August 24, 2026

फसल बीमा क्लेम घोटाले के आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ: 3 की रिमांड बढ़ी, अब तक 8 मामले दर्ज; बैंक खातों को खंगाल रही जांच एजेंसी - Nagaur News

नागौर में फसल बीमा क्लेम घोटाले की जांच में SOG और SIT की कार्रवाई लगातार जारी है। सोमवार को मुख्य आरोपी सियाराम लोयल, रविंद्र बाजिया और तरुण लोयल की रिमांड अवधि पूरी होने पर सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें कोर्ट में पेश किया।

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हालांकि जांच एजेंसी की मांग पर कोर्ट ने तीनों की रिमांड अवधि तीन दिन और बढ़ा दी। अब जांच टीम फर्जी बीमा पॉलिसियों से लेकर क्लेम की रकम के अंतिम ठिकाने तक पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

फर्जी पॉलिसी से क्लेम तक का नेटवर्क खंगाल रही टीम रिमांड के दौरान SOG और SIT आरोपियों से फर्जी बीमा पॉलिसी तैयार करने, उनके आधार पर क्लेम पास करवाने और क्लेम की रकम को अलग-अलग खातों तक पहुंचाने के तरीके को लेकर पूछताछ कर रही है।

जांच टीम आरोपियों से जुड़े बैंक खातों, लेन-देन और वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि फर्जीवाड़े से हासिल रकम किन लोगों तक पहुंची और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था।

बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को गिरफ्तार कर आमने-सामने पूछताछ जांच में SOG और SIT की संयुक्त टीम ने बीमा कंपनी से जुड़े तीन प्रतिनिधियों आदित्य पाटोदिया, अक्षय कुमार और बिनीत कुमार को भी गिरफ्तार किया है। तीनों से पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों के सामने बैठाकर क्रॉस पूछताछ की गई।

जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी पॉलिसियां किस स्तर पर तैयार हुईं, उनका सत्यापन कैसे हुआ और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बीमा क्लेम किस तरह स्वीकृत कराए गए। इसके साथ ही क्लेम की रकम के भुगतान के बाद हुए लेन-देन की कड़ियां भी जोड़ी जा रही हैं।

फर्जी दस्तावेजों से उठाया 2.28 लाख का क्लेम घोटाले में सोमवार को एक और मामला दर्ज होने के बाद अब तक कुल 8 केस दर्ज हो चुके हैं। कंवलीसर निवासी मांगीलाल ने रिपोर्ट देकर आरोप लगाया कि उसकी खातेदारी जमीन पर उसकी जानकारी के बिना फर्जी दस्तावेज तैयार कर बटाईदार के नाम से फसल बीमा कराया गया और बाद में 2 लाख 28 हजार 87 रुपए का क्लेम हड़प लिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार खसरा नंबर 282 में मांगीलाल की 3.05 हेक्टेयर खातेदारी जमीन पर वर्ष 2021 में बसंती पत्नी बीरबल राम कमेडिया, बीरबल राम पुत्र भगीरथ राम और किसना राम पुत्र भागीरथ राम कमेडिया ने कथित तौर पर बटाईदार बनने के कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद खेत में बोई गई मूंग की फसल का बीमा कराया गया।

आरोप है कि बीमा क्लेम की 2,28,087 रुपए की राशि बसंती के बैंक खाते में जमा हुई। बाद में यह रकम जायल स्थित सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक शाखा में ट्रांसफर कर दी गई।

8 केस दर्ज, 6 आरोपी गिरफ्तार फसल बीमा क्लेम घोटाले में सोमवार को एक और एफआईआर दर्ज होने के बाद मामलों की संख्या 8 पहुंच गई है, जबकि SIT की जांच में अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।