चंडीगढ़ | पंजाब में धान खरीद का पूरा सिस्टम सिर्फ मंडी में फसल खरीदने तक सीमित नहीं है। किसान से धान खरीदे जाने के बाद उसे मंडी से उठाना, मिल तक पहुंचाना, मिलिंग करवाना और फिर तैयार चावल को समय पर एफसीआई तक पहुंचाना ये सभी एक-दूसरे से जुड़ी कड़ियां है
.
इसका मतलब यह है कि खरीद सीजन शुरू होने से पहले सरकार ने पूरी चेन के अलग-अलग हिस्सों के लिए नीति व्यवस्था तैयार कर दी है। मंडी में लेबर और कार्टेज की व्यवस्था रहेगी तो धान की हैंडलिंग और लोडिंग-अनलोडिंग सुचारू होगी।
ट्रांसपोर्टेशन पॉलिसी के जरिए खरीदे गए अनाज की समय पर आवाजाही पर फोकस रहेगा। तीनों नीतियों को एक साथ लाने का मकसद पूरी खरीद प्रक्रिया को अलग-अलग हिस्सों में देखने के बजाय एक पूरी सप्लाई चेन के रूप में व्यवस्थित करना है।
पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में 251 नए पदों को मंजूरी दी गई। धान की खरीद को सुचारू बनाने के लिए कैबिनेट मीटिंग में 3 अहम नीतियों को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने पंजाब लोक सेवा आयोग (ग्रुप ‘ए’) सेवा नियम, 2012 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इससे पंजाब लोक सेवा आयोग में निजी सहायक से निजी सचिव के रूप में पदोन्नति का रास्ता साफ किया गया। वहीं सब-डिविजनल अस्पताल, चमकौर साहिब में 33 पदों को बहाल करने की मंजूरी दी गई है।
सिविल सर्जन कार्यालय, मालेरकोटला के लिए विभिन्न कैडरों के 19 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। सब-डिविजनल अस्पताल, धूरी और वहां नवनिर्मित एमसीएच सेंटर में विभिन्न कैडरों के 119 नए पदों को भी मंजूरी दे दी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में मेडिकल ऑफिसर (डेंटल) के 80 रिक्त पदों को भरने के लिए भी अपनी सहमति दे दी है।
धान का जल्द होगा उठान, समय बचेगा
1.कस्टम मिलिंग पॉलिसी : पहले मिलिंग के बाद चावल की डिलीवरी और स्टॉक की जिम्मेदारी पर जोर था। अब स्टोरेज संकट को ध्यान में रखकर व्यवस्था की गई है। अगस्त में राइस मिलर्स ने सरकार के सामने करीब 15 लाख मीट्रिक टन पिछले सीजन का चावल लंबित होने और स्टोरेज की कमी का मुद्दा उठाया था। इसलिए नई पॉलिसी का सबसे बड़ा व्यावहारिक फोकस धान का समय पर उठान, मिलिंग और तैयार चावल की डिलीवरी के बीच बेहतर तालमेल रखने पर रहेगा।
2. फूड ग्रेन ट्रांसपोर्टेशन पॉलिसी : पहले जीपीएस वाहनों और क्लस्टर क्षमता पर जोर था अब समय पर उठान और स्टोरेज दबाव कम करना बड़ी चुनौती है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जुलाई 2026 के दौरान पंजाब से 75.67 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न बाहर गया, लेकिन राज्य में उपलब्ध कवर स्टोरेज और ओपन स्टोरेज पर अभी भी दबाव है। पंजाब सरकार ने केंद्र से हर महीने कम से कम 12 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उठाने की मांग की है, जबकि मौजूदा उठान करीब 5 लाख मीट्रिक टन प्रतिमाह बताया गया। नई पॉलिसी का महत्व यह है कि मंडी से गोदाम व गोदाम से आगे की मूवमेंट में देरी न हो।
3. लेबर एवं कार्टेज पॉलिसी : अब धान के बड़े सीजन में समय पर लोडिंग-अनलोडिंग पर फोकस रहेगा। नई पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य मंडी में लेबर की उपलब्धता और खाद्यान्न की तेज हैंडलिंग सुनिश्चित करना रहेगा।