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दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर5 घंटे पहले
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सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय, भारत सरकार के विकास आयुक्त कार्यालय के सौजन्य से कानपुर में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए एक विशेष पहल की शुरुआत हुई है। सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (FFDC) की कानपुर विस्तार इकाई द्वारा अगरबत्ती, धूपबत्ती, हवन सामग्री और सुगंधित उत्पाद निर्माण पर आधारित 35 दिवसीय कौशल विकास एवं उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राजीव विहार (मछरिया, नौबस्ता) स्थित सुभाष बाल भवन में आयोजित हो रहा है, जो 24 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक रोजाना चलेगा।

30 महिलाओं का चयन, स्वरोजगार की ओर बढ़ता कदम
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले बैच में आसपास के क्षेत्रों की 30 महिलाओं ने हिस्सा लिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल उत्पाद बनाना सिखाना ही नहीं, बल्कि उन्हें खुद का छोटा उद्योग स्थापित करने और उद्यमी बनाने के योग्य तैयार करना है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें अगरबत्ती, धूपबत्ती, हवन सामग्री बनाने की आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ पैकेजिंग और मार्केटिंग की जानकारी भी दी जाएगी।

दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ, दिखाई गई डॉक्यूमेंट्री
कार्यक्रम की शुरुआत सुभाष चिल्ड्रेन सोसाइटी के अध्यक्ष कमल कांत तिवारी ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत और अंगवस्त्र भेंट कर की। इसके बाद सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र के प्रभारी व सहायक निदेशक डॉ. भक्ति विजय शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर विधिवत प्रशिक्षण का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के पहले दिन सभी प्रतिभागियों का आपस में परिचय कराया गया। इसके साथ ही सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र के कार्यों और उद्योग की संभावनाओं को समझाने के लिए एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई, ताकि महिलाएं सुगंधी उद्योग की बारीकियों को समझ सकें।

28 अगस्त तक चलेगा रोजाना प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण शिविर 28 अगस्त तक लगातार चलेगा, जिसमें महिलाओं को व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सुनील अवस्थी, श्रीमती सुचिता अवस्थी, प्रमोद कुमार शर्मा और गौरव शशांक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण के जरिए तैयार होने वाली महिलाएं आगे चलकर खुद का गृह उद्योग शुरू कर सकेंगी, जिससे वे न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि अन्य स्थानीय महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकेंगी।
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