July 13, 2026

अब पढ़ाई के साथ 3200 बच्चों को घर बैठे मिलेगी थेरेपी और स्कॉलरशिप - Chandigarh News

शहर के गवर्नमेंट स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 3200 चिल्ड्रन विद स्पेशल नीड्स (सीडब्लयूएसएन) बच्चों के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने इन्क्लूसिव एजुकेशन का दायरा और बढ़ा दिया है। अब इन बच्चों का फोकस केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनकी सेहत, स्कूल तक

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शिक्षा मंत्रालय की प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पैब) की वर्ष 2026-27 की रिपोर्ट के मुताबिक, चंडीगढ़ में इस योजना के लिए करीब 2.92 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी विशेष बच्चा आर्थिक, शारीरिक या सामाजिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। इन्क्लूसिव एजुकेशन योजना में बच्चों की स्वास्थ्य जरूरतों को भी शामिल किया गया है।

शहर के 20 क्लस्टरों में हर साल पहचान और मेडिकल असेसमेंट कैंप लगाए जाएंगे। हर क्लस्टर के लिए 10 हजार रुपए का बजट रखा गया है। ये कैंप स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग के सहयोग से आयोजित होंगे। बच्चों को जरूरत के अनुसार थेरेपी उपलब्ध कराने के लिए भी सभी 20 क्लस्टरों में 4 लाख रुपए का बजट मंजूर किया गया है। यानी हर क्लस्टर को 20 हजार रुपए मिलेंगे।

घर पहुंचेंगे टीचर...

गंभीर दिव्यांगता के कारण जो बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते, उनके लिए होम बेस्ड एजुकेशन का प्रावधान है। इसके तहत प्राथमिक स्तर पर 122 बच्चों को उनके घर पर ही शिक्षा दी जाएगी। इस मद में 4.27 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। माध्यमिक स्तर पर भी 30 बच्चों को यह सुविधा मिलेगी। इसका उद्देश्यजीरो रिजेक्शन पॉलिसी को लागू करना है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से बाहर न रहे।

3 स्कूलों के रिसोर्स रूम होंगे हाईटेक

  • विशेष बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए तीन गवर्नमेंट स्कूलों के रिसोर्स रूम में नए इक्विपमेंट लगाए जाएंगे। इसके लिए 6 लाख रु का बजट स्वीकृत हुआ है। यह सुविधा जीएमएचएस सेक्टर-12, जीएमएचएस धनास-दो और जीएमएसएसएस सेक्टर-33 में डेवलप की जाएगी। 53 दृष्टिबाधित बच्चों को ब्रेल स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाएगी, 75 को सहायक उपकरण दिए जाएंगे।
  • स्कॉलरशिप: प्राथमिक स्तर की 313 और माध्यमिक स्तर की 156 गर्ल स्टूडेंट्स को 200 प्रति माह की दर से 10 महीने तक स्कॉलरशिप मिलेगी। यह राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए बैंक खातों में जाएगी।
  • एस्कॉर्ट व परिवहन भत्ता: प्राथमिक स्तर के 594 बच्चों को एस्कॉर्ट भत्ते के लिए 35.64 लाख रुपए और 58 बच्चों को परिवहन भत्ते के लिए 3.48 लाख रुपए का प्रावधान है। माध्यमिक स्तर पर भी 259 बच्चों को एस्कॉर्ट सुविधा मिलेगी।
  • चाइल्ड केयर अटेंडेंट: स्कूलों में बच्चों की सहायता के लिए 10 अटेंडेंट रखी जाएंगी, जिन्हें 11 हजार रुपए प्रति माह मानदेय मिलेगा।

कुल 2.92 करोड़ रु. कहां होंगे खर्च?

  • स्पेशल एजुकेटर्स का वेतन: प्रारंभिक स्तर पर 23 स्पेशल एजुकेटर्स की सैलरी के लिए 154.08 लाख।
  • कुल एस्कॉर्ट भत्ता: बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए 51.18 लाख।
  • ब्रेल स्टेशनरी व उपकरण: दिव्यांग बच्चों के मददगार टूल्स के लिए 5.63 लाख।
  • विश्व दिव्यांग दिवस: सांस्कृतिक और खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए 4 लाख।