September 23, 2026

3 सरकारें बदलीं, नई कॉलोनियां 9 से 35 हो गईं, फिर भी नहीं बनी पेरीफेरी रोड - Jalandhar News

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जालंधर की जनता 9 साल से पेरीफेरी रोड बनने का इंतजार कर रही है। गाढ़ा से सुभाना की तरफ हजारों लोग रोजाना कच्ची रोड से गुजरते हैं। रोशनी का प्रबंध कमजोर है। पेरीफेरी रोड योजना में जितनी देरी हो रही है, उतना ही ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है। साल 2016 में जब इस की घोषणा अकाली-भाजपा सरकार में की गई तो कैंट विस क्षेत्र की आबादी 3.10 लाख और वोटर 1,84,818 थे। अब साल 2026 में आबादी 3.50 लाख और वोटर 1,91,70 हो चुके हैं। पहले बड़ी 9 कॉलोनियां थीं और नए फ्लैट आदी बनने के बाद कॉलोनियों की गिनती 35 हो चुकी है।

सिटी में कैंट विधानसभा क्षेत्र में 2016 से लंबित 12 किलोमीटर लंबी पेरीफेरी रोड योजना की दबी फाइल हर चुनाव में मुद्दा बनती है। अब विस चुनाव नजदीक हैं। अब फिर से नेता पेरीफेरी रोड न होने से प्रभावित इलाकों के चक्कर लगाने लगे हैं। इस बीच जालंधर सिटी से कैंटोनमेंट बोर्ड के इलाके को क्रॉस करने वालों की आबादी भी लगातार बढ़ रही है। पेरीफेरी रोड इस बार भी कैंट हलके में चुनावी मुद्दा रहेगी।

सेना से जमीन लेंगे : थियाड़ा ^ कैंट की जनता की ये बड़ी मांग है। खास तौर पर सुभाना गांव, अलादीनपुर, खुसरोपुर जैसे पुराने इलाके व नई कॉलोनियों को डायरेक्ट रास्ता चाहिए। मैंने प्रशासनिक अधिकारियों से मीटिंग कर ली है। अगली मीटिंग जल्द रखी जाएगी, जिसमें जमीन लेने को लेकर प्रस्ताव पर चर्चा होगी। -राजविंदर कौर थियाड़ा, आप हलका प्रभारी कैंट क्षेत्र के भीतर से लोगों को गुजारने की बजाय बाहरी एरिया से गुजरने की राह देना।

ग्रामीणों को शहर या हाईवे तक पहुंचने के लिए लंबा और घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता है। उधर, कैंटवासी नवीन शर्मा कहते हैं - पेरीफेरी रोड वक्त की मांग है। अंदाजन हमारे इलाके में 1 लाख वाहन होंगे। ये तेजी से बढ़ रहे हैं। आखिर कैंट के गेटों से एंट्री लेकर कैंटोनमेंट की पुरानी सड़कें कब तक लाइफलाइन रखी जाएंगी?

जनता की पेरीफेरी रोड से ही भविष्य की जरूरतें पूरी होंगी। वहीं, गुरबाज ठाकुर कहते हैं कि जो नया बायपास मैकडोनल्ड के साथ बना है, इसके किनारे तेजी से नए हाउसिंग प्रोजेक्ट बने हैं, इन्हें जालंधर सिटी के अर्बन एस्टेट की तरफ की कनेक्टिविटी डायरेक्ट चाहिए। ऐसे में पेरीफेरी रोड जरूरी है।

खालसा कॉलेज फार विमेन के सामने अटवाल हाउस के पास जालंधर विकास प्राधिकरण की 16 मीटर चौड़ी 4 लेन रोड से पेरीफेरी रोड शुरू होनी थी। फिर सुभाना आदी से होकर अंत में नेशनल हाईवे से जुड़नी थी। पंजाब सरकार ने पेरीफेरी रोड बनाने के लिए चंडीगढ़ में 21 करोड़ रुपए का एस्टीमेट तैयार किया गया था।

रोड के लिए जमीन सेना से लेनी थी। सेना को बदले में पंजाब सरकार ने शहीद भगत सिंह नगर में जमीन देनी थी। ये प्रस्ताव 6 साल से कागजों में है। ये योजना अकाली-भाजपा ने घोषित की, कांग्रेस ने 5 साल में एस्टीमेट आदी तैयार किए, वर्तमान सरकार में योजना कागजों में है।

2017 : पहली बार रूट सर्वेक्षण। लोकनिर्माण विभाग ने प्रोजेक्ट एस्टीमेट बनाया। अप्रैल 2018: हाई-पावर्ड कमेटी ने प्रोजेक्ट के प्रोपोजल को हरी झंडी दी। रोड के लिए सेना से ली जमीन के बदले में राज्य सरकार की जमीन सेना को देगी। 2019 - 2021: जमीन के मूल्यांकन, मंजूरियों, निर्माण फंड को रिलीज करना था। 2022: प्रोसेस पूरे करने को प्रशासनिक कमेटी बननी थी। 2026: जनता 9 साल से रोड बनने का इंतजार कर रही है।