी चर्चा में है।

तीन बड़े प्रोजेक्ट को मिलेगी गति

महाराष्ट्र सरकार ने पुणे की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए एचसीएमटीआर, रिंग रोड और भूमिगत मार्ग (टनल) जैसी तीन प्रमुख परियोजनाओं को गति देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है, जो इन परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करेगी। सरकार का उद्देश्य शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना और भविष्य की जरूरतों के अनुसार मजबूत परिवहन नेटवर्क तैयार करना है।

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36 किमी लंबी, 24 मीटर चौड़ी सड़क

इसी दिशा में पुणे मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि तीनों परियोजनाओं में एचसीएमटीआर को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। यह करीब 36 किलोमीटर लंबी और 24 मीटर चौड़ी पूरी तरह एलिवेटेड सड़क होगी।

मानसून समाप्त होने के बाद इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए केवल 15 प्रतिशत निजी भूमि का अधिग्रहण करना होगा। करीब 60 प्रतिशत भूमि राज्य और केंद्र सरकार के स्वामित्व में है, जबकि लगभग 25 प्रतिशत हिस्से में पहले से सड़कें मौजूद है।

10 स्थानों पर बनेगी क्रॉसिंग

इस कारण भूमि अधिग्रहण से जुड़ी बड़ी समस्याएं सामने आने की संभावना कम है। इससे परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि प्रस्तावित मार्ग पर 10 स्थानों पर मेट्रो कॉरिडोर के साथ क्रॉसिंग की स्थिति बन रही है। इन तकनीकी मुद्दों के समाधान के लिए महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (महामेट्रो) के साथ चर्चा की जाएगी।

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तीन साल में काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित

पुणे मनपा इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी, निर्माण कार्य को अलग-अलग पैकेज में बांटकर टेंडर जारी किए जाएंगे, जिससे कई हिस्सों में एक साथ काम शुरू किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण शुरू होने के बाद ढाई से तीन वर्षों में परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के वित्तीय मॉडल में भी बदलाव किया गया है।

आयुक्त नवल किशोर राम ने स्पष्ट किया कि एचसीएमटीआर का निर्माण बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल पर नहीं किया जाएगा। इसके लिए हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) या पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए आर्थिक और तकनीकी सलाहकारों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही परियोजना के बेहतर संचालन के लिए विशेष परियोजना सेल बनाने की तैयारी भी चल रही है।

टोल रहित सुविधा

फिलहाल इस मार्ग पर टोल वसूलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। प्रशासन का उद्देश्य तेज, आसान और निर्बाध यातायात सुविधा उपलब्ध कराना है। तय समय में टेंडर प्रक्रिया पूरी होती है और काम शुरू हो जाता है, तो वर्षों से लंबित यह परियोजना ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है। बेहतर कनेक्टिविटी देने के साथ यह भविष्य के यातायात दबाव को कम करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।

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