बर्द्धमान/बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट
West Bengal Bomb Recovery: पश्चिम बंगाल के 2 जिलों पूर्व बर्द्धमान और बीरभूम में बड़ी संख्या में देसी बम और जिलेटिन की छड़ें बरामद होने से हड़कंप मच गया. स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले इतने बम मिलने की सूचना पर पुलिस और बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad) ने तुरंत कार्रवाई शुरू की. पूरे इलाके की घेराबंदी करने के बाद बरामद बमों में सुरक्षित तरीके से विस्फोट कर उसे नष्ट कर दिया.
रामपुरहाट में मिली 304 जिलेटिन की छड़ें
पुलिस ने बताया है कि रामपुरहाट थाना क्षेत्र के पथानपाड़ा इलाके में एक व्यक्ति के घर से कथित तौर पर 304 जिलेटिन की छड़ें मिलीं. जिसके घर से जिलेटिन की छड़ें मिली हैं, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. एक अलग कार्रवाई में पुलिस ने जिले के एक अन्य इलाके से लगभग 38 किलोग्राम जिलेटिन की छड़ें जब्त कीं.

नलहाटी में खाली पड़े घर में मिले विस्फोटक बनाने के सामान
नलहाटी थाना क्षेत्र के लोकनमारा गांव में एक और अभियान के दौरान खाली पड़े एक घर में भारी मात्रा में विस्फोटक बनाने का सामान मिला, जिसमें अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर शामिल थे. स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) को देखते हुए पूरे पश्चिम बंगाल में सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी किये जाने के बीच ये बरामदगी हुई है.
कलना के नूतनचर में मिले 4 बम
पूर्व बर्द्धमान जिले के कलना थाना क्षेत्र के कुसुमदेवपुर पंचायत के नूतनचर गांव में एक सुनसान जगह पर स्थानीय लोगों ने लावारिस अवस्था में 4 बम पड़े देखे. सूचना मिलते ही कलना थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी. बम निरोधक दस्ते को बुलाकर चारों बमों को विस्फोट कर नष्ट कर दिया गया. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन बमों को वहां छिपाने के पीछे किसकी मंशा थी.
मल्लारपुर के कोट गांव में चिलेकोठे से 20 बम बरामद
ये भी पढ़ें: बीरभूम में टोटो चोरी के बाद मारपीट, बमबाजी, 4 गिरफ्तार
बीरभूम जिले के मल्लारपुर थाना क्षेत्र के कोट गांव में भी बम मिले. एक मकान की छत पर मिट्टी के घड़े से पुलिस को करीब 20 देसी बम मिले. पुलिस ने पूरे मकान और आसपास के क्षेत्र को तुरंत सील कर दिया. लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी. इसके बाद बम को अपने कब्जे में लेकर बम निरोधक दस्ते को बुलवाया उसका सुरक्षित तरीके से विस्फोट कराया.
सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल, जांच शुरू
एक ही दिन में 2 अलग-अलग जिलों से इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलने के बाद लोगों में इस बात की चर्चा है कि पुलिस की गश्त के बावजूद अवैध हथियारों/विस्फोटकों का भंडारण कैसे हो रहा है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन बमों का निर्माण कहां हुआ था और इन्हें किस आपराधिक या राजनीतिक साजिश के तहत यहां छिपाया गया था.
ये भी पढ़ें: बंगाल के बीरभूम में रेल लाइन के किनारे मिले 8 देसी बम, रेलकर्मियों की सतर्कता से टला हादसा