कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा और मृतक पत्नी मुस्कान के परिजनों के बीच फरमाणा गांव में हुई पंचायत में सुलह पर सहमति बनी। पंचायत ने कहा कि शर्तों के पूरा होने के बाद यदि शीलू भविष्य में दूसरी शादी करना चाहता है तो पंचायत उसमें सहयोग करेगी।
कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा के केस में फरमाणा गांव में हुई पंचायत के दौरान दोनों पक्षों के बीच हुआ समझौता।
- Published: 12 Aug 2026, 03:56 PM IST
- Last Updated: 12 Aug 2026, 03:56 PM IST
कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा के केस में समझौता: कबड्डी खिलाड़ी शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा की आत्महत्या के मामले में मंगलवार को फरमाणा गांव में हुई पंचायत के दौरान दोनों पक्षों के बीच समझौते पर सहमति बनी। मुस्कान के मायके पक्ष ने शीलू और उसके परिवार को माफ करने की बात कही है। पंचायत में बच्चे के भविष्य को लेकर तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी।
समझौते के अनुसार मुस्कान और शीलू के आठ महीने के बेटे हार्दिक के नाम 50 लाख रुपए की FD कराई जाएगी। इसके साथ ही शीलू के परिवार का वह मकान, जिसमें वे रहते हैं, बच्चे के नाम किया जाएगा। एकेडमी के नाम खरीदी गई जमीन भी हार्दिक के नाम कराने पर सहमति बनी है।
मुस्कान के पिता सुखबीर सिंह ने पंचायत के फैसले पर सहमति जताते हुए पुलिस में दर्ज शिकायत वापस लेने की बात कही है। हालांकि, शिकायत वापस लेने से मामला अपने आप खत्म नहीं होगा। पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही केस में आगे की कार्रवाई तय होगी।
पंचायत में शीलू के परिवार ने मांगी माफी
बहु अकबरपुर गांव के सरपंच प्रतिनिधि सत्यवान नंबरदार ने बताया कि पंचायत में शीलू के परिवार ने माफी मांगी। फरमाणा गांव की पंचायत ने उन्हें माफ कर दिया। समझौते में तय शर्तों को पूरा करने के लिए परिवार ने कुछ समय मांगा है।
उन्होंने बताया कि बच्चे के नाम एक सप्ताह के भीतर 50 लाख रुपए की FD कराने का प्रयास किया जाएगा। जमीन और मकान बच्चे के नाम कराने में जितना समय लगेगा, उसकी जानकारी पंचायत को दी जाएगी।
शीलू दूसरी शादी करना चाहे तो घर बसाने में मदद करेगी पंचायत
फरमाणा गांव के पूर्व सरपंच सतीश ने कहा कि शीलू को पंचायत अपने बेटे की तरह देखेगी। अगर वह भविष्य में दूसरी शादी करना चाहता है तो पंचायत उसका घर बसाने में भी मदद करेगी।
इसके साथ उन्होंने कहा कि पहले तय समय में जमीन, मकान और FD बच्चे के नाम कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिसके बाद ही मुस्कान के मायके पक्ष की ओर से पुलिस में दी गई शिकायत वापस ली जाएगी।
31 जुलाई को ससुराल में फंदे से लटका मिला था शव
मुस्कान बल्हारा ने 31 जुलाई 2026 को बहु अकबरपुर स्थित अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शाम करीब 4 बजे वह घर की पहली मंजिल पर कमरे में फंदे से लटकी मिली थी। ससुराल वालों ने पड़ोसियों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा था।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और मुस्कान के मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे। मायके वालों ने उस समय हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। रात में दोनों पक्षों के बीच पंचायत भी हुई, लेकिन उस समय कोई फैसला नहीं हो सका था।
पिता की शिकायत पर 4 लोगों के खिलाफ FIR
मुस्कान के पिता सुखबीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि शादी के बाद से उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने शीलू पर दूसरी लड़कियों से संबंध रखने और तलाक की धमकी देने के भी आरोप लगाए थे।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने शीलू बल्हारा, उसके पिता सुरेंद्र, मां निशा और भाई मनीष के खिलाफ BNS की धारा 80 (दहेज मृत्यु) और धारा 3(5) के तहत केस दर्ज किया था। मुस्कान और शीलू की शादी 8 दिसंबर 2023 को हुई थी। नवंबर 2025 में मुस्कान ने बेटे हार्दिक को जन्म दिया था।
पोस्टमॉर्टम की प्राथमिक रिपोर्ट में चोट के निशान नहीं
पुलिस को पोस्टमॉर्टम की प्राथमिक रिपोर्ट मिल चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार मुस्कान के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले। प्राथमिक रिपोर्ट में फांसी लगाने से आत्महत्या की बात सामने आई है।
इसके बाद मायके पक्ष ने शीलू और उसके परिवार को 12 अगस्त तक का समय दिया था। अब मंगलवार को हुई पंचायत में दोनों पक्षों के बीच बच्चे के भविष्य और संपत्ति को लेकर सहमति बनी है।
समझौते के बाद भी कानूनी प्रक्रिया जरूरी
सीनियर एडवोकेट अशोक कादियान के अनुसार, दहेज उत्पीड़न या दहेज मृत्यु के मामले में परिवारों के बीच पंचायत में समझौता होने मात्र से आपराधिक केस स्वतः समाप्त नहीं होता। शिकायत वापस लेने के बाद भी पुलिस की जांच और मामले की कानूनी स्थिति महत्वपूर्ण रहती है। अगर जांच में दहेज के लिए प्रताड़ित करने या मारपीट के पर्याप्त सबूत नहीं मिलते हैं, तो पुलिस जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और धाराएं तय कर सकती है।
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