भिवानी के नगर परिषद कार्यालय में नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों की महापंचायत आयोजित की गई। इसमें जेजेपी, कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर समर्थन दिया। वक्ताओं ने सरकार से कर्मचारियों
.
जेजेपी जिला अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज और प्रदेश प्रवक्ता राजू मेहरा ने कहा कि पार्टी सुप्रीमो डॉ. अजय सिंह चौटाला और दुष्यंत चौटाला के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर डीसी के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की मांगों पर सरकार को फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो जेजेपी कार्यकर्ता कर्मचारियों के संघर्ष में साथ खड़े रहेंगे।
महापंचायत में किसान मोर्चा, किसान सभा और सर्व कर्मचारी संघ से कामरेड ओम प्रकाश व सुखदर्शन सरोहा भी पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही।

भिवानी में कर्मचारियों की महापंचायत में समर्थन देने पहुंचे जेजेपी।
17 मांगों पर सहमति के बाद भी लागू नहीं हुईं
किसान नेताओं और कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने 13 मई को कर्मचारियों की 22 में से 17 मांगों पर सहमति जताई थी। उनका आरोप है कि कई महीने बीतने के बाद भी इन मांगों को लागू नहीं किया गया। इसी के विरोध में नगर पालिका और अग्निशमन कर्मचारी 6 अगस्त से हड़ताल पर हैं।
वक्ताओं ने कहा कि हड़ताल के कारण शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित है और जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। आरोप लगाया कि सरकार बातचीत से समाधान निकालने के बजाय पुलिस और प्रशासन के जरिए सफाई व्यवस्था बहाल कराने का प्रयास कर रही है।
पुलिस कार्रवाई का भी विरोध
महापंचायत में आरोप लगाया गया कि आंदोलन कर रहे कर्मचारियों, खासकर महिला कर्मचारियों के साथ पुलिस दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाएं हुई हैं। वक्ताओं ने कहा कि सरकार को पुलिस कार्रवाई के बजाय बातचीत के जरिए विवाद का समाधान करना चाहिए।
कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग
कर्मचारियों ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, अग्निशमन विभाग के शहीद कर्मचारियों के परिवारों को 50-50 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने और आश्रितों को स्थायी नौकरी देने की मांग उठाई। इसके अलावा 5 हजार रुपए रिस्क अलाउंस और 7,500 रुपए वर्दी भत्ते की मांग भी शामिल है। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार जिन मांगों पर सहमति जता चुकी है, उन्हें लागू किया जाना चाहिए।