Updated On: Jul 24, 2026 | 09:54 AM IST
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सार
Mumbai NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक विवाद के बीच उद्धव और राज ठाकरे ने मिलाया हाथ। 26 जुलाई को मुंबई के शिवाजी पार्क से सिद्धिविनायक तक छात्रों के समर्थन में निकालेंगे गैर-राजनीतिक 'तिरंगा मार्च'।

उद्धव ठाकरे, राजठाकरे (सोर्स-सोशल मीडिया)
विस्तार
Uddhav Thackeray Raj Thackeray Tiranga March Mumbai: नीट परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर देशभर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन को दबाने की कोशिशों के विरोध में महाराष्ट्र में भी बड़ा घमासान देखने को मिल रहा है। इससे राज्य और केंद्र की भाजपाई सरकारों के खिलाफ लगभग निस्तेज हो चुके विपक्षी दलों और उनके नेताओं को नई संजीवनी मिल गई है। दिल्ली में राहुल गांधी तथा महाराष्ट्र में ठाकरे बंधुओं के मामले में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है।
ठाकरे बंधुओं खासकर उद्धव ठाकरे, बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आई इस आपदा को अपना पुराना हिसाब चुकता करने के अवसर के रूप में भुनाने का प्रयास करते नजर आ रहे हैं। उल्लेखनीय यह है कि उद्धव को इस लड़ाई में उनके चचेरे भाई राज ठाकरे का भी साथ मिल गया है।
छात्रों के समर्थन के बहाने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे, बीजेपी सरकारों के खिलाफ बड़े शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। ठाकरे बंधुओं ने गुरुवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे आगामी 26 जुलाई को मुंबई में छात्रों के समर्थन में एक भव्य ‘तिरंगा मार्च’ निकालेंगे।
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गैर राजनीतिक होगा आंदोलन
राज ठाकरे ने कहा कि छात्रों के आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद अब मामला केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। बल्कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे तक पहुंच गया है। राज ठाकरे ने कहा कि मार्च पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगा और इसमें केवल राष्ट्रीय ध्वज रहेगा। उन्होंने सभी छात्रों और अभिभावकों से बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ठाकरे बंधुओं के इस कथित तिरंगा मार्च पर तीखा पलटवार किया है।
पाकिस्तान से गुंडे बुलाए !
उद्धव ठाकरे ने दिल्ली में आंदोलनकारी छात्राओं के साथ हुई बदसलूकी को लेकर पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में सादे कपड़ों में घूम रहे गुंडों के हाथों में पुलिस की लाठियां थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा ने छात्रों को पीटने के लिए पाकिस्तान से गुंडे बुलाए थे?
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सीजेआई पर साधा निशाना
दोनों भाइयों ने ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उद्धव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि आज अदालतों के पास कबूतरों और जानवरों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई का समय है, परंतु देश का भविष्य कहलाने वाले विद्यार्थियों की गुहार सुनने का समय नहीं है। छात्र आंदोलन से जुड़े गंभीर मामलों पर न्यायपालिका को तत्काल ध्यान देना चाहिए।
आंदोलन बना गले की फांस
राज ने कहा कि नीट पेपर लीक की यह तीसरी घटना है और शुरू से ही वे इस केंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली के विरोधी रहे है। पहले किसान आत्महत्या कर रहे थे, अब छात्र भी उसी राह पर जा रहे हैं। यह गुस्सा सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था के खिलाफ है।
हमारा आंदोलन बेहद शांतिपूर्ण होगा, लेकिन दिल्ली की तरह यदि यहां किसी ने बल प्रयोग करने या आंदोलन को दबाने की कोशिश की, तो उनके कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे उन्होंने कहा यह मार्च शिवाजी पार्क से शुरू होकर सिद्धिविनायक मंदिर तक जाएगा, जहां भगवान से सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की जाएगी।
