पटना में सफाईकर्मियों की हड़ताल सातवां दिन: सड़कों पर 3,600 टन कचरा फैला, डेंगू-मलेरिया का बढ़ा खतरा, इमरजेंसी फंड जारी कर शुरू किया विशेष अभियान - Patna News
पटना2 घंटे पहले
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पटना नगर निगम समेत बिहार के सभी नगर निकायों के आउटसोर्सिंग सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को सातवें दिन भी जारी है। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर राजधानी में देखने को मिल रहा है।
पिछले 7 दिनों में करीब 3600 टन से अधिक कचरा शहर की सड़कों में जमा हो चुका है। लगातार बारिश के बीच फैले कचरे से दुर्गंध फैल रही है और डेंगू, मलेरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
शहर के कई इलाकों में कूड़ा उठाव पूरी तरह ठप है। मौर्य लोक, कंकड़बाग, कदमकुआं, जगत नारायण रोड, खेतान मार्केट और वीरचंद पटेल पथ समेत कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हैं।
सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण एंटी-लार्वा स्प्रे और फॉगिंग का काम भी प्रभावित हो गया है। नगर निगम की ओर से फिलहाल केवल प्रमुख सड़कों की सीमित सफाई कराई जा रही है।
बुधवार को खेतान मार्केट में फैले कचरे की तस्वीरें…
शहर के खेतान मार्केट इलाके में सड़कों पर फैला कचरा।
सड़क किनारे फैले कचरे के पास मवेशियों का जमावड़ा।
लो खुद ही ट्रॉली उठाकर कचरा सड़क से हटाकर किनारे करते दिखे।
कई बड़े नेताओं के घरों के आस-पास फैला कचरा
नगर निगम की कोशिश से शहर की कुछ मेन सड़कों की ही सफ़ाई हो पा रही है, लेकिन कई मोहल्लों से कूड़ा उठाना बंद कर दिया गया है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
कई बड़े नेताओं के घरों और आस-पास की सड़कों और गलियों में कूड़े के ढेर लगे हैं। वीरचंद पटेल पथ पर पॉलिटिकल पार्टी के ऑफिस के आस-पास भी कूड़ा फैला हुआ है।
इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को हड़ताल को खत्म करने के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से बात की है।
राजधानी में नेताओं के घरों के आस-पास फैला कचरा, देखिए तस्वीर…
स्ट्रैंड रोड पर एमएलसी संजय मयूख के घर के बाहर फैला कचरा।
पोलो रोड में मंत्री अशोक चौधरी के आवास के पास फैला कचरा।
सर्कुलर रोड में विधानसभा अध्यक्ष के आवास के बाहर फैला कचरा।
नागेश्वर कॉलोनी में सांसद रविशंकर प्रसाद के आवास के पास फैला कचरा।
निगम मुख्यालय में धारा 163 लागू, हड़ताली कर्मियों पर FIR
हड़ताल के दौरान नगर निगम मुख्यालय, मौर्य लोक परिसर में विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
इधर, सचिवालय थाने में हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने निगम के वाहनों की मरम्मत कर रहे कर्मचारियों के साथ मारपीट, गाली-गलौज और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई।
आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर आंदोलन
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे करीब 15 वर्षों से नगर निगम में कार्यरत हैं, लेकिन अब भी आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से काम कराया जा रहा है।
उनका आरोप है कि सरकार द्वारा निर्धारित ₹525 दैनिक मजदूरी के बजाय उन्हें केवल ₹324 प्रतिदिन भुगतान किया जाता है। कर्मचारी आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर सीधे नगर निगम के अधीन नियुक्ति और स्थायीकरण की मांग कर रहे हैं।
करीब 8 हजार दैनिक वेतनभोगी और अनुबंध कर्मियों की स्थायी नियुक्ति का मामला लंबे समय से लंबित है, जिसे लेकर कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
एजेंसियों पर 22.65 करोड़ का जुर्माना
नगर निगम ने हड़ताल के दौरान पर्याप्त सफाईकर्मी और वाहन उपलब्ध नहीं कराने पर आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर 22.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एजेंसियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनका अनुबंध समाप्त कर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है।
तीन शिफ्ट में विशेष सफाई अभियान
नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर पुलिस सुरक्षा के बीच रात में तीन शिफ्टों में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए आपातकालीन निधि से 7.5 लाख रुपये जारी किए गए हैं। चुनिंदा वार्डों में 26 डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहनों को लगाया गया है। साथ ही प्रत्येक वार्ड को 10 हजार रुपये उपलब्ध कराए गए हैं ताकि स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था बहाल की जा सके।
नगर आयुक्त ने कहा, ‘पुलिस बल की मौजूदगी में सफाई कार्य कराया जा रहा है और अब सुबह की शिफ्ट में भी अतिरिक्त सुरक्षा बल उपलब्ध कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर जेसीबी, हाईवा, ट्रैक्टर, डंपर और अन्य वाहनों को किराये पर लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।’
सांसद रविशंकर प्रसाद ने किया हस्तक्षेप
स्थिति गंभीर होने पर पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद ने नगर निगम और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने की अपील की है।
वहीं, नगर आयुक्त ने सफाई कर्मचारियों को नगर निगम की "रीढ़" बताते हुए जनहित में काम पर लौटने का आग्रह किया है।
हालांकि, कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी तीन सूत्री मांगों पर सरकार की ओर से लिखित और ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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