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लखनऊ9 घंटे पहले
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लखनऊ में सवर्ण मोर्चा संगठन से जुड़े ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय के लोगों ने रविवार को यूजीसी (UGC) के नए नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग की। प्रदर्शनकारी दोपहर 12 बजे 300 से अधिक कार्यकर्ता एकत्रित हुए। 'UGC रोलबैक' के नारे लगाने लगे।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में 'संवैधानिक अछूत' लिखी तख्तियां थीं। उनकी मांग थी कि सरकार यूजीसी के नियमों को पूरी तरह से खत्म करे। हालांकि, फिलहाल उन पर सुप्रीम कोर्ट ने मांग लगा रखी है।
वीमेन पावर लाइन चौराहे पर आधे घंटे तक प्रदर्शन करने के बाद वे बैकुंठ धाम श्मशान घाट की ओर बढ़ने लगे। सड़क पर अचानक भीड़ उतरने से लंबा जाम लग गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सवर्ण सांसदों और विधायकों की सांकेतिक शव यात्रा निकाली। ‘मुर्दा है भाई मुर्दा है, नेता हमारा मुर्दा है’ के नारे लगाए।
बैकुंठ धाम पहुंचकर प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अवसर बंद किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक यूजीसी का नया नियम पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता और आरक्षण समाप्त नहीं होता, तब तक विरोध जारी रहेगा।
दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैकुंठ धाम से हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। यह प्रदर्शन सवर्ण मोर्चा के अध्यक्ष संदीप सिंह के आह्वान पर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 5 थानों की पुलिस बल तैनात रही।
5 तस्वीरें देखिए-

वीमेन पावर लाइन चौराहे पर इकट्ठा होने के बाद लोग लोहिया पथ पर हजरतगंज की ओर बढ़ चले।

प्रदर्शन में सवर्णों के सपोर्ट में तख्तियां लेकर दूसरे वर्ग के लोग भी शामिल हुए।

कुछ दूर चलने के बाद लोगों ने सवर्ण सांसदों-विधायकों की सांकेतिक अर्थी निकाली।

प्रदर्शन के चलते वीमेन पावर लाइन चौराहे से बैकुंठ धाम, हजरतगंज और वीआईपी गेस्ट हाउस की तरफ जाने वाली सड़कों पर जाम लग गया।

प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैकुंठ धाम के पास हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।
UGC के नए नियमों के बारे में जान लीजिए-
- UGC के नए कानून का नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।' इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ जातीय भेदभाव रोकने के लिए कई निर्देश दिए गए थे।
- नए नियमों के तहत, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने का निर्देश दिया गया। ये टीमें SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं।
- सुप्रीम कोर्ट ने नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा रखी है। सवर्ण जाति के स्टूडेंट्स का आरोप है कि UGC ने जाति आधारित भेदभाव की गैर-समावेशी परिभाषा अपनाई है। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। इन नियमों में सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए जाएंगे। उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा।
सवर्णों के प्रदर्शन के अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
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अपडेट्स
09:24 AM23 अगस्त 2026
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2 घंटे तक चला प्रदर्शन, बता रहे हैं रिपोर्टर फरीदुल हसन
09:23 AM23 अगस्त 2026
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महंगाई का पोस्टर भी प्रदर्शनकारियों ने ले रखा है

09:09 AM23 अगस्त 2026
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हिरासत में लिया जा रहा, दिखा-बता रहे हैं रिपोर्टर फरीदुल हसन
08:56 AM23 अगस्त 2026
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'जो IAS-PCS बन गए, उन्हें आरक्षण की क्या जरूरत'
प्रदर्शन में शामिल विजय ने कहा- हमारे बाप-दादाओं ने देश के लिए खून बहाया, जान न्योछावर कर दी तो क्या हम पसीना भी नहीं बहा सकते। यूजीसी का पूरा मैटर और आरक्षण पूरी तरह से समाप्त होगा तभी 2029 के लिए मोदीजी सपना देखें। बताइए, जो IAS-PCS बन गए, उन्हें आरक्षण की क्या जरूरत है?
प्रदर्शन में शामिल रणविजय सिंह ने भी अपनी बात रखी।
08:26 AM23 अगस्त 2026
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लोग बैकुंठ धाम के सामने बैठकर नारेबाजी कर रहे हैं
प्रदर्शनकारी बैकुंठधाम के सामने बैठ गए हैं। वे हाय-हाय करके नारेबाजी कर रहे हैं।
08:19 AM23 अगस्त 2026
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3 मुख्य सड़कों पर लगा भीषण जाम
प्रदर्शन के दौरान वीमेन पावर लाइन चौराहे से बैकुंठ धाम, हजरतगंज और वीआईपी गेस्ट हाउस की तरफ जाने वाली सड़कों पर जाम लग गया है। यहां सरकारी, गैर-सरकारी हर तरह की गाड़ियां जाम में फंसी हुई हैं।
08:12 AM23 अगस्त 2026
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प्रदर्शनकारी बोला- ब्रजेश पाठक जिससे मिले, वह बिकाऊ है
प्रदर्शनकारी राहुल सिंह चौहान ने कहा- हम लोग संवैधानिक अछूत हो गए हैं। यूजीसी-2026 के हिसाब से हमारा बच्चा कहीं खड़ा होने लायक नहीं रहेगा।
कल ब्रजेश पाठक जी स्वर्ण समाज के जिस नेता से मिले थे, वह बिकाऊ है। आंदोलन दिल्ली में चल रहा है और मैनेज लखनऊ में किया जा रहा है। आंदोलन राजस्थान से शुरू होकर दिल्ली पहुंचा है। हर्ष दुबे जैसे लोगों की वजह से ये आंदोलन नहीं चल रहा है।
यूजीसी को किसी ने मांगा नहीं था। यह सत्ताधारी लोगों ने जानबूझकर नफरत की आग बोई है।
07:57 AM23 अगस्त 2026
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'जो समाज का हितैषी नहीं, वह मुर्दा ही है'
प्रदर्शनकारी लोग सवर्ण समाज के सांसदों, विधायकों, नेताओं की सांकेतिक अर्थी निकाल रहे हैं। उनका कहना है कि समाज के हित में न बोलने वाला हर व्यक्ति मुर्दा है। शवयात्रा बैकुंठ धाम श्मशान घाट तक जाएगी।
प्रदर्शन में लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सूचना है कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वीमेन पावर लाइन चौराहे से लेकर बैकुंठ धाम तक पांच थानों की फोर्स लगाई गई है।
07:52 AM23 अगस्त 2026
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लोहिया पथ पर पहुंचते ही अर्थी निकाल ली
प्रदर्शनकारियों ने लोहिया पथ पर बढ़ते ही बांस और सफेद कपड़े से बनी सांकेतिक अर्थी निकाल ली। इस दौरान नारेबाजी कर रहे हैं।
07:51 AM23 अगस्त 2026
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प्रदर्शनकारियों में छात्रों के साथ अभिभावक भी शामिल
प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर संख्या छात्रों की है। इनके साथ ही बड़ी संख्या में गार्जियन भी शामिल दिख रहे हैं।
07:49 AM23 अगस्त 2026
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वीमेन पावर लाइन चौराहे से लोगों की निकलती भीड़ का VIDEO
07:42 AM23 अगस्त 2026
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UGC लाएंगे तो विश्वविद्यालयों में भी जातिवाद शुरू होगा
प्रदर्शन में शामिल एलएलबी के छात्र अभिनव प्रताप सिंह ने कहा कि यूजीसी लाएंगे तो विश्वविद्यालयों में भी जातिवाद शुरू हो जाएगा। विश्वविद्यालयों से एससी-एसटी और यूजीसी कानून हटना चाहिए। अभी हम लोग एकसाथ रहकर पढ़ाई करते हैं।
07:40 AM23 अगस्त 2026
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'मैं सीना ठोंककर कहता हूं, सवर्ण भाइयों के साथ अन्याय नहीं होने दूंगा'
प्रदर्शनकारियों में दूसरी जाति के भी लोग शामिल हैं। एक युवक की तख्ती में लिखा है- मैं ओबीसी हूं। मैं सीना ठोंककर कहता हूं, सवर्ण भाइयों के साथ अन्याय नहीं होने दूंगा।
07:33 AM23 अगस्त 2026
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प्रदर्शन के बारे में बता रहे हैं रिपोर्टर फरीदुल हसन
07:31 AM23 अगस्त 2026
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संदीप बोले- दलित एक्ट के प्रावधान के बावजूद यूजीसी क्यों लाए
संगठन के अध्यक्ष संदीप सिंह बोले- सत्ता में बैठे हुए सवर्ण समाज के नेताओं से हम लगातार सवाल कर रहे हैं। यूजीसी का विरोध कर रहे हैं और यह विरोध आगे भी जारी रहेगा। यह काला कानून स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह कानून भारतीय जनता पार्टी लेकर आ रही है, जिस पर फिलहाल कोर्ट ने रोक लगा दी है। मगर, सवाल ये खड़ा होता है कि इस प्रकार का काला कानून लाने की जरूरत क्यों पड़ी।
उच्च शैक्षणिक संस्थान में सवर्ण समाज को मिटाने के लिए यूजीसी एक चक्र है। इसे हम लोग सफल नहीं होने देंगे। जो कह रहे हैं कि किसी छात्र का अहित नहीं होगा तो इसे लेकर क्यों आए? दलित एक्ट के प्रावधान के बावजूद यूजीसी क्यों लाए।
अगर कोई फर्जी मुकदमा लिखवा देगा तो सवर्ण छात्र का जीवन बर्बाद हो जाएगा। इसलिए हम लोग इसका पहले दिन से विरोध कर रहे थे। जब तक यह काला कानून पूरी तरह से वापस नहीं हो जाएगा, विरोध जारी रहेगा।
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