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- Authored by: प्रेरित कुमार
- Updated Aug 11, 2026, 09:06 PM IST
ICAO के तहत निर्धारित अंतरराष्ट्रीय जांच व्यवस्था के अनुसार, इस तरह की विमानन घटना की जांच में विमान के डिजाइन और निर्माण से जुड़े देशों की भागीदारी एक स्थापित प्रक्रिया है।
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एयर इंडिया (फाइल फोटो)
4 अगस्त 2026 को एयर इंडिया का एयरबस A320 विमान (रजिस्ट्रेशन नंबर VT-EXO) फुकेत से दिल्ली के लिए निर्धारित उड़ान AI 2379 पर था। उड़ान के दौरान क्रूज़ ऊंचाई पर विमान की ऊंचाई में अचानक करीब 300 फीट का बदलाव हुआ। इसके बाद विमान स्थिर हो गया और दिल्ली में सुरक्षित रूप से लैंड कर गया।
घटना के दौरान 20 यात्रियों और चार केबिन क्रू सदस्यों के घायल होने की सूचना है। विमान में तीन शिशुओं समेत कुल 137 यात्री सवार थे। विमान के क्रू में दो पायलट और छह केबिन क्रू सदस्यों समेत कुल आठ लोग शामिल थे।
इस संबंध में ICAO और संबंधित देशों को आवश्यक सूचना दे दी गई है
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से मिली जानकारी और घटना की प्रकृति को देखते हुए, एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने लागू प्रावधानों और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के प्रोटोकॉल के तहत इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। इस संबंध में ICAO और संबंधित देशों को आवश्यक सूचना दे दी गई है।
ICAO के तहत निर्धारित अंतरराष्ट्रीय जांच व्यवस्था के अनुसार, इस तरह की विमानन घटना की जांच में विमान के डिजाइन और निर्माण से जुड़े देशों की भागीदारी एक स्थापित प्रक्रिया है। इसी के तहत फ्रांस की विमान दुर्घटना जांच एजेंसी Bureau d’Enquêtes et d’Analyses (BEA), संबंधित देश की जांच प्राधिकरण के रूप में, एयरबस के तकनीकी प्रतिनिधियों के साथ AAIB को आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है। इसमें संबंधित तकनीकी जानकारी और विमान के डिजाइन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराना शामिल है।
AAIB फिलहाल घटना से जुड़े सभी प्रासंगिक तकनीकी, परिचालन, चिकित्सीय और मानवीय कारकों से संबंधित साक्ष्यों को व्यवस्थित रूप से एकत्र करने, सुरक्षित रखने और उनकी जांच करने में जुटा है। इसमें विमान और उसके सिस्टम की जांच, रिकॉर्ड किए गए उड़ान डेटा का विश्लेषण, संबंधित परिचालन और रखरखाव रिकॉर्ड की जांच, चिकित्सीय जानकारी का अध्ययन तथा संबंधित लोगों के बयान दर्ज करना शामिल है।जांच के दौरान सामने आने वाले सभी महत्वपूर्ण साक्ष्यों की समग्र रूप से जांच की जाएगी और इसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
जांच का एकमात्र उद्देश्य इस घटना से जुड़ी परिस्थितियों और इसके लिए जिम्मेदार या योगदान देने वाले कारकों का पता लगाना तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित सुरक्षा उपायों की पहचान करना है। जांच स्वतंत्र, साक्ष्य-आधारित और व्यापक तरीके से की जा रही है। जांच पूरी होने तक किसी एक जानकारी या तथ्य के आधार पर घटना के कारण को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।
जांच के दौरान एकत्र किए गए कुछ रिकॉर्ड, बयान, चिकित्सीय जानकारी और अन्य सामग्री लागू जांच प्रक्रिया के तहत संरक्षित और गोपनीय हैं। निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और तकनीकी रूप से ठोस निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए जांच की प्रक्रिया की गोपनीयता और उसकी विश्वसनीयता बनाए रखना जरूरी है।
जांच के उचित चरण पर आगे की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी
AAIB ने सभी संबंधित पक्षों, जिसमें मीडिया और आम जनता भी शामिल हैं, से जांच प्रक्रिया का सम्मान करने और अधूरी, अपुष्ट या चुनिंदा रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की अपील की है।AAIB सभी महत्वपूर्ण तथ्यों और संबंधित साक्ष्यों को शामिल करते हुए विस्तृत जांच करेगा और लागू प्रावधानों तथा ICAO प्रोटोकॉल के अनुसार निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी करेगा। जांच के उचित चरण पर आगे की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। AAIB ने कहा है कि वह स्वतंत्र, पारदर्शी और पेशेवर तरीके से जांच करने के लिए प्रतिबद्ध है और विमानन सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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प्रेरित कुमारauthor
मैं एक जिज्ञासु पत्रकार हूँ, जो खबरों के हर पहलू को निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य का अनुभव रखता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में एक दशक से सक्रिय हूँ। समाज और सच्चाई को जोड़ने वाली सार्थक पत्रकारिता में विश्वास करता हूँ।
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