भोपाल, 4 अगस्त 2026: मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव औद्योगिकी के माध्यम से युवाओं को रोजगार के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। यह एक ऐसा अभियान है जिसको वह खुद लीड कर रहे हैं और जो कंपनी ज्यादा रोजगार वाले प्रोजेक्ट लाने के लिए तैयार है, उसके साथ खुद डील कर रहे हैं। GWALIOR TMZ के माध्यम से 10000 लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाने का टारगेट तय किया है, मुंबई की राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में डॉक्टर मोहन यादव ने 3600 लोगों को रोजगार का इंतजाम कर दिया। इसके बदले में उन्हें उद्योगपतियों को कई प्रकार के डिस्काउंट देने पड़े।
1. निवेश को रोजगार में बदलने की रणनीति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की नीतियां अब केवल उद्योग लगाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे 'रोजगार आधारित' हैं। सरकार ने उद्योगों को आकर्षित करने के लिए ऐसी रियायतें दी हैं जो सीधे तौर पर श्रमिकों और कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ी हैं:
वेतन सहायता: यदि कोई रोजगार आधारित उद्योग शुरू होता है, तो सरकार 5 से 10 साल तक प्रति श्रमिक 5,000 रुपये मासिक वेतन में सहयोग प्रदान करेगी।
प्रशिक्षण सब्सिडी: नए कर्मचारियों के कौशल विकास (Skill Development) के लिए सरकार प्रति कर्मचारी 13,000 रुपये की प्रशिक्षण सहायता दे रही है।
सस्ती दरें: निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर की लीज और 2 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जा रही है, ताकि वे अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को काम पर रख सकें।
2. रोजगार के प्रमाणित आँकड़े (सफलता के प्रमाण)
मुख्यमंत्री के प्रयासों से हाल ही में आयोजित सम्मेलनों में रोजगार सृजन के बड़े लक्ष्य हासिल हुए हैं:
दिल्ली राउंड टेबल मीटिंग: इस बैठक में मिले 3,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से 12,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित हुए हैं।
ग्वालियर TMZ का लक्ष्य: ग्वालियर में बनने वाले इस देश के पहले समर्पित टेलीकॉम जोन से 10,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है।
मुंबई रोड-शो: यहाँ मिले 1,550 करोड़ के निवेश प्रस्तावों ने भी रोजगार की नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।
3. प्रमुख कंपनियों द्वारा रोजगार की प्रतिबद्धता
विभिन्न औद्योगिक घरानों ने ग्वालियर TMZ में निवेश के साथ-साथ रोजगार के विशिष्ट आंकड़े भी साझा किए हैं:
एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स: 700 करोड़ के निवेश के साथ 1,500 लोगों को रोजगार देगी।
स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड: 200 करोड़ के निवेश से 1,200 लोगों के लिए काम के अवसर पैदा करेगी।
अनंत सिस्टम्स: 400 करोड़ के निवेश से 500 लोगों को रोजगार मिलेगा।
टेसकॉम: 100 करोड़ के निवेश से 400 लोगों को नियुक्त करेगी।
4. व्यापक औद्योगिक विस्तार और भविष्य की संभावनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केवल ग्वालियर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में सेक्टर-आधारित औद्योगिक पार्क विकसित किए हैं ताकि क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार मिले:
धार जिला: यहाँ विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क, टेक्सटाइल सेक्टर का देश का सबसे बड़ा क्लस्टर है, जहाँ भूमि आवंटन के साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
नर्मदापुरम (बाबई-मोहासा): यहाँ इलेक्ट्रिकल उपकरण पार्क में 1,000 एकड़ क्षेत्र में काम शुरू हो चुका है, जो स्थानीय युवाओं के लिए वरदान साबित होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों ने मध्य प्रदेश को 'मेक इन एमपी' से 'रोजगार युक्त एमपी' की ओर अग्रसर किया है। ग्वालियर TMZ के माध्यम से न केवल भारत दूरसंचार क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि मध्य प्रदेश के हजारों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा और प्रगति का नया रन-वे भी मिलेगा।
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