September 15, 2026

बड़ा तालाब-कलियासोत डैम की हद रिपोर्ट: सुनवाई टली, 30 सितंबर को NGT में होगी , सर्वे में मिले कई कब्जे - Haribhoomi

भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब और कलियासोत डैम की ‘हद’ की रिपोर्ट पर 30 सितंबर को NGT में सुनवाई होगी। एनजीटी की विशेष टीम ने 5 दिन के सर्वे और ड्रोन जांच में FTL क्षेत्र में सड़क, रेस्टोरेंट और कई निर्माण पाए हैं।

Bhopal Upper Lake

भोपाल के बड़ा तालाब और कलियासोत डैम की ‘हद’ की सर्वे रिपोर्ट पर 30 सितंबर को NGT में सुनवाई होगी।

  • Published: 15 Sep 2026, 12:56 PM IST
  • Last Updated: 15 Sep 2026, 12:56 PM IST

भोपाल। भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब और कलियासोत डैम की ‘हद’ की रिपोर्ट पर 30 सितंबर को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में सुनवाई होगी। मंगलवार को होने वाली सुनवाई फिलहाल टल गई है। एनजीटी के आदेश पर गठित विशेष टीम ने 5 सितंबर से 9 सितंबर तक पांच दिन ग्राउंड ट्रुथिंग और ड्रोन सर्वे किया था। सर्वे के दौरान बड़ा तालाब और कलियासोत के FTL (फुल टैंक लेवल) क्षेत्र में कई निर्माण, सड़कें, रेस्टोरेंट और कथित कब्जे सामने आए हैं। अब 30 सितंबर की सुनवाई में एनजीटी सर्वे रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई को लेकर आदेश जारी कर सकता है।

भदभदा के गेट खुलने के बाद शुरू हुआ सर्वे

4 सितंबर को भदभदा डैम के गेट खोले जाने को लेकर सवाल उठे थे। बड़ा तालाब के FTL पर अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति पता करने के लिए NGT ने पानी का स्तर 1666.80 फीट पर बनाए रखने और गेट नहीं खोलने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जब तालाब का जलस्तर निर्धारित स्तर से महज 0.10 फीट कम था, तब डैम का गेट खोल दिया गया।

इसके अगले ही दिन 5 सितंबर से एनजीटी की विशेष टीम ने सर्वे शुरू कर दिया। पहले दिन भदभदा डैम, सैर सपाटा समेत आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। इसके बाद 9 सितंबर तक अलग-अलग क्षेत्रों में ग्राउंड ट्रुथिंग और ड्रोन सर्वे किया गया।

विधायक के फार्म हाउस तक FTL क्षेत्र में मिली सड़क

सर्वे के दौरान बैरसिया विधायक विष्णु खत्री के फार्म हाउस तक पहुंचने के लिए तालाब के वेटलैंड क्षेत्र के अंदर सड़क बनी मिली। टीम के अनुसार यह सड़क तालाब के FTL क्षेत्र में स्थित दो मुनारों के बीच से होकर फार्म हाउस तक जाती हुई पाई गई।

इसके अलावा राकेश शर्मा नामक व्यक्ति का तालाब क्षेत्र के अंदर मकान भी सर्वे टीम की नजर में आया। सीआई ऑटोमोबाइल का यार्ड भी FTL क्षेत्र से लगा हुआ मिला। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े एक कर्मचारी द्वारा तालाब के नजदीक कब्जा कर रेस्टोरेंट बनाए जाने की जानकारी भी सर्वे में सामने आई।

कई जगह मुनार से आगे तक पहुंचा पानी

सर्वे के दौरान कई स्थानों पर मुनार से पानी की सीमा करीब 5 से 10 फीट आगे तक पहुंची हुई मिली। कई जगह रिटेनिंग वॉल के ऊपर से पानी बहता हुआ भी पाया गया। करबला पंप हाउस के सामने, श्रीन नदी के आसपास और दूसरे क्षेत्रों में तालाब के अंदर जलकुंभी और पानी में उगने वाली घास का फैलाव भी मिला।

खानूगांव क्षेत्र में कई स्थानों पर FTL और ग्रीन बेल्ट के मुनारे मौके पर दिखाई नहीं दिए। हलालपुरा के फिजा फार्म क्षेत्र में पक्का पुल बना मिला और उसके आगे तक पानी फैला हुआ था। लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे सड़क के आसपास करीब 6 फीट तक का भराव भी सर्वे में दर्ज किया गया।

दर्जनों रेस्टोरेंट और निर्माण पानी की सीमा से सटे मिले

वार्ड क्रमांक 26 और ग्राम खुदागंज के कई स्थानों पर जलस्तर FTL सीमा से काफी आगे तक पहुंचा हुआ दिखाई दिया। सर्वे टीम को दर्जनों रेस्टोरेंट और अन्य निर्माण पानी की सीमा से बिल्कुल सटे मिले।

कलियासोत तालाब के जलभराव क्षेत्र के अंदर से सड़क का निर्माण भी मिला। टीम के सर्वे में प्रभावशाली लोगों से जुड़े बड़े रेस्टोरेंट और व्यावसायिक निर्माण तालाब की सीमा के भीतर या उसके बेहद करीब पाए जाने की बात सामने आई है।

कई स्थानों पर प्लॉटिंग के लिए मुनारें गाड़कर पानी के प्राकृतिक बहाव और जलभराव के रास्ते को बाधित करने की स्थिति भी सामने आई है।

केरवा डैम पर अभी नहीं हुआ ग्राउंड सर्वे

विशेष टीम को केरवा डैम के आसपास भी सर्वे करना था, लेकिन FTL पर वर्तमान में पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण यहां ग्राउंड ट्रुथिंग नहीं हो सकी। टीम सदस्यों के बीच चर्चा के बाद यह सहमति बनी कि केरवा की वास्तविक स्थिति स्पष्ट किए बिना आगे की कार्रवाई में जल्दबाजी नहीं की जाए।

अब 30 सितंबर की NGT सुनवाई के बाद केरवा क्षेत्र में आगे ग्राउंड ट्रुथिंग और जांच की प्रक्रिया तय होने की संभावना है।

इन इलाकों में पहुंची थी टीम

विशेष टीम ने खानूगांव के अंडर कंस्ट्रक्शन क्रूज साइट, आर्मी स्पोर्ट्स एरिया, कोहेफिजा, हलालपुरा के फिजा फार्म, लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे, चिरायु अस्पताल क्षेत्र, भौंरी, कोलूखेड़ी, खजूरी सड़क और बैरागढ़ समेत कई क्षेत्रों में मौके पर पहुंचकर ग्राउंड ट्रुथिंग की।

सर्वे टीम में कौन-कौन रहा

ग्राउंड ट्रुथिंग के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) के अधिकारी, पटवारी, याचिकाकर्ता राशिद नूर खान और NGT द्वारा नियुक्त विशेष सदस्य डॉ. सुभाष सी. पांडेय मौजूद रहे।

अब सभी की नजर 30 सितंबर की NGT सुनवाई पर है। इस सुनवाई में बड़ा तालाब और कलियासोत की सीमा में मिले निर्माण और अन्य गतिविधियों को लेकर आगे की कार्रवाई पर महत्वपूर्ण निर्देश आने की संभावना है।