Aug 26, 2026 01:28 am ISTलाइव हिन्दुस्तान, ग्वालियर

ग्वालियर में एक शख्स ने रील वायरल करने के लिए कार पर अपनी 3 महिला मित्रों से 3400 किस के निशान बनवाए। वीडियो को 55 लाख से ज्यादा व्यूज मिले लेकिन ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पुलिस ने जुर्माना भी लगा दिया।
ग्वालियर की सड़कों पर दौड़ती 'किसिंग कार' के मामले में एक नया ट्विस्ट सामने आया है। अब तक यह सामने आया था कि आरोपी की एक महिला फ्रैंड ने कार पर करीब 3400 Kiss किए थे। अब आरोपी ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया है कि कार को एक नहीं वरन उसकी महिला मित्रों ने मिलकर किस किया था। बता दें कि सफेद रंग की कथित 'किसिंग कार' की पूरी बॉडी पर लिपस्टिक से Kiss के निशान छपे पाए गए थे। इस कार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
रीलबाजी के चक्कर में छपवाए Kiss के निशान
इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए थे। दावा है कि कार पर करीब 3400 किस के निशान छपे पाए गए थे। सोशल मीडिया पर कार वीडियो वायरल हुआ तो इसे करीब 55 लाख लोगों ने देखा। करीब 55 लाख व्यूज का आंकड़ा पार करने वाली इस वायरल वीडियो के पीछे की कहानी यह है कि आरोपी कार मालिक आदित्य सिकरवार ने रील वायरल करने के लिए अपनी महिला मित्रों की सलाह पर कार पर किस के निशान लगवाए थे।
एक नहीं 3 महिला मित्रों ने किए Kiss
अब तक यह कहा जा रहा था कि आदित्य की एक महिला दोस्त ने कार पर Kiss करके इसे सजाया था। अब बातचीत में आदित्य ने बताया कि कार को सजाने में एक नहीं वरन उसकी तीन फ्रेंड्स शामिल थीं। यही नहीं इस कथित ‘किसिंग कार’ के पीछे का आइडिया एक लड़की ने नहीं वरन तीन फ्रेंड्स ने दिया था। कार को अलग दिखाने और सोशल मीडिया पर वायरल कराने के लिए तीनों ने मिलकर कार पर लिपस्टिक Kiss के निशान बनाए।
पुलिस ने उतारा रीलबाजी का बुखार, काटा चालान
आदित्य के मुताबिक पूरी कवायद सिर्फ सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचने और ज्यादा से ज्यादा व्यूज हासिल करने के लिए की गई थी। वायरल वीडियो ने भले ही आदित्य को सोशल मीडिया पर खूब चर्चा दिलाई, लेकिन पुलिस की नजर भी इस कार पर पड़ गई। पुलिस ने ट्रैफिक नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए 5 हजार 500 रुपये का चालान काटा था। यानी सोशल मीडिया की सनक में तैयार की गई कार ने व्यूज तो खूब बटोरे, लेकिन जेब भी ढीली करा दी।
इन कानून के तहत ऐक्शन
इतना ही नहीं पुलिस ने कार के मालिक आदित्य सिकरवार से Kiss के सारे निशान भी साफ कराए। कार मालिक पर मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के तहत 5,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इस कानून में रजिस्ट्रेशन, सुरक्षा उपायों के साथ ही वाहनों में बदलाव करने से जुड़े नियम भी बताए गए हैं। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 52 किसी वाहन में ऐसी छेड़छाड़ से जुड़ी है जिसकी वजह से उसकी मूल पहचान में बदलाव हो जाए।
बदलाव पड़ेगा भारी, क्या कहता है कानून?
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस धारा की सब-सेक्शन (1) में कहा गया है कि गाड़ी मालिक वाहन में ऐसा कोई बदलाव नहीं करेगा जिससे उसका मूल स्वरूप ही बदल जाए। यानी गाड़ी में किया गया कोई बदलाव RC में दर्ज जानकारी से अलग नहीं होनी चाहिए। सेक्शन 52 के अनुसार, निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना या रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड को अपडेट किए बिना वाहन में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता है।
दोनों प्रावधानों के तहत जुर्माना, जेल भी संभव
इसके अलावा वाहन में बदलाव करने पर गाड़ी मालिक को बदलाव के 14 दिनों के अंदर संबंधित रजिस्टरिंग अथॉरिटी को इसकी जानकारी देनी होगी। यही नहीं तय फीस के साथ RC भी अथॉरिटी को भेजनी होगी। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 182A(4) के तहत यदि किसी वहन में एक्ट में बताए गए तरीके के अलावा कोई बदलाव किया जाता है तो इसके लिए आरोपी पर 6 महीने तक की जेल या 5,000 रुपये का जुर्माना भी ठोंका जा सकता है। सजा से जुड़े प्रावधानों की धारा 177 के तहत पहली बार कानून तोड़ने वाले पर 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singh
कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
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