August 15, 2026

फडणवीस महाराष्ट्र में 36 हजार से अधिक कंपनियों के बंद होने पर गोलमोल जवाब दे रहे : राकांपा (शप)

मुंबई, 15 अगस्त (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने शनिवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में 36,000 से अधिक कंपनियों के बंद होने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गोलमोल जवाब देकर लोगों को गुमराह कर रही है।

राकांपा (शप) प्रमुख शरद पवार द्वारा इस मामले पर चिंता जताए जाने के कुछ दिनों बाद पार्टी ने ये आरोप लगाया है।

राकांपा (शप) ने पिछले पांच वर्षों में महाराष्ट्र में 36,211 कंपनियों के बंद होने के संबंध में लोकसभा में पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के केंद्रीय कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा दिए गए उत्तर का हवाला दिया।

विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए फडणवीस ने दावा किया था कि कुछ लोग जानबूझकर ऐसी कंपनियों के आंकड़े पेश कर रहे हैं, जिन्होंने कभी अपना कारोबार शुरू ही नहीं किया था।

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राकांपा (शप) ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि लोकसभा में दिए गए आधिकारिक उत्तर में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि इनमें से 76 प्रतिशत कंपनियां ‘‘अस्तित्वहीन’’ थीं या ‘‘कभी शुरू ही नहीं हुई थीं’’, जैसा कि मुख्यमंत्री ने दावा किया है।

पार्टी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया ‘‘शब्दों की बाजीगरी, आंकड़ों के खेल और तकनीकी आधार पर सवाल को टालने की उनकी प्रवृत्ति को उजागर करती है।’’

राकांपा (शप) ने कहा, ‘‘यदि आपके दावे के मुताबिक संसद में दिए जाने वाले जवाब एक तय प्रारूप में ही दिए जाते हैं, तो आपका यह तर्क स्वयं देश के सर्वोच्च विधायी मंच पर दिए गए जवाबों की पूर्णता और सटीकता पर सवाल खड़ा करता है।’’

पार्टी ने यह भी रेखांकित किया कि शिवसेना (उबाठा) के सांसद राजाभाऊ वाजे के प्रश्न में विशेष रूप से नौकरी गंवाने वाले श्रमिकों के पुनर्वास, भविष्य निधि, ‘ग्रेच्युटी’ और बकाया वेतन के बारे में जानकारी मांगी गई थी।

राकांपा (शप) ने कहा, ‘‘यदि केंद्रीय मंत्रालय सांसदों के सवालों के सार और उनके पीछे छिपी मूल चिंताओं को समझे बिना उत्तर दे रहा है, तो आपका तर्क यह धारणा पैदा करता है कि केंद्रीय मंत्री देश की वास्तविक स्थिति के बजाय नौकरशाही पर अधिक निर्भर हैं।’’

पार्टी ने फडणवीस के इस तर्क पर भी सवाल उठाया कि केंद्रीय मंत्रालय ने केवल कंपनियों के पंजीकरण से संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराए थे।

पार्टी ने पूछा, ‘‘यदि मंत्रालय ने प्रश्न का उत्तर देते समय केवल कंपनियों के पंजीकरण का आंकड़ा दिया है, तो इसका मतलब है कि मंत्रालय ने स्वयं प्रश्न में उठाए गए वास्तविक मुद्दे से बचने का रास्ता चुना है। ऐसे में सांसदों को अपने सवालों के सीधे जवाब के लिए किससे संपर्क करना चाहिए?’’

भाषा खारी रंजन

रंजन