भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर CAT-II ILS की मदद से 350 मीटर RVR तक कम विजिबिलिटी में भी निर्धारित परिस्थितियों में फ्लाइट लैंडिंग संभव है। LVP व्यवस्था से कोहरे में एयरपोर्ट ऑपरेशन को सुरक्षित बनाया गया है।
राजा भोज एयरपोर्ट पर CAT-II ILS की सुविधा से 350 मीटर RVR तक कम विजिबिलिटी में निर्धारित परिस्थितियों में फ्लाइट लैंडिंग संभव
- Published: 13 Sep 2026, 01:26 PM IST
- Last Updated: 13 Sep 2026, 01:30 PM IST
भोपाल। कोहरे और कम विजिबिलिटी के दौरान भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन को बड़ी राहत मिली है। रनवे-30 पर CAT-II ILS सिस्टम की सुविधा के चलते करीब 350 मीटर RVR (Runway Visual Range) तक की कम विजिबिलिटी में भी निर्धारित परिस्थितियों में फ्लाइट की लैंडिंग संभव हो रही है। इसके पूर्व पहले 550 मीटर में उतर सकती थीं। एयरपोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक घने कोहरे के दौरान फ्लाइट डायवर्ट होने या लंबे समय तक हवा में चक्कर लगाने की आशंका कम हुई है। हालांकि, किसी भी फ्लाइट की लैंडिंग मौसम की स्थिति, एयरक्राफ्ट की क्षमता और पायलट की अनुमति पर निर्भर करती है।
कम विजिबिलिटी में भी जारी रह सकता है ऑपरेशन
राजा भोज एयरपोर्ट पर रनवे-30 पर CAT-II ILS लगाया गया है। यह सिस्टम खराब मौसम और कम दृश्यता की स्थिति में पायलट को एयरक्राफ्ट को रनवे की सेंटर लाइन और सही ग्लाइड पाथ पर लाने में मदद करता है।
सामान्य मौसम में पायलट को रनवे काफी पहले दिखाई देने लगता है, लेकिन कोहरे में यह दृश्यता तेजी से कम हो जाती है। ऐसे में इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भोपाल एयरपोर्ट पर CAT-II व्यवस्था के तहत 100 फीट Decision Height और 350 मीटर RVR तक ऑपरेशन की सुविधा है।
यानी एयरपोर्ट के आसपास विजिबिलिटी कम होने के बावजूद रनवे पर निर्धारित RVR उपलब्ध रहने और बाकी सभी जरूरी मानक पूरे होने पर फ्लाइट की लैंडिंग कराई जा सकती है।
लो विजिबिलिटी प्रक्रिया भी लागू
भोपाल एयरपोर्ट पर Low Visibility Procedures (LVP) भी लागू किए गए हैं। जब विजिबिलिटी निर्धारित स्तर तक गिरती है तो एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक, रनवे और ग्राउंड ऑपरेशन को अतिरिक्त सावधानी के साथ संचालित किया जाता है।
LVP का मकसद कम दृश्यता के दौरान एयरपोर्ट ऑपरेशन को सुरक्षित तरीके से जारी रखना है। इसके तहत रनवे और टैक्सी-वे पर एयरक्राफ्ट की आवाजाही को निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार नियंत्रित किया जाता है।
कोहरे में भोपाल एयरपोर्ट को मिलेगा फायदा
सर्दियों में भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में कोहरे के कारण सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम हो जाती है। ऐसे में CAT-II ILS और LVP की सुविधा राजा भोज एयरपोर्ट के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है।
पिछले लो-विजिबिलिटी ऑपरेशन में भी एयरपोर्ट पर कम दृश्यता के बावजूद निर्धारित मानकों के अनुसार फ्लाइट ऑपरेशन जारी रखा गया है। इससे यात्रियों को फ्लाइट कैंसिलेशन, लंबी देरी और डायवर्जन से राहत मिलने की संभावना रहती है।
सिर्फ विजिबिलिटी नहीं, कई मानकों पर निर्भर लैंडिंग
यह समझना जरूरी है कि 350 मीटर विजिबिलिटी का मतलब यह नहीं है कि हर फ्लाइट हर स्थिति में लैंड कर सकती है। कम विजिबिलिटी में लैंडिंग के लिए रनवे की स्थिति, RVR, ILS की उपलब्धता, एयरक्राफ्ट की तकनीकी क्षमता, पायलट और एयरलाइन की मंजूरी समेत कई मानकों को पूरा करना जरूरी होता है।
इस तरह CAT-II ILS ने राजा भोज एयरपोर्ट की ऑल-वेदर ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत किया है। आने वाले कोहरे के मौसम में इसका सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को मिलने की उम्मीद है, क्योंकि कम विजिबिलिटी के बावजूद निर्धारित सुरक्षा मानकों के भीतर फ्लाइट ऑपरेशन जारी रखा जा सकता है।