त्योहारों के सीजन की शुरुआत से ठीक पहले केंद्रीय कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी लाने वाली खबर आई है. नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने केंद्र सरकार के सामने बोनस गणना सीमा (Bonus Calculation Ceiling) को 7,000 रुपए से सीधे 3 गुना बढ़ाकर 21,000 रुपए करने की पुरजोर मांग रखी है. अगर सरकार दशहरा से पहले इस प्रस्ताव पर मुहर लगाती है, तो रेलवे, पोस्टल और डिफेंस जैसे विभागों के नॉन-गजटेड कर्मचारियों के बोनस में बंपर इजाफा देखने को मिलेगा.
क्या है पूरा मामला?
दशहरा और दिवाली के त्योहार नजदीक आते ही केंद्र सरकार हर साल अपने पात्र कर्मचारियों के लिए उत्पादकता लिंक्ड बोनस (Productivity Linked Bonus – PLB) और एड-हॉक (Non-PLB) बोनस जारी करने का आदेश देती है. 27 अगस्त 2026 को NC-JCM (स्टाफ साइड) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर मांग की है कि इस साल बोनस का भुगतान 7,000 रुपए की बजाय 21,000 रुपए प्रति माह की संशोधित गणना सीमा पर किया जाए.
क्यों उठी 21,000 रुपए सीलिंग की मांग?
- 11 मई 2026 की NC-JCM बैठक: नेशनल काउंसिल की 49वीं बैठक में जब कर्मचारी पक्ष ने बोनस सीलिंग बढ़ाने का मुद्दा उठाया था, तो आधिकारिक पक्ष ने कहा था कि इस मांग पर विचार तभी संभव है जब सरकार Code on Wages, 2019 (या Payment of Bonus Act, 1965) के तहत न्यूनतम मजदूरी सीमा में बदलाव करे.
- 25 अगस्त 2026 का गजट नोटिफिकेशन: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 25 अगस्त को अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी की पात्रता सीमा 7,000 रुपए प्रति माह से अधिक है, तो बोनस की गणना 7,000 रुपए या केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी (जो भी अधिक हो) के आधार पर की जाएगी. यह नियम 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है.
- संशोधित न्यूनतम वेतन: वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी ढांचा 20,358 रुपए से ₹26,910 प्रति माह तक है. कई राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश और हरियाणा) ने भी न्यूनतम वेतन 21,000 रुपए निर्धारित किया है. इसी आधार पर NC-JCM का तर्क है कि नई बोनस सीलिंग 21,000 रुपए तय की जानी चाहिए.
कर्मचारियों की जेब पर क्या पड़ेगा असर?
केंद्र सरकार के लेवल-1 से लेवल-8 के लगभग 30 लाख से अधिक गैर-राजपत्रित (Non-Gazetted) कर्मचारियों को इस संशोधन से सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा.
| बोनस का प्रकार | वर्तमान नियम (7,000 रुपए सीलिंग पर) | प्रस्तावित नियम (21,000 रुपए सीलिंग पर) | सीधा वित्तीय लाभ |
| एड-हॉक बोनस (30 दिन) | 6,908 रुपए | 20,724 रुपए | 3 गुना बढ़ोतरी (13,816 रुपए का इजाफा) |
| रेलवे PLB (78 दिन) | 17,951 रुपए | 53,853 रुपए | 3 गुना बढ़ोतरी (35,902 रुपए का इजाफा) |
नोट: मासिक बोनस की गणना साधारणतया (मंथली सीलिंग X दिन) / 30.4 या संबंधित सेवा नियमों के अनुसार की जाती है.
किन-किन विभागों को मिलेगा फायदा?
- भारतीय रेलवे: 78 दिनों का PLB पाने वाले करीब 11 लाख से अधिक रेलकर्मी.
- डाक विभाग व रक्षा निर्माण: डाक सेवकों और ऑर्डनेंस / डिफेंस सिविलियन कर्मचारियों को.
- स्वायत्त संस्थाएं व केंद्रीय सचिवालय: अन्य केंद्रीय मंत्रालयों में कार्यरत ग्रुप ‘सी’ और ग्रुप ‘बी’ के नॉन-गजटेड कर्मचारी.
आगे क्या?
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि 2014-15 के बाद से बोनस सीलिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि इस दौरान महंगाई और न्यूनतम वेतन में कई बार संशोधन किए जा चुके हैं. अब सभी की निगाहें कैबिनेट सचिव और वित्त मंत्रालय के अंतिम आदेश पर टिकी हैं, जो सितंबर के अंत या अक्टूबर के पहले सप्ताह (दशहरा से ठीक पहले) जारी होने की संभावना है.

सौरभ शर्मा
15 साल से शेयर मार्केट, इकोनॉमी और कमोडिटी कवर कर रहे हैं. टीवी9 के साथ जुड़ने से पहले डीएनए, एशियानेट, जनसत्ता और राजस्थान पत्रिका जैसे कई बड़े संस्थानों के साथ भी जुड़े रहे.
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