October 7, 2026

तरंग शक्ति-26: जोधपुर के आसमान में गरज रहे F-35, राफेल और तेजस, 8 देशों की वायु सेनाएं दिखा रहीं दम

भारतीय वायु सेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास तरंग शक्ति-26 राजस्थान के जोधपुर में पूरे जोश के साथ जारी है. ये अभ्यास 26 सितंबर से शुरू हुआ था और 12 अक्टूबर तक चलेगा. इस अभ्यास की थीम ‘Power in Partnership’ है. इसका मकसद सिर्फ हवाई ताकत का प्रदर्शन नहीं, बल्कि अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी, ऑपरेशनल तालमेल और आपसी भरोसा बढ़ाना है.

तरंग शक्ति-26 के ऑपरेशनल फेज में भारतीय वायु सेना के साथ 7 विदेशी देशों की वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं. इनमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, UAE, बांग्लादेश और श्रीलंका शामिल हैं. यानी भारत समेत कुल 8 वायु सेनाएं इस अभ्यास में सीधे शामिल हैं. इसके अलावा 32 देश ऑब्जर्वर के तौर पर अभ्यास को देख रहे हैं.

लड़ाकू विमानों के साथ अन्य विमान भी शामिल

इस अभ्यास में लड़ाकू विमानों के साथ एयरलिफ्ट, एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग और सपोर्ट एयरक्राफ्ट भी शामिल हैं. विदेशी विमानों में F-35 Lightning II, Rafale, F-16, A400M, MRTT, C-130, C-130J और KC-30A शामिल हैं.

आसमान में F-35, Rafale और Tejas की ताकत

तरंग शक्ति-26 का सबसे बड़ा आकर्षण अमेरिकी F-35A Lightning II है. 6 F-35A विमान जोधपुर पहुंचे हैं और पहली बार भारतीय जमीन पर किसी सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं. वहीं अमेरिकी KC-135 टैंकर भी अभ्यास का हिस्सा हैं.

भारतीय लड़ाकू विमानों के साथ F-35 की संयुक्त उड़ानों ने अभ्यास को खास बना दिया है. भारतीय पक्ष से Su-30MKI, Rafale और स्वदेशी Tejas समेत कई फ्रंटलाइन प्लेटफॉर्म हिस्सा ले रहे हैं. F-35, Rafale, Su-30MKI और Tejas का एक साथ उड़ान भरना भारत के आसमान में आधुनिक एयर पावर की एक खास तस्वीर पेश कर रहा है.

कौन-कौन से विदेशी विमान आए?

तरंग शक्ति-26 में अलग-अलग देशों की एयर पावर और सपोर्ट क्षमता का बड़ा मिश्रण देखने को मिल रहा है।

  • अमेरिका: F-35A Lightning II और KC-135
  • फ्रांस: Rafale, A400M और MRTT
  • जर्मनी: A400M समेत एयर मोबिलिटी क्षमता
  • ऑस्ट्रेलिया: एयर मोबिलिटी और सपोर्ट एसेट्स
  • UAE: F-16 समेत एयर कॉम्बैट क्षमता
  • बांग्लादेश: C-130J
  • श्रीलंका: एयर सपोर्ट/ट्रांसपोर्ट क्षमता

सिर्फ उड़ान नहीं, युद्ध की तैयारी

तरंग शक्ति का फोकस केवल फाइटर जेट की फॉर्मेशन फ्लाइट या एयर शो तक सीमित नहीं है. इसमें जॉइंट मिशन प्लानिंग, फ्लाइंग ऑपरेशंस, ऑपरेशनल प्रक्रियाओं की समझ, मिशन के बाद डिब्रीफिंग और पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान शामिल है. यानी अलग-अलग देशों के पायलट और एयरक्रू यह सीख रहे हैं कि अलग-अलग विमान, सेंसर, कम्युनिकेशन सिस्टम और ऑपरेशनल प्रक्रियाओं के बावजूद एक साथ मिशन कैसे किया जा सकता है. यही इंटरऑपरेबिलिटी आधुनिक युद्ध में बेहद अहम है.

भारत के लिए क्यों अहम?

आज के युद्ध में एयर पावर अकेले फाइटर जेट की ताकत नहीं है. इसमें एयर डिफेंस, रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग, एयरलिफ्ट, सर्विलांस और नेटवर्किंग जैसी क्षमताएं भी शामिल हैं. तरंग शक्ति में अलग-अलग देशों की इन क्षमताओं को करीब से समझने का मौका भारतीय वायु सेना को मिल रहा है.

एयर डिप्लोमेसी का भी बड़ा मंच

तरंग शक्ति भारत की एयर डिप्लोमेसी का भी महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है. एक ही एयरबेस पर अमेरिका के F-35, फ्रांस के Rafale, यूरोपीय एयरलिफ्ट प्लेटफॉर्म और भारतीय Su-30MKI, Rafale और Tejas जैसे विमान साथ ऑपरेट कर रहे हैं. इससे भारत को न सिर्फ अपने एयर पावर और स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता को प्रदर्शित करने का मौका मिल रहा है, बल्कि मित्र देशों के साथ लंबे समय के रक्षा सहयोग को भी मजबूत करने का अवसर मिल रहा है.

32 देश ऑब्जर्वर

अभ्यास में 32 देश ऑब्जर्वर के तौर पर भी जुड़े हैं. यानी तरंग शक्ति का दायरा सीधे उड़ान भरने वाले देशों से कहीं बड़ा है. इसके जरिए भारत की एयर पावर, ऑपरेशनल प्रक्रियाओं और बढ़ती स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखने और समझने का मौका मिल रहा है.

अंजू निर्वाण

अंजू निर्वाण

अंजू निर्वाण भारत की लीडिंग डिफेंस पत्रकारों में से एक हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर अपनी सटीक रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जानी जाती हैं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में दो दशकों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने इंडिया टीवी, न्यूज़ 24, ज़ी न्यूज़, इंडिया न्यूज़, ईटीवी और रिपब्लिक भारत जैसे प्रमुख समाचार चैनलों में रिपोर्टर, एंकर, प्रोड्यूसर और खोजी पत्रकार के रूप में काम किया है. सितंबर 2022 से अंजू निर्वाण टीवी9 भारतवर्ष में एसोसिएट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वह रक्षा मामलों की कवरेज का नेतृत्व करती हैं, भारत के सैन्य आधुनिकीकरण, नौसेना की प्रगति, मिसाइल प्रणालियों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर कवरेज करती हैं. अंजू निर्वाण ने युद्ध क्षेत्रों से रिपोर्टिंग की है, अग्रिम पंक्ति के सैन्य अभ्यासों को कवर किया है और शीर्ष रक्षा अधिकारियों के इंटरव्यू किए हैं.

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