स्थानीय जगदीशपुर अनुमंडलीय अस्पताल में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और बुनियादी संसाधनों की भारी कमी है। इससे अनुमंडल क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वर्ष 2010 में आरा-मोहनियां नेशनल हाइवे के किनारे स्थित इस 80 बेड वाले अस्पताल से
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लेकिन आज भी मरीजों को इलाज के लिए आरा, पटना और निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। अस्पताल में 32 चिकित्सकों के स्वीकृत पद हैं। लेकिन वर्तमान में केवल सात डॉक्टर कार्यरत हैं। इनमें पांच एमबीबीएस और दो
आयुष चिकित्सक शामिल हैं। 25 डॉक्टरों के पद रिक्त पड़े हैं। जीएनएम के 52 स्वीकृत पदों के विरुद्ध मात्र आठ कर्मी तैनात हैं। पांच फार्मासिस्ट के स्थान पर केवल दो, धनंजय रेड्डी और अजीत कुमार, कार्यरत हैं। लैब टेक्नीशियन, भंडारपाल सहित अन्य कर्मियों की भी भारी कमी है। इकलौता अनुमंडलीय अस्पताल होने के कारण यहां प्रतिदिन ओपीडी में लगभग 400 मरीज इलाज के लिए आते हैं। लेकिन नेत्र चिकित्सक, आंख-कान-गला और स्किन विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। नेत्र सहायक के भरोसे मरीजों की आंखों का इलाज हो रहा है। अस्पताल में ब्लड बैंक का बोर्ड तो लगा है। लेकिन उस पर हमेशा ताला लटका रहता है। अस्पताल में उपलब्ध अल्ट्रासाउंड मशीन भी नियमित रूप से मरीजों के लिए उपयोग में नहीं आ रही है। इसका सीमित उपयोग केवल प्रसूति संबंधी मामलों में किया जाता है। हालांकि अस्पताल में शुगर, टीबी जांच, बीपी सहित अन्य सामान्य जांच के साथ ईसीजी और एक्सरे की सुविधा उपलब्ध है। फिलहाल 9 जुलाई से 14 जुलाई तक अस्पताल के उपाधीक्षक अवकाश पर हैं।
अस्पताल में चहारदीवारी नहीं होने से परेशानी:
अस्पताल भवन बने करीब 16 वर्ष बीत चुके हैं। लेकिन अब तक चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो सका है। इससे मरीजों, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। अधिवक्ता विनोद वर्मा, शाहनवाज खान, हसामुद्दीन साह, बटोरन अंसारी आदि ने अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार और रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग की है।
बेकार पड़ा है ऑक्सीजन प्लांट अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों के लिए जीवनरक्षक ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2021 में ऑक्सीजन प्लांट का पीएम नरेंद्र मोदी ने लोकार्पण किया था। लेकिन महज सात दिनों के संचालन के बाद प्रतिनियुक्त टेक्नीशियन के वापस चले जाने से प्लांट बंद पड़ा है। प्लांट के बैरल, कंट्रोल मशीन, वैक्यूम सर्जिकल यूनिट, एयर कंडेंसिंग यूनिट, स्विच बोर्ड, साथ ही ऑक्सीजन सिलेंडर धूल फांक रहे हैं।