बहादुरगढ़ के रोहद गांव के पास स्थित एनसीआर माइनर नहर में शुक्रवार शाम गणपति विसर्जन के दौरान तीन युवक पानी में डूब गए थे। हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने तलाश शुरू की।
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कई घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद दो युवक अजय और नीतीश के शव बरामद कर लिए गए, जबकि तीसरा युवक शिवकांत का 30 घंटे बाद भी कुछ पता नहीं चल पाया है। शनिवार को भी SDRF की टीम ने नहर में सर्च ऑपरेशन जारी रखा और अभी रेस्क्यू जारी है।
अजय को डूबता देख दोनों साथी बचाने के लिए नहर में कूदे
शुक्रवार शाम करीब 6 बजे एक निजी कंपनी के कर्मचारी और अन्य लोग गणपति प्रतिमा विसर्जन के लिए रोहद गांव के पास एनसीआर माइनर पर पहुंचे थे। प्रतिमा विसर्जन के दौरान अजय पानी में थोड़ा आगे बढ़ा तो नहर की अधिक गहराई और तेज बहाव के कारण संतुलन बिगड़ गया और वह डूबने लगा।
अजय को डूबता देख उसके साथी नीतीश और शिवकांत उसे बचाने के लिए नहर में उतर गए। लेकिन पानी की गहराई और बहाव इतना तेज था कि तीनों युवक देखते ही देखते गहरे पानी में चले गए।
दो युवकों के शव बरामद, तीसरे की तलाश जारी
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। गोताखोरों की मदद से नहर में सर्च अभियान शुरू किया गया। देर रात सबसे पहले अजय का शव बरामद हुआ। इसके करीब 10 घंटे बाद नीतीश का शव भी नहर से निकाल लिया गया।
वहीं, उत्तर प्रदेश निवासी शिवकांत (21) की तलाश लगातार जारी है। अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल में रखवाया गया है

पानी में हाथ पैर मार कर बचने का प्रयास करते युवक।
सुबह से SDRF ने तेज किया सर्च ऑपरेशन
लापता शिवकांत की तलाश के लिए सुबह से SDRF की टीमों ने सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से नहर के बहाव वाले रास्तों पर भी तलाश की जा रही है। नहर का पानी दिल्ली ब्रांच से निकलकर सोनीपत, रोहतक और झज्जर होते हुए गुरुग्राम तक जाता है, जिसके चलते पानी के बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
SDM अभिनव सिवाच समेत अधिकारी मौके पर पहुंचे
रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति का जायजा लेने के लिए बहादुरगढ़ एसडीएम अभिनव सिवाच, नायब तहसीलदार प्रवीण शर्मा और एसीपी प्रदीप कुमार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थानीय गोताखोरों से जानकारी ली और SDRF की टीम को सर्च ऑपरेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
परिवार का इंतजार जारी
शिवकांत के लापता होने के बाद उसके परिवार के लोग नहर किनारे मौजूद हैं। रेस्क्यू टीम लगातार नहर के अलग-अलग हिस्सों में उसकी तलाश कर रही है। 24 घंटे बीतने के बाद भी शिवकांत का सुराग नहीं मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है।