मुरादाबाद जिले की 25-कांठ विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक कमाल अख्तर की विधायक निधि से जुड़े चार वित्तीय वर्षों के आंकड़े सामने आए हैं। Kamal Akhtar MLA Fund Report के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक विधायक की ओर से कुल 386 विकास कार्यों की अनुशंसा की गई। इनमें 358 कार्यों को स्वीकृति मिली, 17 प्रस्ताव निरस्त किए गए और 11 कार्य अभी स्वीकृति की प्रक्रिया में लंबित दर्ज हैं।
चार वर्षों के संयुक्त आंकड़ों में स्वीकृत कार्यों की हिस्सेदारी 92.75 प्रतिशत है। निरस्त प्रस्तावों का अनुपात 4.40 प्रतिशत और लंबित कार्यों का हिस्सा 2.85 प्रतिशत है। वर्ष 2023-24 में सभी 85 प्रस्तावों को मंजूरी मिली थी। वित्तीय वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक 210 विकास कार्य प्रस्तावित किए गए, जिनमें 196 स्वीकृत और 14 निरस्त हुए। वर्ष 2025-26 में 89 प्रस्तावों में से 75 मंजूर, 11 लंबित और तीन निरस्त दर्ज हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की उपलब्ध रिपोर्ट में दो कार्य अनुशंसित और दोनों स्वीकृत दिखाई देते हैं।
कमाल अख्तर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं।
उनकी विधायक प्रोफाइल के अनुसार वह कांठ विधानसभा क्षेत्र संख्या 25 से अठारहवीं उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य हैं। इससे पहले वह राज्यसभा सदस्य, हसनपुर से विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनके विस्तृत राजनीतिक सफर और जीवन परिचय में राज्यसभा से विधानसभा और मंत्री पद तक की यात्रा का विवरण उपलब्ध है।
Kamal Akhtar MLA Fund Report की वर्षवार पूरी तालिका
| वित्तीय वर्ष | अनुशंसित कार्य | 45 दिन तक लंबित | 45-60 दिन लंबित | 60 दिन से अधिक लंबित | कुल लंबित | 45 दिन में स्वीकृत | 45-60 दिन में स्वीकृत | 60 दिन बाद स्वीकृत | कुल स्वीकृत | निरस्त कार्य | कुल प्रस्तावों पर स्वीकृति दर |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2023-24 | 85 | 0 | 0 | 0 | 0 | 85 | 0 | 0 | 85 | 0 | 100% |
| 2024-25 | 210 | 0 | 0 | 0 | 0 | 51 | 145 | 0 | 196 | 14 | 93.33% |
| 2025-26 | 89 | 11 | 0 | 0 | 11 | 18 | 5 | 52 | 75 | 3 | 84.27% |
| 2026-27* | 2 | 0 | 0 | 0 | 0 | 2 | 0 | 0 | 2 | 0 | 100% |
| कुल | 386 | 11 | 0 | 0 | 11 | 156 | 150 | 52 | 358 | 17 | 92.75% |
*वित्तीय वर्ष 2026-27 अभी जारी है। इसलिए इस वर्ष के आंकड़ों को अंतिम वार्षिक स्थिति नहीं माना जाना चाहिए।
MLA LADS UP की विधायकवार रिपोर्ट में अनुशंसित कार्यों के साथ स्वीकृति के लिए लंबित प्रस्ताव, स्वीकृति में लगा समय और निरस्त कार्यों की संख्या दी जाती है। संबंधित सरकारी रिपोर्ट को MLA LADS UP के आधिकारिक पोर्टल पर देखा जा सकता है। पोर्टल पर वर्तमान में 2023-24, 2024-25, 2025-26 और 2026-27 के विकल्प उपलब्ध हैं।
चार वर्षों में 386 कार्यों की अनुशंसा
कमाल अख्तर ने उपलब्ध चार वित्तीय वर्षों में कुल 386 विकास कार्यों की अनुशंसा की। इनमें से 358 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। कुल 17 प्रस्ताव निरस्त हुए, जबकि 11 प्रस्ताव स्वीकृति प्रक्रिया में दर्ज हैं।
चार वर्षों का संयुक्त प्रदर्शन
| विवरण | कार्यों की संख्या | कुल अनुशंसित कार्यों में हिस्सा |
| कुल अनुशंसित कार्य | 386 | 100% |
| कुल स्वीकृत कार्य | 358 | 92.75% |
| कुल निरस्त कार्य | 17 | 4.40% |
| कुल लंबित कार्य | 11 | 2.85% |
संयुक्त आंकड़े प्रशासनिक स्वीकृति के स्तर पर मजबूत प्रदर्शन दिखाते हैं। प्रत्येक 100 अनुशंसित कार्यों में औसतन लगभग 93 कार्यों को मंजूरी मिली। करीब चार प्रस्ताव निरस्त हुए और लगभग तीन कार्य रिपोर्ट तैयार होने तक प्रक्रिया में लंबित रहे।
स्वीकृत कार्यों की संख्या वास्तविक रूप से पूरे हो चुके कार्यों की संख्या नहीं है। विधायकवार सारांश रिपोर्ट केवल यह बताती है कि विधायक की अनुशंसा पर प्रशासनिक प्रक्रिया किस स्तर तक पहुंची। काम की वास्तविक भौतिक स्थिति जानने के लिए कार्यवार रिपोर्ट, व्यय, पूर्णता प्रमाणपत्र और मौके की तस्वीरों का परीक्षण जरूरी होगा।
वित्तीय वर्ष 2023-24: सभी 85 प्रस्तावों को मिली मंजूरी
वित्तीय वर्ष 2023-24 कमाल अख्तर की विधायक निधि रिपोर्ट का सबसे संतुलित वर्ष दिखाई देता है। इस वर्ष कुल 85 विकास कार्यों की अनुशंसा की गई और सभी 85 प्रस्तावों को 45 दिन की अवधि में स्वीकृत दर्ज किया गया।
किसी कार्य को स्वीकृति के लिए लंबित नहीं दिखाया गया। कोई प्रस्ताव निरस्त भी नहीं हुआ। इस तरह वर्ष 2023-24 की स्वीकृति दर 100 प्रतिशत रही।
उत्तर प्रदेश के सभी विधायकों की इस वर्ष की स्थिति को UP MLA Fund Report 2023-24 में विस्तार से देखा जा सकता है। इस रिपोर्ट से कांठ के आंकड़ों की तुलना मुरादाबाद जिले और प्रदेश की अन्य विधानसभा सीटों से की जा सकती है।
कमाल अख्तर के सभी 85 प्रस्तावों का निर्धारित शुरुआती अवधि में स्वीकृत होना यह संकेत देता है कि प्रस्तावों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज रही। यह भी संभव है कि प्रस्ताव विधायक निधि के नियमों, भूमि उपलब्धता और तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार किए गए हों।
हालांकि केवल स्वीकृति की संख्या से यह तय नहीं किया जा सकता कि कार्य कितनी जल्दी शुरू हुए या कब पूरे हुए। किसी प्रस्ताव की प्रशासनिक मंजूरी के बाद तकनीकी स्वीकृति, धनराशि जारी होने, कार्यदायी संस्था को काम सौंपने, निविदा, निर्माण और सत्यापन जैसी प्रक्रियाएं होती हैं।
इसलिए 85 स्वीकृत प्रस्तावों को सीधे 85 पूर्ण विकास कार्य नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक उपलब्धि के लिए यह जानना होगा कि इनमें सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, सोलर लाइट, सार्वजनिक भवन, शिक्षण संस्थान या अन्य किस प्रकार के काम शामिल थे।
वित्तीय वर्ष 2024-25: सर्वाधिक 210 विकास कार्य प्रस्तावित
वित्तीय वर्ष 2024-25 में कमाल अख्तर ने चार वर्षों में सबसे अधिक 210 विकास कार्यों की अनुशंसा की। इनमें से 196 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली और 14 कार्य निरस्त किए गए।
इस वर्ष कोई प्रस्ताव लंबित नहीं दिखाया गया है। सभी 210 कार्यों पर स्वीकृति अथवा निरस्तीकरण के रूप में निर्णय दर्ज हो चुका था। वर्ष की कुल स्वीकृति दर 93.33 प्रतिशत और निरस्तीकरण दर 6.67 प्रतिशत रही।
इस अवधि के प्रदेशव्यापी विधायक निधि आंकड़े UP MLA Fund Report 2024-25 में उपलब्ध हैं।
2024-25 में स्वीकृति में लगा समय
| स्वीकृति की अवधि | कार्यों की संख्या | वर्ष के स्वीकृत कार्यों में हिस्सा |
| 45 दिन के भीतर | 51 | 26.02% |
| 45 से 60 दिन के बीच | 145 | 73.98% |
| 60 दिन के बाद | 0 | 0% |
| कुल | 196 | 100% |
वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 196 कार्यों में से केवल 51 को 45 दिन के भीतर मंजूरी मिली। सबसे अधिक 145 कार्य 45 से 60 दिन के बीच स्वीकृत किए गए। इसका अर्थ है कि इस वर्ष लगभग तीन-चौथाई स्वीकृत प्रस्तावों पर निर्णय लेने में 45 दिन से अधिक का समय लगा।
इसके बावजूद किसी कार्य को 60 दिन से अधिक की श्रेणी में स्वीकृत नहीं दिखाया गया है। कोई प्रस्ताव लंबित भी नहीं था। इस आधार पर कहा जा सकता है कि प्रस्तावों के निस्तारण में शुरुआती 45 दिनों से अधिक समय जरूर लगा, लेकिन अधिकांश निर्णय 60 दिन के भीतर हो गए।
वर्ष 2023-24 की तुलना में 2024-25 में अनुशंसित कार्यों की संख्या 85 से बढ़कर 210 हो गई। यह 125 कार्यों की वृद्धि है। प्रतिशत के आधार पर प्रस्तावों की संख्या में लगभग 147.06 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
स्वीकृत कार्यों की संख्या भी 85 से बढ़कर 196 हो गई। यानी एक वर्ष में मंजूर प्रस्तावों की संख्या 111 बढ़ी। इसके साथ पहली बार 14 कार्य निरस्त भी हुए।
पोर्टल की संक्षिप्त विधायकवार तालिका निरस्त प्रस्तावों के नाम और कारण नहीं बताती। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि ये प्रस्ताव भूमि, लागत, तकनीकी आपत्ति, नियमों की पात्रता या किसी अन्य कारण से निरस्त हुए।
वित्तीय वर्ष 2025-26: 89 प्रस्तावों में 11 कार्य लंबित
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कमाल अख्तर की ओर से कुल 89 विकास कार्य अनुशंसित किए गए। इनमें से 75 कार्य स्वीकृत, तीन प्रस्ताव निरस्त और 11 कार्य स्वीकृति के लिए लंबित दर्ज हैं।
इस वर्ष की कुल स्वीकृति दर 84.27 प्रतिशत है। निरस्त कार्यों की दर 3.37 प्रतिशत और लंबित प्रस्तावों का अनुपात 12.36 प्रतिशत है। उपलब्ध चार वर्षों में यही एकमात्र वर्ष है, जिसमें कमाल अख्तर के कुछ कार्य स्वीकृति प्रक्रिया में लंबित दिखाई देते हैं।
इस वर्ष की जिला और प्रदेश स्तर की वित्तीय स्थिति UP MLA Fund Report 2025-26 में भी देखी जा सकती है।
2025-26 में प्रस्तावों की स्थिति
| प्रस्ताव की स्थिति | कार्यों की संख्या | कुल 89 प्रस्तावों में हिस्सा |
| स्वीकृत | 75 | 84.27% |
| लंबित | 11 | 12.36% |
| निरस्त | 3 | 3.37% |
| कुल | 89 | 100% |
रिपोर्ट में सभी 11 लंबित प्रस्ताव 45 दिन तक की श्रेणी में दर्ज दिखाई देते हैं। इसका अर्थ है कि रिपोर्ट तैयार होने के समय ये प्रस्ताव शुरुआती प्रक्रिया में थे। कोई प्रस्ताव 45 से 60 दिन या 60 दिन से अधिक समय से लंबित नहीं दिखाया गया।
2025-26 में स्वीकृत कार्यों का समय
| स्वीकृति की अवधि | स्वीकृत कार्य | 75 स्वीकृत कार्यों में हिस्सा |
| 45 दिन के भीतर | 18 | 24% |
| 45 से 60 दिन के बीच | 5 | 6.67% |
| 60 दिन के बाद | 52 | 69.33% |
| कुल | 75 | 100% |
वर्ष 2025-26 की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 75 स्वीकृत कार्यों में से 52 को 60 दिन से अधिक समय के बाद मंजूरी मिली। यानी इस वर्ष मंजूर हुए लगभग 69 प्रतिशत प्रस्तावों पर निर्णय में दो महीने से अधिक का समय लगा।
केवल 18 प्रस्ताव 45 दिन में और पांच प्रस्ताव 45 से 60 दिन के बीच स्वीकृत हुए। यह स्थिति 2023-24 और 2024-25 से अलग है। पहले वर्ष में सभी प्रस्ताव 45 दिन में और दूसरे वर्ष में सभी प्रस्ताव अधिकतम 60 दिन के भीतर स्वीकृत हो गए थे।
स्वीकृति में अधिक समय लगने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। भूमि संबंधी सत्यापन, तकनीकी अनुमान, संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र, प्रस्ताव में संशोधन या कार्य की पात्रता से जुड़ी आपत्तियां प्रक्रिया को लंबा कर सकती हैं। कार्यवार फाइल देखे बिना किसी निश्चित कारण को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
वर्ष 2024-25 के 210 प्रस्तावों के मुकाबले 2025-26 में अनुशंसित कार्य घटकर 89 रह गए। यह 121 कार्यों की कमी है। प्रतिशत के आधार पर प्रस्तावों की संख्या में लगभग 57.62 प्रतिशत की गिरावट हुई।
स्वीकृत कार्य भी 196 से घटकर 75 रह गए। संख्या में यह 121 की कमी और प्रतिशत में लगभग 61.73 प्रतिशत की गिरावट है। हालांकि 11 प्रस्ताव अभी प्रक्रिया में हैं। इन पर निर्णय होने के बाद 2025-26 की अंतिम स्वीकृति दर बदल सकती है।
वित्तीय वर्ष 2026-27: शुरुआती रिपोर्ट में दो कार्य स्वीकृत
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की उपलब्ध रिपोर्ट में कमाल अख्तर के नाम से दो विकास कार्य अनुशंसित दर्ज हैं। दोनों कार्यों को 45 दिन की अवधि में स्वीकृति मिल चुकी है।
कोई प्रस्ताव लंबित या निरस्त नहीं है। इस आधार पर शुरुआती स्वीकृति दर 100 प्रतिशत है। लेकिन केवल दो प्रस्तावों के आधार पर पूरे वित्तीय वर्ष के प्रदर्शन की तुलना पिछले वर्षों से करना उचित नहीं होगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 अभी जारी है। आने वाले महीनों में नए प्रस्ताव पोर्टल पर दर्ज किए जा सकते हैं। इस वर्ष की ताजा जिला और विधानसभा स्तर की स्थिति के लिए UP MLA Fund Report 2026-27 को देखा जा सकता है।
विधायक निधि से संबंधित सभी वर्षवार रिपोर्टों और विश्लेषण को उत्तर प्रदेश विधायक निधि रिपोर्ट के मुख्य पेज पर एक साथ पढ़ा जा सकता है।
साल-दर-साल किस तरह बदले विधायक निधि के आंकड़े
| तुलना | अनुशंसित कार्यों में बदलाव | स्वीकृत कार्यों में बदलाव | निरस्त कार्यों में बदलाव | लंबित कार्यों में बदलाव |
| 2023-24 से 2024-25 | +125 | +111 | +14 | 0 |
| 2024-25 से 2025-26 | -121 | -121 | -11 | +11 |
| 2025-26 से 2026-27* | -87 | -73 | -3 | -11 |
*वित्तीय वर्ष 2026-27 अभी जारी है, इसलिए इस वर्ष की तुलना पूर्ण वित्तीय वर्ष से नहीं की जानी चाहिए।
आंकड़े बताते हैं कि 2024-25 में प्रस्तावों और स्वीकृतियों की संख्या तेजी से बढ़ी। इसके बाद 2025-26 में प्रस्तावों की संख्या कम हुई और मंजूरी की प्रक्रिया भी अपेक्षाकृत धीमी दिखाई दी।
चार वर्षों में सर्वाधिक 210 प्रस्ताव वर्ष 2024-25 में और सबसे कम दो प्रस्ताव चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की उपलब्ध रिपोर्ट में दर्ज हैं। पूर्ण वित्तीय वर्षों में सबसे कम 85 कार्य 2023-24 में अनुशंसित हुए थे, लेकिन इस वर्ष सभी प्रस्ताव स्वीकृत हुए।
स्वीकृति के समय का चार वर्षों का संयुक्त विश्लेषण
कमाल अख्तर के कुल 358 स्वीकृत कार्यों में से 156 कार्य 45 दिन के भीतर, 150 कार्य 45 से 60 दिन के बीच और 52 कार्य 60 दिन से अधिक समय के बाद स्वीकृत हुए।
| स्वीकृति की अवधि | स्वीकृत कार्य | कुल 358 स्वीकृत कार्यों में हिस्सा |
| 45 दिन में स्वीकृत | 156 | 43.58% |
| 45 से 60 दिन में स्वीकृत | 150 | 41.90% |
| 60 दिन के बाद स्वीकृत | 52 | 14.52% |
| कुल | 358 | 100% |
इसका अर्थ है कि 85.48 प्रतिशत स्वीकृत कार्यों को अधिकतम 60 दिन के भीतर मंजूरी मिल गई। शेष 14.52 प्रतिशत कार्यों की स्वीकृति में 60 दिन से अधिक समय लगा।
60 दिन के बाद स्वीकृत सभी 52 कार्य वित्तीय वर्ष 2025-26 से संबंधित हैं। इससे स्पष्ट होता है कि इस वर्ष प्रस्तावों के प्रशासनिक निस्तारण में पिछले वर्षों की तुलना में अधिक समय लगा।
स्वीकृत कार्य का अर्थ पूर्ण कार्य नहीं
विधायक निधि की रिपोर्ट पढ़ते समय अनुशंसित, स्वीकृत और पूर्ण कार्य के बीच अंतर समझना जरूरी है। विधायक अपने क्षेत्र की आवश्यकता के आधार पर विकास कार्य की अनुशंसा करता है। इसके बाद जिला प्रशासन प्रस्ताव की जांच करता है।
प्रशासन यह देखता है कि प्रस्ताव विधायक निधि के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है या नहीं। जमीन किस विभाग अथवा संस्था के नाम दर्ज है, प्रस्तावित लागत उचित है या नहीं और संबंधित कार्य किसी दूसरी सरकारी योजना में पहले से स्वीकृत तो नहीं है—इन बिंदुओं का परीक्षण किया जाता है।
जांच पूरी होने के बाद प्रस्ताव को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी मिलती है। इसके बाद कार्यदायी संस्था को काम सौंपा जाता है और धनराशि जारी होती है। निर्माण पूरा होने के बाद भौतिक सत्यापन, गुणवत्ता जांच और भुगतान की प्रक्रिया होती है।
इसलिए कमाल अख्तर के 358 स्वीकृत कार्यों को बिना भौतिक रिपोर्ट के 358 पूर्ण विकास कार्य नहीं कहा जा सकता। यह संख्या केवल मंजूर प्रस्तावों की है।
काम की वास्तविक प्रगति जानने के लिए निम्न विवरण आवश्यक होगा:
| जांच का बिंदु | आवश्यक जानकारी |
| कार्य की पहचान | कार्य का नाम, गांव, वार्ड और विकास खंड |
| स्वीकृत लागत | प्रत्येक कार्य के लिए मंजूर धनराशि |
| जारी धनराशि | पहली और दूसरी किस्त का विवरण |
| व्यय | कार्य पर वास्तव में खर्च हुई रकम |
| भौतिक प्रगति | शुरू नहीं, निर्माणाधीन अथवा पूर्ण |
| कार्यदायी संस्था | निर्माण कराने वाले विभाग या एजेंसी का नाम |
| फोटो प्रमाण | कार्य से पहले, निर्माण के दौरान और पूर्णता के बाद की जियो-टैग तस्वीर |
| गुणवत्ता जांच | तकनीकी निरीक्षण और पूर्णता प्रमाणपत्र |
17 निरस्त कार्यों के कारण सार्वजनिक होने चाहिए
चार वित्तीय वर्षों में कमाल अख्तर के 17 प्रस्ताव निरस्त हुए। इनमें 14 प्रस्ताव 2024-25 और तीन प्रस्ताव 2025-26 से संबंधित हैं।
निरस्त कार्यों का नाम, स्थान और कारण विधायकवार सारांश में उपलब्ध नहीं है। इससे क्षेत्र के नागरिक यह नहीं जान सकते कि उनके गांव या मोहल्ले का कौन-सा प्रस्ताव निरस्त हुआ।
पारदर्शिता के लिए निरस्त कार्यों की सूची में प्रस्ताव की तारीख, कार्य का नाम, अनुमानित लागत, संबंधित विभाग और निरस्तीकरण का आधार दिया जाना चाहिए।
यदि किसी प्रस्ताव में तकनीकी कमी थी तो उसे संशोधित करके दोबारा भेजा जा सकता है। जमीन उपलब्ध नहीं थी तो वैकल्पिक स्थल खोजा जा सकता है। यदि कार्य किसी दूसरी योजना में पहले से स्वीकृत था तो जनता को उस योजना और उसकी वर्तमान स्थिति की जानकारी दी जानी चाहिए।
11 लंबित प्रस्तावों पर फैसले के बाद बदलेगा रिपोर्ट कार्ड
वर्ष 2025-26 के 11 प्रस्ताव अभी 45 दिन तक की लंबित श्रेणी में हैं। इन सभी प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की स्थिति में कमाल अख्तर के कुल स्वीकृत कार्यों की संख्या 358 से बढ़कर 369 हो जाएगी।
ऐसी स्थिति में चार वर्षों की संयुक्त स्वीकृति दर 92.75 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 95.60 प्रतिशत हो सकती है। यदि किसी प्रस्ताव को निरस्त किया जाता है तो अंतिम आंकड़े अलग होंगे।
इसलिए वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन को अंतिम मानने से पहले पोर्टल की अगली अपडेट देखना आवश्यक है। लंबित कार्यों के निस्तारण की तारीख और निर्णय को भी रिपोर्ट में अपडेट किया जाना चाहिए।
2022 में 43,178 वोटों से जीते थे कमाल अख्तर
कमाल अख्तर ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांठ सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। कांठ विधानसभा चुनाव परिणाम 2022 के अनुसार उन्हें 1,34,692 वोट मिले थे।
भारतीय जनता पार्टी के राजेश कुमार सिंह को 91,514 वोट मिले। कमाल अख्तर ने 43,178 मतों के अंतर से चुनाव जीता और उनका वोट प्रतिशत 49.19 प्रतिशत रहा। बसपा प्रत्याशी अफाक अली खान को 36,341 वोट मिले थे।
कांठ विधानसभा चुनाव 2022 के मुख्य परिणाम
| उम्मीदवार | पार्टी | कुल वोट | वोट प्रतिशत |
| कमाल अख्तर | समाजवादी पार्टी | 1,34,692 | 49.19% |
| राजेश कुमार सिंह | भारतीय जनता पार्टी | 91,514 | 33.42% |
| अफाक अली खान | बहुजन समाज पार्टी | 36,341 | 13.27% |
| अन्य उम्मीदवार और नोटा | विभिन्न | शेष वोट | शेष हिस्सा |
| जीत का अंतर | 43,178 |
राज्यसभा से मंत्री और फिर कांठ विधायक तक का सफर
कमाल अख्तर का राजनीतिक सफर राज्यसभा से शुरू हुआ। वह 2004 से 2010 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। वर्ष 2012 में उन्होंने हसनपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीता और पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे।
अखिलेश यादव सरकार में उन्हें पंचायती राज विभाग में राज्यमंत्री बनाया गया। बाद में वह खाद्य एवं रसद विभाग के मंत्री भी रहे। वर्ष 2017 में उन्हें हसनपुर विधानसभा सीट पर हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2022 में पार्टी ने उन्हें कांठ से प्रत्याशी बनाया और उन्होंने बड़ी जीत के साथ विधानसभा में वापसी की।
कमाल अख्तर की राजनीतिक पहचान राज्य और राष्ट्रीय स्तर के अनुभव वाले नेता के रूप में रही है। ऐसे में कांठ विधानसभा में विधायक निधि के उपयोग का मूल्यांकन केवल प्रस्तावों की संख्या से नहीं, बल्कि कार्यों की गुणवत्ता, क्षेत्रीय संतुलन और सार्वजनिक उपयोगिता के आधार पर भी किया जाना चाहिए।
कांठ विधायक निधि रिपोर्ट के प्रमुख तथ्य
| प्रमुख बिंदु | आंकड़ा |
| चार वर्षों में कुल अनुशंसित कार्य | 386 |
| कुल स्वीकृत कार्य | 358 |
| कुल लंबित कार्य | 11 |
| कुल निरस्त कार्य | 17 |
| संयुक्त स्वीकृति दर | 92.75% |
| सबसे अधिक प्रस्ताव वाला वर्ष | 2024-25 |
| सबसे अधिक अनुशंसित कार्य | 210 |
| सबसे अधिक स्वीकृत कार्य | 2024-25 में 196 |
| पूर्ण वर्ष में सर्वश्रेष्ठ स्वीकृति दर | 2023-24 में 100% |
| सबसे अधिक निरस्त कार्य | 2024-25 में 14 |
| 45 दिन में स्वीकृत कुल कार्य | 156 |
| 45-60 दिन में स्वीकृत कार्य | 150 |
| 60 दिन बाद स्वीकृत कार्य | 52 |
| वर्तमान लंबित कार्य | 2025-26 के 11 प्रस्ताव |
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार कमाल अख्तर ने चार वर्षों में 386 विकास कार्य प्रस्तावित किए। इनमें 358 को मंजूरी मिल चुकी है। वर्ष 2024-25 प्रस्तावों और स्वीकृतियों की संख्या के लिहाज से सबसे सक्रिय वर्ष रहा।
वर्ष 2023-24 में सभी प्रस्ताव 45 दिन में मंजूर हुए थे। इसके विपरीत 2025-26 में स्वीकृत 75 कार्यों में से 52 को 60 दिन से अधिक समय के बाद मंजूरी मिली। इसी वर्ष 11 प्रस्ताव अभी प्रक्रिया में हैं।
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समाचार संपादन, ब्रेकिंग अलर्ट और फैक्ट-चेक पर फ़ोकस। ज़मीनी रिपोर्टों को डेटा के साथ जोड़ना पसंद। कॉफ़ी, डेडलाइन और सत्य , तीनों से समझौता नहीं।
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