August 13, 2026

एक्सप्रेसवे किनारे बनेंगे 27 इंडस्ट्रियल-लॉजिस्टिक्स हब: UP के 26 जिलों में 12,700 एकड़ का लैंड बैंक तैयार, निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा - Lucknow News

उत्तर प्रदेश में अब एक्सप्रेसवे सिर्फ सफर आसान करने तक सीमित नहीं रहेंगे। इनके किनारे बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं। यूपीडा ने बताया कि प्रदेश के 26 जिलों में पांच प्रमुख एक्सप्रेसवे के किनारे 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एं

.

गुरुवार को होटल ताज महल में ऑल इंडिया प्लास्टिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (AIPMA) के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यूपीडा की एजीएम मोनिका कुमार ने उत्तर प्रदेश की निवेश संभावनाओं और IMLC कार्यक्रम की जानकारी दी। सम्मेलन में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि रहे।

300 एकड़ जमीन आवंटित, 6105 करोड़ का निवेश प्रस्तावित

यूपीडा के मुताबिक IMLC में अब तक करीब 300 एकड़ जमीन आवंटित की जा चुकी है। इससे लगभग 6105 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश और 8 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। इन क्लस्टरों में पेय पदार्थ निर्माण, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, फार्मास्यूटिकल्स, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों के निवेशकों ने रुचि दिखाई है।

एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेंगे इंडस्ट्रियल क्लस्टर

यूपीडा के मुताबिक IMLC में उद्योगों को एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके साथ सड़क, रेल और हवाई मार्ग से मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी की सुविधा भी विकसित की जा रही है। क्लस्टर में समर्पित बिजली व्यवस्था और सब-स्टेशन, पानी की सप्लाई, आंतरिक सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, फायर स्टेशन और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद उद्योगों का लॉजिस्टिक्स खर्च घटाना और उत्पादन को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाना है।

2150 किमी से ज्यादा एक्सप्रेसवे नेटवर्क

यूपीडा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 2150 किमी से ज्यादा एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित हो चुका है। प्रदेश में कुल 20 एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर काम हो रहा है, जिनमें 10 संचालित और 10 आगामी परियोजनाएं बताई गई हैं।

परियोजनाएं पूरी होने के बाद प्रदेश के करीब 65% जिले एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इससे कारोबार, निवेश और माल की आवाजाही को गति मिलने की उम्मीद है।

4 लाख किमी सड़क, 16 हजार किमी रेल नेटवर्क

निवेशकों के लिए उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को बड़ी ताकत बताते हुए यूपीडा ने कहा कि प्रदेश में 4 लाख किमी से ज्यादा सड़क नेटवर्क और 16 हजार किमी से ज्यादा रेल नेटवर्क है। इसके अलावा 19 घरेलू और 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तथा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से कनेक्टिविटी भी उपलब्ध है।

प्रदेश में करीब 9.37% का राष्ट्रीय GDP योगदान, 25 करोड़ की आबादी और 96 लाख से ज्यादा MSME होने की बात भी सम्मेलन में रखी गई।

33 से ज्यादा सेक्टर की नीतियां

यूपीडा ने बताया कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए उत्तर प्रदेश में विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिफेंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डेटा सेंटर और रिन्यूएबल एनर्जी समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए 33 से ज्यादा सेक्टर आधारित नीतियां लागू हैं।

निवेश मित्र सिंगल विंडो, निवेश सारथी, डिजिटल अप्रूवल और ऑनलाइन इंसेंटिव मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए निवेशकों को सुविधाएं देने का दावा किया गया। हाल ही में शुरू किए गए निवेश मित्र 3.0 में रियल टाइम आवेदन ट्रैकिंग और मंजूरी की सुविधा जोड़ी गई है।

‘कनेक्टिविटी से अब कॉम्पिटिटिवनेस की ओर बढ़ रहा UP’

मोनिका कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ कनेक्टिविटी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक्सप्रेसवे को आर्थिक और औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने का माध्यम बन रहा है।

AIPMA का यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘India as a Global Sourcing Hub for the Plastics and Packaging Industry’ थीम पर आयोजित हुआ। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ प्लास्टिक्स एवं पैकेजिंग उद्योग से जुड़े निर्माता, निवेशक और अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।