October 2, 2026

दर्द से बेहाल शरीर, फिर भी नहीं थम रहे कदम: झज्जर के सुबाणा गांव की रेणु 273 KM दंडवत कर खाटू पहुंचेंगी,पति सिद्धार्थ भी साथ - Jhajjar News

आस्था अगर मजबूत हो तो मुश्किल रास्ते भी छोटे लगने लगते हैं। हरियाणा के झज्जर जिले के सुबाणा गांव की 36 वर्षीय रेणु हरिवंशी इन दिनों बाबा खाटूश्याम के दर्शन के लिए 273 किलोमीटर की दंडवत यात्रा कर रही हैं। शरीर दर्द से बेहाल होता है, घुटनों और हाथ-पैरो

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रेणु ने 5 जुलाई को यह यात्रा शुरू की थी। उनके साथ करीब 15 लोग चल रहे हैं, जो यात्रा के दौरान उनकी मदद कर रहे हैं। उन्होंने इस बार पूरी 273 किलोमीटर की दूरी बिना गद्दे के दंडवत करते हुए तय करने का संकल्प लिया है। उन्हें उम्मीद है कि नवरात्रों तक वह खाटूश्यामजी पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन करेंगी।

2023 में 237 KM की यात्रा 67 दिन में की थी पूरी

यह रेणु की पहली दंडवत यात्रा नहीं है। वर्ष 2023 में भी उन्होंने खाटूश्यामजी के लिए 237 किलोमीटर की दंडवत यात्रा की थी। उस समय उन्होंने 67 दिनों में यह सफर पूरा किया था। खास बात यह रही कि उस यात्रा में भी उन्होंने गद्दे का इस्तेमाल नहीं किया था। अब दूसरी बार उन्होंने पहले से ज्यादा दूरी यानी 273 किलोमीटर दंडवत करते हुए तय करने का संकल्प लिया है।

2018 में ANM की नौकरी छोड़ी, अन्न का भी त्याग

रेणु पहले गुरुग्राम में एएनएम के पद पर नौकरी करती थीं। वर्ष 2018 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी। रेणु के अनुसार, इसके बाद से उन्होंने अन्न का त्याग कर रखा है। वह मुख्य रूप से नारियल पानी का सेवन करती हैं। धार्मिक आस्था और सेवा को उन्होंने अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है।

रेणु के पति सिद्धार्थ मल्हान सहकारी बैंक में क्लर्क हैं। सिद्धार्थ ने बताया कि रेणु लंबे समय से धार्मिक यात्राओं और सेवा कार्यों से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि इस कठिन यात्रा के दौरान परिवार और उनके साथ चल रहे लोग रेणु का पूरा सहयोग कर रहे हैं।

रेणु का किया सम्मान, उनका लक्ष्य नवरात्रों तक खाटू श्यामजी पहुंचना है

रेणु का किया सम्मान, उनका लक्ष्य नवरात्रों तक खाटू श्यामजी पहुंचना है

जनकल्याण, गौ रक्षा और सनातन जागरूकता का संदेश

रेणु का कहना है कि उनकी यात्रा का उद्देश्य केवल बाबा श्याम के दर्शन करना नहीं है। वह इस यात्रा के जरिए जनकल्याण, गौ रक्षा और सनातन धर्म के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश भी दे रही हैं। उनका कहना है कि लोगों को जरूरतमंदों की सेवा और गौ रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।

श्रीमाधोपुर में हुआ सम्मान

दंडवत यात्रा के दौरान रेणु जब श्रीमाधोपुर बाईपास रोड पहुंचीं तो स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने उनका सम्मान किया। कुछ देर रुककर लोगों ने उनसे मुलाकात की और उनकी यात्रा के बारे में जानकारी ली। सम्मान के बाद रेणु ने फिर जमीन पर दंडवत करते हुए अपनी यात्रा शुरू कर दी। रेणु फिलहाल श्री माधोपुर शहर से निकल रही हैं

खाटू के बाद सालासर जाने का संकल्प

रेणु का लक्ष्य नवरात्रों तक खाटूश्यामजी पहुंचना है। बाबा श्याम के दर्शन के बाद वह सालासर के लिए पदयात्रा करेंगी। इससे पहले वह ब्रज चौरासी कोस की चार पैदल यात्राएं भी कर चुकी हैं।

रेणु के लिए 273 किलोमीटर की यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उनके वर्षों पुराने संकल्प, आस्था और सेवा भावना की अगली कड़ी है। दर्द और थकान के बावजूद वह लगातार दंडवत करते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं।