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वरुण कुमार शर्मा | मुजफ्फरनगर2 घंटे पहले
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मुजफ्फरनगर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन सवेरा के तहत सिविल लाइन पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। 26 अगस्त को गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों से पूछताछ और उनके फॉरवर्ड-बैकवर्ड लिंक की जांच के बाद पुलिस ने शुक्रवार देर शाम करीब 8 बजे गिरोह के एक और तस्कर को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 2.64 लाख नशीले कैप्सूल और गोलियां, तस्करी में इस्तेमाल बलैनो कार और 3,900 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
राणा चौक के पास घेराबंदी कर पकड़ा पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान हापुड़ निवासी जुफैन उर्फ नबाब पुत्र यूनूस के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे राणा चौक के पास फैक्ट्रियों की ओर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया।
तीन आरोपियों से पूछताछ में सामने आया नाम सिविल लाइन पुलिस ने 26 अगस्त को चेकिंग के दौरान सूचना के आधार पर माल रोड से दीपक, कलीम और जुनैद को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 72 हजार नशीले कैप्सूल, 549 नशीले इंजेक्शन और एक बलैनो कार बरामद हुई थी। इस मामले में थाना सिविल लाइन में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। तीनों से पूछताछ में पुलिस को नशीली दवाओं की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली।
छह कार्टून में 1.44 लाख ट्रामाडोल कैप्सूल पुलिस के मुताबिक, जुफैन के कब्जे से स्पास्मोविल कंपनी के ट्रामाडोल नशीले कैप्सूल के छह कार्टून बरामद हुए। इनमें कुल 1.44 लाख कैप्सूल थे। इसके अलावा एल्प्राजोलम की 1.20 लाख नशीली गोलियां भी बरामद की गईं। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बलैनो कार और 3,900 रुपये नकद भी कब्जे में लिए हैं।
अमरोहा के दवा विक्रेता से खरीदने का दावा पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दवाओं की सप्लाई का काम करता है और अमरोहा के एक दवा विक्रेता से अनधिकृत नशीली दवाएं खरीदता था। इसके बाद इन दवाओं को अपने साथियों दीपक, जुनैद और कलीम को उपलब्ध कराता था। साथी मांग के आधार पर इनकी आगे सप्लाई करते थे।
ऊंचे दाम पर बेचकर कमाते थे अवैध मुनाफा पुलिस का कहना है कि ऐसी दवाओं की बिक्री सामान्य तौर पर डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन और लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर के माध्यम से ही की जाती है। आरोप है कि गिरोह इन दवाओं का इस्तेमाल नशे के लिए करने वाले लोगों को ऊंचे दामों पर दवाएं उपलब्ध कराता था और इससे अवैध आर्थिक लाभ कमाता था।
साथी पकड़े गए तो खेप हटाने पहुंचा आरोपी पुलिस के मुताबिक, जुफैन को जानकारी मिल गई थी कि उसके साथी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके बाद वह कथित तौर पर छिपाकर रखी गई नशीली दवाओं की खेप को वहां से हटाने पहुंचा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
सप्लाई नेटवर्क के आगे-पीछे के कनेक्शन खंगाल रही पुलिस सिविल लाइन पुलिस अब नशीली दवाओं के इस नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी खेप कहां से लाई जा रही थी, इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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